हरतालिका तीज गीत: इन पारंपरिक लोकगीतों और भजनों के बिना अधूरा है तीज का त्योहार
Written By : Laveena Sharma
Published : Sep 14, 2026 11:29 am IST,
Updated : Sep 14, 2026 06:57 pm IST
आज हरतालिका तीज है। इस त्योहार पर महिलाएं व्रत रखती हैं और रात में जागरण करती हैं। जागरण के दौरान शिव-पार्वती के भजनों को खूब सुना-सुनाया जाता है, इसलिए हम यहां आपके लिए लेकर आए हैं हरतालिका तीज के कुछ लोकप्रिय भजन।

हरतालिका तीज का पावन पर्व इस साल 14 सितंबर 2026 को मनाया जा रहा है। इस दिन महिलाएं दिन भर निर्जला व्रत रहती हैं और अगले दिन सूर्योदय के बाद अपना व्रत खोलती हैं। इस व्रत में रात्रि जागरण की विशेष परंपरा है। इस दिन आस-पास की महिलाएं एक जगह एकत्रित होकर रात भर माता पार्वती और भगवान शिव के भजन गाती हैं और फिर अगली सुबह शुभ मुहूर्त में अपना व्रत खोलती हैं। यहां आप देखेंगे हरतालिका तीज के कुछ लोकप्रिय भजन जिन्हें आप रात्रि जागरण के समय सुन या सुना सकते हैं।
हरतालिका तीज के गीत
- तीज माता गौरी माता मेरे घर आइए माता
- भोले बाबा गणपत पुत्र साथ लाइए,
- माता विनती करव दोनो कर जोड़ी के।
- माता पहला अरज मेरी सुन लिजिए
- माता मांगों का टीका अमर किजिए ,
- माता मांगो का सिन्दूर अमर किजिए ,
- माता विनती करव दोनो कर जोड़ी के।
- माता दूसरा अरज मेरी सूने लिजिए,
- माता लिलरा के बिन्दीया अमर किजिए,
- माता विनती करव दोनो कर जोड़ी के |
- माता तीसरा अरज मेरी सुन लिजिए,
- माता हांथो का कंगन अमर कीजिए,
- माता हाथों का चुड़िया अमर किजिए,
- माता विनती करव दोनो कर जोड़ी के।
- माता चौथा अरज मेरी सुन लीजिए,
- माता पैरों का पायल अमर किजिए,
- माता पैरों का विछुआ अमर किजिए,
- माता विनंती करव दोनों कर जोड़ी के |
- माता पाचवा, अरज मेरी सुन लिजिए
- माता जीवन साथी अमर किजिए,
- माता गोदी का बालक अमर किजिए,
- माता विनती करव दोनो कर जोड़ी के
- माता छठा अरज मेरी लिजिए माता नईहर ससुर,
- अमर कजिए माता विनती करव दोनो कर जोड़ी के।
सात सखीअन...
- सात सखीअन मिली तीज पूजे चलली है,
- सोने के चबुतरा बनावले गे माई|
- सेही रे चबुतरा चढी बैठेलन तीज माता
- संगवा में भोले बाबा साथ गे माई ।
- काहे लागी अजी माता मुखवा मलिन भइले,
- काहे लागी छोड़ल नगरिया गे माई ।
- नहीयों में अजी सबरे मुखवा मलिन भइले ,
- नहीं हम छोड़ली नगरिया गे माई।
- दिनरात घुमइत रहली भक्त के देखइत रहली,
- दुखवा हम हरइत रहली, सुखवा हम देइत रहली ।
- देइत देइत अइली एही नगरिया गे माई ।
- तोहरों के देवो सांवरो सिर के सेन्दुरवा जी
- चमकत दुनियो इंजोर गे माई |
- स्वामी के देवो को संवरो रोजी रोजगरवा
- जी बालका के देवो सुमति बुद्धिया गे माई |
- तोहरो के देवो सांवरो कंचन देहिया जी
- होइहे न मुखवा मलिन गे माई |
- युग युग जिओ सांवरो गोदी के बलकवा जी
- जनम युग बदय अहियात गे माई।
मिले सातों जनम का प्यार
- मिले सातों जनम का प्यार
- मिले सातों जनम का प्यार मेरे बालम का ।
- हो खुशियों का संसार पिया मन भावन का – – – – – 2
- मिले सातो जनम का प्यार – – – – -2
- हे भोले बाबा हे गौरा रानी मांगू में ये वरदान
- सदा सुहागन का रहे सातो जनम का साथ
- मेरे बालम का मिले सातो जनम का प्यार मेरे बालम का |
- तीज का व्रत त्योहार किया है सजना के नाम का सिन्दुर किया है
- चमके मांगों में सिन्दुर साजन के अभिमान का |
- हे भोले बाबा हे गोरा रानी मांगु मे वरदान सदा सुहागन का |
- रहे सातो जनम का साथ मेरे साजन का – – – – -2
- सिन्दुर सजायी मैने ओढी चुन्दरिया मेरा तो जान है मेरा सांवरिया,
- कभी कम न हो ये लार पिया के चाहत का ।
- हे भोले बाबा हे गौरा रानी मांगु मैं ये वरदान
- सदा सुहागन का रहे जनम जनम का साथ मेरे साजन का – – – – – -2
सजे है अंबर सजी है धरती
- सजे है अंबर सजी है धरती
- सजे है अंबर सजी है धरती
- सजी पुरी आकाश जी
- गौरा जी को लेने आए मेरे भोलेनाथ जी
- घुंघट में चंदा सी लगे मेरी मैया पार्वती
- मन मोहक सा रूप है लगे मेरे भोलेनाथ की
- मिलन की मंगल घड़ी है आई शक्ति शिव के साथ जी
- गौरा जी को लेने आये मेरे भोलेनाथ जी
- सजे है काशी सजी उज्जैनी
- सजी पुरी कैलाश जी
- गौरा जी को लेने ऐ मेरे भोलेनाथ जी
- थामा हाथ मा गौरा का मेरे भोलेनाथ ने
- बचन दिया है साथ रहेंगे हर मुश्किल हालत में
- मिलन की मंगल घड़ी है आई शक्ति शिव के साथ जी
- गौरा जी को लेने ऐ मेरे भोलेनाथ जी
- सजी हिमाचल सजी हिमालय
- सजी पुरी बरात जी
- गौरा जी को लेने ऐ मेरे भोलेनाथ जी
- सात फिरो से आज बनेगी पार्वती भोलेनाथ की
- पुष्प की वर्षा देव करे है नमन करे हर बार जी
- मिलन की मंगल घड़ी है आई शक्ति शिव के साथ जी
- गौरा जी को लेने ऐ मेरे भोलेनाथ जी
- सजे है अंबर साजी है धरती
- सजी पुरी आकाश जी
- गौरा जी को लेने आए
सांसों की माला पे सिमरु में शिव का नाम
- सांसों की माला पे सिमरु में शिव का नाम
- सांसों की माला पे
- सिमरु में शिव का नाम
- अब तो दुनियादारी से है
- मेरा क्या काम
- शिव के रंग में ऐसी डूबा
- बन गया एक ही रूप
- शिव की माला जपते जपते
- हो गयी सुबह श्याम
- सांसों की माला पे…
- शिवजी मेरे दिल में बसे है
- संग रहे दिन रात
- अपने मन की मै जानू
- सब के मन की राम
- सांसो की माला पे
- शिवजी मेरे अंतरयामी
- शिवजी मेरे स्वामी
- शिवजी के चरणों में अर्पण
- ये जीवन तमाम
- सांसों की माला पे…
- प्रेम पियाला जबसे पिया है
- जी का है ये हाल
- अंगारों पे नींद आ जाए
- और कांटो पे आराम
- सांसो की माला पे…
- सांसो की माला पे
- सिमरु मै शिव का नाम
- अब तो दुनियादारी से है
- मेरा क्या काम
- सांसों की माला पे
- सिमरु मै शिव का नाम
फरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना
- फरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना
- फरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना
- नित ध्यान धरु तेरा बिगड़ी को बना जाना
- तुझे अपना समझकर मै फरियाद सुनाता हु
- तेरे दर पर आकर मै नित धुनी रमाता हु
- क्यों भूल गये भगवन मुझे समझ के बेगाना
- फरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना
- मेरी नाव भवर डोले तुम्ही तो खेवैया हो
- जग के रखवाले तुम तुम ही तो कन्हैया हो
- कर नंदी सवारी तुम भवपार लगा जाना
- फरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना
- तुम बिन न कोई मेरा अब नाथ सहारा है
- इस जीवन को मैंने तुझ पर ही वारा है
- मर्जी है तेरी बाबा अच्छा नही तडपाना
- फरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना
- नैनो में भरे आँसू क्यों तरस न खाते हो
- क्या दोष हुआ मुझसे मुझे क्यों ठुकराते हो
- अब मैहर करो बाबा सुन के मेरा अफसाना
- फरियाद मेरी सुनकर भोलेनाथ चले आना
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