मुद्रिका का अर्थ होता है अंगूठी या रिंग कई लोगों की हथेली पर रेखाओं के जरिए उंगलियों के मूल भाग पर मुद्रिका बनती है। हस्तरेखा शास्त्र में इन मुद्रिकाओं के फल के बारे में भी बताया गया है। ऐसे में आज हम आपको हस्तरेखा शास्त्र के जरिए हथेली पर बनने वाली शनि मुद्रिका और बृहस्पति मुद्रिका के बारे में बताने वाले हैं। अगर आपकी हथेली पर ये मुद्रिकाएं या इनमें से कोई एक बनती है तो नीचे विस्तार से जानें की आपको कैसे फल प्राप्त हो सकते हैं।
बृहस्पति मुद्रिका का फल
हथेली में बृहस्पति मुद्रिका तर्जनी उंगली यानि इंडेक्स फिंगर के ठीक नीचे बनती है जिसे आप ऊपर दी गई तस्वीर में भी देख सकते हैं। इसके साथ ही बृहस्पति मुद्रिका अर्ध गोलाकार रेखा होती है और गुरु पर्वत पर बनती है। इसे सुलेमान की अंगूठी भी कहा जाता है और हस्तरेखा शास्त्र में इसे बेहद शुभ माना गया है। बृहस्पति मुद्रिका बहुत ही कम लोगों की हथेली पर देखने को मिलती है और इससे नीचे दिए गए परिणाम प्राप्त होते हैं-
- बृहस्पति मुद्रिका अच्छे भाग्य का सूचक मानी जाती है।
- जिन लोगों की हथेली में बृहस्पति मुद्रिका बनती है उनको गुप्त विद्याओं जैसे ज्योतिष, मंत्र शास्त्र आदि में सफलता प्राप्त हो सकती है।
- स्पष्ट बृहस्पति मुद्रिका व्यक्ति को ज्ञानवान और जिज्ञासु बनाती है।
- ऐसे लोगों के अंदर नेतृत्व करने की अच्छी क्षमता देखी जाती है।
- ऐसे लोग बुद्धिमान और न्याय प्रिय होते हैं।
- अच्छे शिक्षक, नेता, प्रबंधक ऐसे लोग बन सकते हैं।
- बृहस्पति मुद्रिका व्यक्ति को अंतर्ज्ञान दिलाने वाली भी मानी जाती है। जिन लोगों के हाथ में यह मुद्रिका होती है उनकी भविष्यवाणियां सच साबित हो सकती हैं।
- अगर बृहस्पति मुद्रिका टूटी हुई हो तो अच्छे परिणाम मिलने में देरी हो सकती है।
शनि मुद्रिका का फल
शनि मुद्रिका हथेली में मध्यमा उंगली के ठीक नीचे बनती है। आमतौर पर ये रेखा दो भागों में टूटी हुई ही दिखती है और बहुत कम ही लोगों में पूरी गोलाई में ये नजर आती है। हस्तरेखा शास्त्र की मानें तो शनि मुद्रिका व्यक्ति के जीवन में संघर्षों का कारण बन सकती है। शनि मुद्रिका से मिलने वाले फलों के बारे में नीचे बताया गया है।
- शनि मुद्रिका होने से व्यक्ति का आत्मविश्वास कमजोर हो सकता है और अपने दम पर सफलता पाने में देरी ऐसे लोगों को हो सकती है।
- करियर के क्षेत्र में ऐसे लोग चुनौतियों का सामना कर सकते हैं और कठिन प्रयासों के बाद ही करियर में संतुलन आता है।
- ऐसे लोग अस्थिर हो सकते हैं और निराशा भी इनको जल्दी घेर सकती है।
- यह मुद्रिका हथेली में मध्यमा (बीच वाली उंगली) के ठीक नीचे, शनि पर्वत पर बनती है।
- हालांकि शनि मुद्रिका अध्यात्म के क्षेत्र में व्यक्ति को ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। व्यक्ति अगर शिव उपासना, शनि मंत्रों का जप करे तो शनि मुद्रिका के बुरे फल से बच सकता है।
अगर आप जानना चाहते हैं कि हथेली में हृदय रेखा पर द्वीप का होना किस बात का संकेत है और इससे कैसे परिणाम आपको जीवन में मिल सकते हैं तो इस बारे में हमारी वेबसाइट पर विस्तार से पढ़ सकते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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