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हनुमान जी को चोला चढ़ाते समय कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती? जानिए सिंदूर अर्पण की सही विधि

Hanuman Ji Ko Chola Chadhane Ki Sahi Vidhi: हनुमान जी को चोला चढ़ाने से भक्तों के भय दूर होते हैं और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा मिलती है। बजरंगबली को सिंदूर चढ़ाने से राम जी की भी कृपा होती है। लेकिन हनुमान जी को चोला चढ़ाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जानिए सिंदूर अर्पण की सही विधि।

हनुमान जी को सिंदूर चोला चढ़ाने की सही विधि - India TV Hindi
Image Source : PTI हनुमान जी को सिंदूर चोला चढ़ाने की सही विधि

Hanuman ji ko Chola Kaise Chadhaye: कुछ विशेष दिनों पर बजरंगबली की पूजा का खास महत्व माना जाता है। हनुमान जयंती, मंगलवार और शनिवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है। इन खास दिनों पर हनुमान भक्त उनकी कृपा पाने के लिए कई जतन करते हैं, जैसे हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, स्तुति, स्तोत्र और मंत्रों का पाठ। इसके अलावा व्रत, ध्यान आदि भी किया जाता है। इसी तरह हनुमान जी को चोला चढ़ाना भी उनकी आराधना का ही एक अहम हिस्सा है, जिसमें सिंदूर और अन्य सामग्री हनुमान को अर्पित की जाती हैं। आइए जानते हैं हनुमान जी को चोला चढ़ाने की सही विधि क्या है। 

चोला सामग्री (Hanuman Ji Chola Samagri)

  • नारंगी सिंदूर
  • चमेली का तेल या घी
  • चांदी या सोने का वर्क
  • इत्र
  • जनेऊ
  • लाल कपड़े की लंगोट
  • चमेली के फूल

हनुमान जी को चोला चढ़ाने का मंत्र (Hanuman ji ko Chola chadhane ka mantra)

ऐसी मान्यता है कि बजरंगबली को चोला चढ़ाने से साधक की मानसिक और शारीरिक शक्ति में वृद्धि होती है। यह शनि और मंगल जैसे ग्रहों के अशुभ प्रभावों को कम करने में लाभकारी माना जाता है। हनुमान जी को चोला चढ़ाते समय इस मंत्र का जाप करने से वे शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं। 
मंत्र इस प्रकार है: 
'सिन्दूरं रक्तवर्णं च सिन्दूरतिलकप्रिये। 
भक्तयां दत्तं मया देव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम।।'

हनुमान जी को चोला चढ़ाने का सही तरीका (Hanuman Ji Ko Chola Chadhane Ki Sahi Vidhi)

  1. यह शुभ काम करने के लिए सबसे पहले खुद को पवित्र कर लें। 
  2. अब हनुमान जी की मूर्ति को गंगाजल या जल से स्नान कराएं और एक साफ कपड़े से पोंछ लें। 
  3. इसके बाद सिंदूर और चमेली के तेल से एक गाढ़ा मिश्रण बना लें। 
  4. यह मिश्रण सबसे पहले बजरंगबली के बाएं पैर में अर्पित करें। 
  5. इसके बाद धीरे-धीरे पूरे हनुमान जी के पूरे शरीर पर नीचे से ऊपर की ओर तरफ सिंदूर चढ़ाएं। 
  6. हनुमान जी को चोला चढ़ाने के बाद उन्हें जनेऊ पहनाएं। 
  7. अब हनुमान जी को चांदी का वर्क और वस्त्र अर्पित करें। 
  8. संभव हो तो 11, 21 पीपल के पत्तों पर सिंदूर से 'श्रीराम' लिखकर उन्हें अर्पित करें। 
  9. हनुमान जी को चने, गुड़ और मिठाई का भोग लगाएं। 
  10. धूप-दीप जलाकर हनुमान जी के मंत्रों का जाप और चालीसा का पाठ करें। 
  11. अंत में हनुमान जी की आरती करें। इसके बाद सिंदूर का टीका लगाएं और प्रसाद ग्रहण करें। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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