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Lohe Ka Chhalla: शनि के असर से बचना है तो पहनें लोहे का छल्ला, इन राशियों के लिए ये साधारण अंगूठी है बड़ा सुरक्षा कवच

Lohe Ka Chhalla: ज्योतिष के अनुसार लोहे का संबंध शनि ग्रह से है और कुछ राशियों के लिए इसे पहनना बेहद शुभ माना जाता है। मकर, कुंभ, कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को इसका विशेष लाभ मिलता है, बशर्ते इसे सही नियमों के साथ धारण किया जाए।

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Image Source : PEXELS AND INDIA TV इन राशियों के लिए लोहे का छल्ला है बड़ा सुरक्षा कवच

Lohe Ka Chhalla: ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को कर्म, न्याय और अनुशासन का कारक माना गया है। शनि का प्रभाव जीवन में उतार-चढ़ाव, संघर्ष और देरी लाता है। ऐसे में शनि के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए लोहे की अंगूठी या छल्ला पहनने को कहा जाता है, जो शनि ग्रह से जुड़ी ऊर्जा को संतुलित करता है। तो चलिए जानते हैं यह साधारण सी अंगूठी कैसे और किन राशियों के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है।  

लोहे का छल्ला क्यों है खास

शनि ग्रह की प्रकृति कठोर और न्यायप्रिय मानी जाती है और उसका धातु लोहा बताया गया है। इसी कारण लोहे से बनी चीजें शनि की ऊर्जा से जुड़ी मानी जाती हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के दौरान लोहे का छल्ला नकारात्मक प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है।

इन लोगों को मिलता है फायदा

यह केवल एक आभूषण नहीं, बल्कि शनि के प्रभाव को संतुलित करने का प्रतीक माना गया है। ज्योतिषियों के अनुसार मकर और कुंभ राशि के स्वामी स्वयं शनि देव होते हैं, इसलिए इन राशियों के लिए लोहे का छल्ला विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। इसके अलावा कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को भी इससे सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है। हालांकि, इसे पहनने से पहले किसी विशेषज्ञ ज्योतिष की सलाह लेना जरूर लेनी चाहिए।

पहनने का सही दिन और तरीका

लोहे का छल्ला हमेशा शनिवार के दिन पहनना शुभ माना जाता है। इसे सूर्यास्त के बाद धारण करना बेहतर माना गया है। इसे मध्यमा उंगली (बीच वाली) में पहना जाता है, क्योंकि यह उंगली शनि ग्रह से जुड़ी मानी जाती है।

शुद्धि के लिए जरूरी प्रक्रिया

  • छल्ला पहनने से पहले इसे कुछ घंटों के लिए सरसों या तिल के तेल में रखना शुभ माना जाता है। इससे रिंग की शुद्धि होती है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। 
  • लोहे का छल्ला धारण करने के बाद शनि देव की पूजा करने की सलाह दी जाती है। शाम के समय 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करना शुभ फल देता है और इससे शनि की कृपा प्राप्त होती है।

नकारात्मक ऊर्जा से बचाव

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार लोहे का छल्ला बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा प्रदान करता है। साथ ही इसे जीवन में स्थिरता लाने, मानसिक शांति बढ़ाने और बार-बार होने वाली परेशानियों को कम करने में सहायक माना जाता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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