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June Ekadashi 2026: जून की इस एकादशी से मिलेगा सभी 24 एकादशियों का पुण्य, भीमसेन ने भी रखा था यह व्रत

June Ekadashi 2026: जून महीने में एक ऐसी एकादशी आने वाली है जिसका महत्व बाकी एकादशियों से कई गुना ज्यादा माना जाता है। ये एकादशी है 'निर्जला एकादशी' जिसे भीमसेनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।

june ekadashi 2026- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV जून में एकादशी कब है 2026

June Ekadashi 2026: एक साल में 24 या 25 एकादशी पड़ती हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि सभी में निर्जला एकादशी का सबसे ज्यादा महत्व माना जाता है। इसे बड़ी एकादशी भी कहते हैं क्योंकि इसका पुण्य सभी एकादशी व्रत से ज्यादा प्राप्त होता है। ये एकादशी ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष के 11वें दिन पड़ती है। पंचांग अनुसार इस साल निर्जला एकादशी व्रत 25 जून 2026, गुरुवार को रखा जाएगा। ये व्रत बाकी एकादशी व्रतों से कठिन होता है क्योंकि इसमें जल तक का सेवन नहीं किया जाता है। चलिए जानते हैं निर्जला एकादशी का व्रत कैसे रखते हैं।

निर्जला एकादशी व्रत 2026 कब से कब तक रखा जाएगा?

निर्जला एकादशी व्रत 25 जून 2026 के सूर्योदय से लेकर 26 जून की सुबह 4 बजकर 57 मिनट तक रखा जाएगा। इस व्रत का पारण समय 26 जून की सुबह 04:57 से 07:42 बजे तक रहेगा।

निर्जला एकादशी व्रत विधि

  • निर्जला एकादशी व्रत निर्जला रखा जाता है यानी इस व्रत में अन्न और जल कुछ भी ग्रहण नहीं किया जाता है।
  • इस एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर व्रत का संकल्प लें।
  • इसके बाद भगवान विष्णु की विधि विधान पूजा करें।
  • उन्हें भोग लगाएं। 
  • भगवान के मंत्रों का जाप करें।
  • सत्तू, जल से भरा मटका, शरबत, छाता और पंखे के दान करें।
  • रातभर जागरण करें और फिर अगले दिन सुबह व्रत का पारण करें।

भीमसेन ने भी रखा था ये एकादशी व्रत

पांडु पुत्र भीमसेन खाने-पीने के बेहद शौकीन थे जो अपनी भूख को नियंत्रित नहीं कर पाते थे, इसलिए उनके लिए सभी एकादशियों का व्रत रहना लगभग असंभव था। इसी कारण से वे एकादशी व्रत नहीं रह पाते थे। लेकिन उनके बाकी भाई और द्रौपदी पूरी श्रद्धा से ये व्रत किया करते थे। भीमसेन को एकादशी व्रत न करना भगवान विष्णु का अनादर लग रहा था। ऐसे में इस समस्या के समाधान के लिए भीमसेन महर्षि व्यास के पास पहुंचे। जिन्होंने भीम को निर्जला एकादशी व्रत करने की सलाह दी। महर्षि ने भीम से कहा अगर तुम इस एक एकादशी पर निर्जला व्रत रहते हो तो तुम्हें सभी एकादशियों का पुण्यफल प्राप्त हो जाएगा। इसके बाद भीम ने इस व्रत को रखना शुरू कर दिया। भीम के कारण ही इस एकादशी का नाम भीमसेनी एकादशी पड़ा।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. निर्जला एकादशी किस महीने में आती है?

निर्जला एकादशी ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष के 11वें दिन आती है।

2. निर्जला एकादशी में जल पी सकते हैं?

निर्जला एकादशी व्रत वैसे तो निर्जला रखा जाता है लेकिन कई जगहों पर इस दिन जल का सेवन कर लिया जाता है।

3. निर्जला एकादशी को किन-किन नामों से जाना जाता है?

निर्जला एकादशी को भीमसेनी एकादशी, ज्येष्ठ एकादशी और बड़ी एकादशी के नाम से जाना जाता है।

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