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Karva Chauth 2026: 29 या 30 अक्टूबर... कब है करवा चौथ? जानिए इस पर्व का पौराणिक इतिहास और महत्व

करवा चौथ का व्रत महिलाएं निर्जला रखती हैं यानी इस व्रत में अन्न और जल कुछ भी ग्रहण नहीं किया जाता है। मान्यता है इस व्रत को रखने से पति को लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

karva chauth 2026- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV करवा चौथ 2026

Karwa Chauth 2026: पंचांग अनुसार करवा चौथ का पावन पर्व प्रत्येक वर्ष कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए निर्जला व्रत रहती हैं। शुभ मुहूर्त में करवा माता की पूजा करती हैं और इस व्रत की पावन कथा सुनती हैं। फिर रात में चांद को देखकर अपना व्रत खोलती हैं। लेकिन इस बार करवा चौथ की डेट को लेकर थोड़ा असमंजस बना हुआ है कि ये त्योहार 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा या फिर 30 अक्टूबर को। यहां हम आपको करवा चौथ की सही डेट तो बताएंगे ही साथ ही इस पर्व का इतिहास भी बताएंगे।

करवा चौथ 2026 तिथि और मुहूर्त

  • करवा चौथ - 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार
  • करवा चौथ पूजा मुहूर्त - 05:38 PM से 06:56 PM
  • करवा चौथ व्रत समय - 06:31 AM से 08:17 PM
  • करवा चौथ के दिन चन्द्रोदय - 08:17 PM

करवा चौथ का इतिहास क्या है?

कहा जाता है कि करवा नाम की एक पतिव्रता स्त्री थी जो अपने पति के साथ ही नदी के किनारे एक गांव में रहा करती थी। एक दिन जब उसका पति नदी में स्नान कर रहा था तभी अचानक से एक मगर ने उसका पैर पकड़ लिया। वह मनुष्य डर के मारे करवा-करवा कहकर अपनी पत्नी को पुकारने लगा। पति की आवाज सुनकर उसकी पत्नी भागी हुई आई और उसने मगरमच्‍छ को कच्चे धागे से बांध दिया। इसके बाद वो स्त्री यमराज के यहां पहुंची और कहने लगी कि हे भगवन! मेरे पति को जीवनदान दीजिए और मगरमच्छ को उसके इस अपराध की सजा दें। 

करवा के इस साहस, दृढ़ संकल्प और पति के प्रति समर्पण को देखकर यमराज और चित्रगुप्त प्रसन्न हुआ और उन्होंने करवा के पति को लंबी आयु का आशीर्वाद दिया। इसके साथ ही उन्होंने मकरमच्छ को यमपुरी भेज दिया। कहते हैं तभी से यह माना जाता है कि जो महिलाएं कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को श्रद्धापूर्वक करवा चौथ का व्रत रखेंगी और विधिवत् करवा माता की पूजा करेंगी, उनके सुहाग को लंबी आयु का आशीर्वाद मिलेगा। साथ ही उसके वैवाहिक जीवन में भी खुशियां बनी रहेंगी।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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