शनि की स्थिति से पता चलता है कब बना पाएंगे अपना मकान, आप भी कुंडली देखकर कर लें पता
शनि ग्रह को भले ही ज्योतिष में क्रूर ग्रहों की श्रेणी में रखा गया हो लेकिन इनकी कुंडली में स्थिति आपको जीवन में लाभ भी जरूर दिलाती है। शनि की स्थिति से यह भी पता चलता है कि आपका अपना मकान कब होगा। आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।

शनि ग्रह को ज्योतिष में न्याय का देवता कहा जाता है। शनि को लेकर भले ही लोगों के मन में ये धारण हो कि शनि व्यक्ति का अहित करते हैं लेकिन वास्तविकता में वो आपको जीवन में संघर्षों के बाद बड़ी सफलता दिलाने वाले ग्रह भी हैं। इसके साथ ही शनि ग्रह मजदूरी, भवन, लोहा आदि के कारक ग्रह भी माने जाते हैं। इसलिए कुंडली में इनकी स्थिति से यह भी पता चलता है कि आपका अपना भवन कब होगा। ऐसे में आज हम लाल किताब की मदद से आपको बताने वाले हैं कि अलग-अलग भाव में बैठे शनि से कैसे पता चलता है कि आपका मकान कब बनेगा।
कुंडली के पहले भाव में शनि
कुंडली के पहले भाव में यदि शनि उपस्थित हो तो ऐसे जातकों को मकान बनाने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता। कम प्रयासों के बाद भी ये अपना घर पा सकते हैं। वहीं कुंडली के पहले भाव में शनि हो और सातवें, दसवें भाव में कोई ग्रह नहीं हो तो आलीशान मकान बनाने में ऐसे लोग कामयाब हो सकते हैं।
कुंडली के दूसरे भाव में शनि
इस भाव में शनि की स्थिति के चलते व्यक्ति के दो मकान हो सकते हैं। हालांकि ये मकान बहुत बड़े नहीं होंगे लेकिन जीवनयापन करने के लिए पर्याप्त होंगे।
कुंडली के तीसरे भाव में शनि
कुंडली के तीसरे भाव में शनि के होने पर कुछ दिक्कतें व्यक्ति को मकान बनाने में हो सकती हैं। इसलिए शनि के उपाय ऐसे लोगों को करने चाहिए। शनि के उपाय करने पर इस भाव में बैठा शनि आपको भूमि-भवन का सुख अवश्य देता है।
कुंडली के चौथे भाव में शनि
कुंडली का चौथा भाव सुख का भाव कहा जाता है। इस भाव में यदि शनि हो तो व्यक्ति किसी न किसी प्रकार से अपना घर बना पाने में सक्षम हो ही जाता है।
कुंडली के पांचवें भाव में शनि
ऐसे लोग जिनके पंचम भाव में शनि हो उनका मकान 45 के बाद बने तो शुभ होता है। यह संतान का भाव है इसलिए 45 साल से पहले अगर ये घर बनवा रहे हैं तो संतान को परेशानियां आ सकती हैं। हालांकि काली गाय का दान करने के बाद 45 के बाद मकान बनाने से भी शुभ परिणाम इनको मिल सकते हैं।
कुंडली के छठे भाव में शनि
कुंडली के छठे भाव में शनि हो तो व्यक्ति 40 से पहले अपना मकान पा लेता है। ऐसा करने से शुभ फलों की प्राप्ति भी ऐसे लोगों को होती है।
कुंडली के सातवें भाव में शनि
भूमि-भवन के लिहाज से कुंडली के सातवें भाव में बैठा शनि शुभ माना जाता है। ऐसे लोगों को पैतृक संपत्ति भी मिलती है और साथ ही ऐसे लोग खुद का मकान भी बना सकते हैं।
कुंडली के आठवें भाव में शनि
आठवें भाव में शनि का होना भूमि-भवन के लिए अच्छा नहीं होता। ऐसे लोगों को मकान बनाने में बहुत संघर्ष करने पड़ सकते हैं। हालांकि कुंडली में राहु-केतु शुभ अवस्था में हों तो आसानी से मकान बना सकते हैं। ऐसे लोगों को शनि के उपाय अवश्य करने चाहिए।
कुंडली के नवें भाव में शनि
इस भाव में शनि के होने से व्यक्ति के दो मकान आसानी से हो सकते हैं। हालांकि इनको तीसरा मकान लेने या बनवाने से बचना चाहिए, ऐसा करने पर सेहत और आयु पर खतरा बन सकता है। ऐसे लोगों को पत्नी के गर्भवती होने पर मकान का कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए।
कुंडली के दसवें भाव में शनि
दसवें भाव में शनि के होने पर 48 साल के बाद घर बनवाना बेहद शुभ होता है। अगर ऐसे लोग 48 से पहले घर बनाते हैं तो उसके किसी ने किसी काम को अधूरा छोड़ दें नहीं तो दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
कुंडली के ग्यारहवें भाव में शनि
11वें भाव में शनि के होने पर 55 से पहले मकान बनना मुश्किल हो सकता है और ऐसा करना अच्छा भी नहीं माना जाता। अगर घर लेना जरूरी हो तो माता-पिता या अपने जीवनसाथी के नाम से ही लें।
कुंडली के बारहवें भाव में शनि
इस भाव में शनि के होने से व्यक्ति को अपना घर अवश्य प्राप्त होता है। ऐसे लोग अगर छोटा घर लेकर उसे ही बाद में बड़ा करवाएं तो इनके लिए शुभ माना जाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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