ज्योतिष शास्त्र में कुंडली के छठे भाव को मुख्य रूप से रोग, ऋण और शत्रुओं का कारक माना जाता है। इस भाव को रोग भाव के नाम से भी लोग पुकारते हैं। कुंडली के छठे भाव में बैठे ग्रह और इस भाव में स्थित राशि से व्यक्ति के स्वास्थ्य के बारे में काफी कुछ जानकारियां मिलती हैं। इस भाव की स्थिति को देखकर आप भी जान सकते हैं कि आपका स्वास्थ्य किन वजहों से खराब हो सकता है, क्या रोग आपको लग सकेत हैं और क्या सावधानियां आपको बरतनी चाहिए।
छठा भाव किन शारीरिक अंगों का कारक
छठे भाव से शरीर के मध्य भाग जैसे पाचन तंत्र, पेट, आंत का पता चलता है। इसके साथ ही आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी इस भाव से पता चलती है।
छठे भाव में बैठे ग्रह और इनकी वजह से होने वाले रोग
- सूर्य- आंख, हृदय, हड्डियों से संबंधित रोग।
- चंद्रमा- मानसिक तनाव, अनिद्रा, कफ, फेफड़ों और पाचन तंत्र से जुड़े रोग।
- मंगल- ब्लड प्रेश, रक्त से संबंधित रोग, इंफेक्शन आदि।
- बुध- तंत्रिका तंत्र से संबंधित रोग, त्वचा संबंधी रोग, वाणी दोष, मसूड़ों से जुड़ी समस्याएं।
- गुरु- मोटापे की समस्या, लीवर से जुड़े रोग, डायबिटीज, पित्ताशय से जुड़े रोग।
- शुक्र- गुप्त रोग, किडनी से जुड़े रोग, हार्मोनल असंतुलन आदि।
- शनि- नसों से जुड़े रोग, जोड़ों में दर्द, लंबी बीमारियां, दांतों से जुड़ी समस्याएं।
- राहु- इंफेक्शन, गैस, फोड़े-फुंसी, मानसिक भ्रम, समझ न आने वाली बीमारियां।
- केतु- आंत से संबंधित रोग, एलर्जी, जोड़ों में दर्द।
छठे भाव में राशि से रोग का पता
- अगर छठे भाव में 1, 5, 9 लिखा है तो समझ लें कि छठे भाव में अग्नि तत्व की राशि का प्रभाव है। अग्नि तत्व के प्रभाव के चलते फोड़े-फूंसी, सूजन, पाचन तंत्र, बदहजमी, ऐसिडिटी से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
- अगर छठे भाव में 2, 6, 10 लिखा है तो छठे भाव पर पृथ्वी तत्व का प्रभाव होगा। ऐसे में आपको मोटापे, कोलोस्ट्रॉल, हड्डियों, हृदय से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
- अगर छठे भाव में 3, 7, 11 लिखा है तो छठा भाव वायु तत्व प्रधान होगा। ऐसे में आपको कब्ज, लकवा, गठिया, अनिद्रा, अवसाद जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- अगर छठे भाव में 4, 8, 12 लिखा हो तो छठा भाव जल तत्व पधान होगा। ऐसे में लिवर, रसौली, मोटापे जैसी समस्याएं हो सकते हैं साथ ही ऐसे लोगों को सर्दी-जुकाम भी बार-बार हो सकता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
यह भी पढ़ें:
शनि वक्री होकर भी बना सकते हैं पराक्रमी और धनवान, कुंडली के 3 भावों में हों अगर स्थित