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Magh Purnima Shubh Muhurt, Aarti, Chandroday Live: माघ पूर्णिमा का पवित्र स्नान हुआ शुरू, जानें चंद्रोदय का समय, आरती, व्रत कथा, पूजा विधि और सबकुछ

Magh Purnima Shubh Muhurt, Aarti, Chandroday Live: माघ पूर्णिमा का पावन पर्व 1 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन दान-पुण्य के साथ ही माता लक्ष्मी और चंद्र देव की आराधना करना भी शुभ माना जाता है। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त कब रहेगा और किस विधि से आपको पूजा करनी चाहिए, आइए जानते हैं।

Magh Purnima- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK माघ पूर्णिमा 2026

Magh Purnima Shubh Muhurt, Aarti, Chandroday Live: माघ पूर्णिमा का पवित्र स्नान और व्रत 1 फरवरी 2026 को किया जाएगा। इस दिन पर स्नान के साथ ही दान-पुण्य और पूजा-पाठ किया जाता है। माघी पूर्णिमा पुत्र और सौभाग्य देने वाली मानी जाती है। हर वर्ष माघ माह में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को माघी पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है। ऐसे में आइए जान लेते हैं कि माघ पूर्णिमा के दिन पूजा, दान, स्नान का शुभ मुहूर्त कब रहेगा और किस विधि से आपको इस दिन देवी-देवताओं की पूजा करनी चाहिए। 

माघ पूर्णिमा 2026 (Magh Purnima 2026)

  • पूर्णिमा तिथि की शुरुआत- 1 फरवरी 2026 की सुबह 05:52 से
  • पूर्णिमा तिथि की समाप्ति- 2 फरवरी की सुबह 03:38 बजे
  • उदयातिथि की मान्यता के अनुसार माघ पूर्णिमा का व्रत 1 फरवरी को ही रखा जाएगा।

स्नान-दान और पूजा का शुभ मुहूर्त 

ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 5 बजकर 24 मिनट से 6 बजकर 17 मिनट तक
प्रात: संध्या- सुबह 5 बजकर 57 मिनट से 7 बजकर 13 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 30 मिनट से 1 बजकर 15 मिनट तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 2 बजकर 45 मिनट से 3 बजकर 31 मिनट तक

चंद्रोदय का समय (Moon Rise Time)

माघ पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की पूजा करना भी बेहद शुभ माना जाता है। 1 फरवरी को चंद्रोदय शाम 5 बजकर 26 मिनट पर होगा इसके बाद आप चंद्रमा को अर्घ्य दे सकते हैं और पूजा-पाठ कर सकते हैं। 

माघ पूर्णिमा पूजा विधि (Magh Purnima Puja Vidhi)

  • पूर्णिमा के दिन विष्णु भगवान की पूजा-उपासना के साथ ही देवी लक्ष्मी, महादेव और चंद्रदेव की पूजा भी की जाती है।
  • इस दिन भगवान सत्यनारायण की कथा कराना भी बेहद शुभ माना जाता है।
  • इस दिन लोग धूप-दीप, तुलसी, पान, सुपारी रोली-मोली, तिल, दूर्वा से भगवान विष्णु की उपासना करते हैं।
  • भगवान को पंचामृत का भोग लगाया जाता है। 
  • प्रसाद के लिए आटे को भुनकर उसमें शक्कर और केले की फली मिलाकर पंजीरी बनाई जाती है।
  • व्रत रखने वालों को पंजीरी का भोग भगवान विष्णु को भी लगाना चाहिए और इसे प्रसाद के रूप में वितरित भी करना चाहिए। 
  • सुबह के समय और सूर्यास्त के बाद दोनों समय इस दिन भगवान-विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना आपको करनी चाहिए। 
  • इसके साथ ही भगवान शिव, चंद्र देव, माता गंगा की आरती का पाठ करने से भी इस दिन आपको शुभ फल मिलते हैं। 

 

Live updates : Magh Purnima Shubh Muhurt, Aarti, Chandroday Live:

  • 2:29 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Magh Purnima Upay: माघ पूर्णिमा की रात करें तुलसी का ये उपाय

    माघ पूर्णिमा की रात्रि में आपको तुलसी के पास घी का दीपक जलाना चाहिए और उसके बाद 7 बार तुलसी की परिक्रमा करनी चाहिए। ऐसा करने से मां लक्ष्मी और तुलसी की कृपा आपको प्राप्त होती है। 

  • 1:47 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Magh Purnima: माघ पूर्णिमा की शाम करें ये उपाय, धन-धान्य की होगी प्राप्ति

    माघ पूर्णिमा के दिन शाम के समय लक्ष्मी पूजन किया जाता है। अगर इस दिन आप लक्ष्मी पूजन के दौरान 11 कौड़ियां माता लक्ष्मी को चढ़ाते हैं और पूजा के बाद इन कौड़ियों को अपने घर की तिजोरी में रखते हैं तो आपके घर में धन-धान्य की बरकत हो सकती है। यह आसान सा उपाय आपको आर्थिक लाभ दिला सकता है। 

  • 1:05 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Magh Purnima: माघ पूर्णिमा की रात में करें खीर का ये उपाय

    माघ पूर्णिमा की रात में चंद्रमा की रोशनी में खीर आपको रखनी चाहिए और पूरी रात इसे छन्नी से ढककर रखे देना चाहिए। इसके बाद सुबह इस खीर को माता लक्ष्मी को अर्पित करने के बाद आपको प्रसाद के रूप में ग्रहण करना चाहिए। ऐसा करने से सुख-समृद्धि और धन लाभ आपको प्राप्त हो सकता है। 

  • 12:39 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    माघ पूर्णिमा पर करें भगवान विष्णु के इन 11 नामों का जप

    केशव
    नारायण
    माधव
    गोविन्द
    विष्णु
    मधुसूदन
    त्रिविक्रम
    वामन
    श्रीधर
    हृषीकेश
    पद्मनाभ

  • 12:09 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Magh Purnima: प्रयागराज में माघ पूर्णिमा स्नान के लिए उमड़ा भक्तों का सैलाब

    प्रयागराज में लगभग 90 लाख लोगों ने माघ पूर्णिमा के पवित्र मौके पर गंगा में डूबकी लगाई। 

    Image Source : PTIमाघ पूर्णिमा
  • 11:20 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    माघ पूर्णिमा व्रत के दिन किन चीजों का दान करना शुभ

    माघ पूर्णिमा के दिन व्रत रखने वालों को यथासंभव अन्न, वस्त्र और धन का दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। 

  • 10:13 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    माघ पूर्णिमा पर करें माता लक्ष्मी के इस मंत्र का जप

    माघ पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी के मंत्र- 'ॐ श्रीं हीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं हीं श्रीं महालक्ष्यै नमः' का 108 बार जप करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से आपके जीवन की सभी आर्थिक परेशानियों का अंत हो सकता है। 

  • 9:05 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा पर इन चंद्र मंत्रों का जप करना शुभ

    • ॐ चंद्राय नमः।
    • ॐ सों सोमाय नमः।
    • ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः।
    • ॐ ह्रीं चंद्रप्रभ नमस्तुभ्यं मम शांतिः शांतिः। 
    • ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृत तत्वाय धीमहि तन्नो चंद्र प्रचोदयात।
  • 8:03 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Magh Purnima: माघ पूर्णिमा पर पुष्य नक्षत्र और शुक्र उदय से इन 4 राशियों को लाभ

    माघ पूर्णिमा के दिन पुष्य नक्षत्र रहेगा और साथ ही इस दिन शुक्र भी उदय होंगे। ऐसे में राशिचक्र की 4 राशियों वृषभ, कर्क, तुला और मकर को जीवन में शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। पारिवारिक जीवन में खुशियां आएंगी और साथ ही करियर के क्षेत्र में भी ये राशियां लाभ पा सकती हैं। 

  • 7:31 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Magh Purnima Par Shukra Uday: माघ पूर्णिमा पर शुक्र ग्रह होंगे उदय, मांगलिक कार्यों की होगी शुरुआत

    शुक्र ग्रह को सौंदर्य, प्रेम और रचनात्मकता का कारक ग्रह माना जाता है। ऐसे में अस्त अवस्था में शुक्र का होना अच्छा नहीं माना जाता है और इसलिए शुक्रास्त में मांगलिक कार्य भी नहीं होते। हालांकि, 1 फरवरी माघ पूर्णिमा के दिन शुक्र ग्रह मकर राशि में उदय हो जाएंगे और शुभ मांगलिक कार्यों की शुरुआत साल 2026 में होगी। 

  • 7:11 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Magh Purnima 2026: चंद्रमा का पूजन के लिए मुख्य सामग्रियां

    माघ पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की पूजा का भी विधान है। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा शाम 5 बजकर 26 मिनट पर उदय होंगे और इसके बाद ही चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाएगा और पूजा की जाएगी। पूजा के लिए नीचे दी गई सामग्रियां आपको पहले ही एकत्रित कर लेनी चाहिए। 

    • सफेद चंदन
    • अक्षत (अटूट चावल)
    • कच्चा दूध
    • एक लोटा जल
  • 6:58 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Magh Purnima: माघ पूर्णिमा के दिन क्या करें और क्या नहीं?

    1. माघ पूर्णिमा के वस्त्र, तिल, भोजन, गुड़, कपास, घी, लड्डू, फल और अन्न आदि का दान करें।
    2. धूप-दीप, तुलसी, पान, सुपारी रोली-मोली, तिल, दूर्वा से भगवान विष्णु की पूजा करें।
    3. पूजा करते हुए 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जप करें। 
    4. विष्णु के साथ ही माता लक्ष्मी, चंद्रमा और भगवान शिव की भी उपासना करें।
    5. पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान-दान करें।
    6. पूर्णिमा के दिन  सात्विक भोजन का सेवन करें।
    7. माघ पूर्णिमा के दिन किसी के लिए कोई भी अपशब्द का प्रयोग न करें।
    8. पूर्णिमा के दिन तामसिक चीजों से दूर रहे।
    9. पूर्णिमा के दिन लहसुन-प्याज का भी सेवन न करें।
  • 6:48 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Magh Purnima: माघ पूर्णिमा 2026 पर शुभ योग

    माघ पूर्णिमा के दिन प्रीति योग, आयुष्मान योग, सर्वार्थ सिद्धि योग रहेंगे इसके साथ ही रवि पुष्य नक्षत्र भी रहेगा और ये भी शुभ योग माना जाता है। खास बात यह भी है कि साल 2026 में माघ पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी राशि कर्क में विराजमान होंगे। 

  • 6:32 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Magh Purnima: माघ पूर्णिमा पर स्वराशि में चंद्रमा और रवि पुष्य योग

    माघ पूर्णिमा का पवित्र स्नान शुरू हो चुका है। माघ पूर्णिमा के दिन स्नान-दान और धार्मिक क्रियाकलाप करना बेहद शुभ माना जाता है। माघ पूर्णिमा पर चंद्रमा स्वराशि में विराजमान हैं और साथ ही रवि पुष्य योग भी इस दिन बना है। ऐसे में दान-पुण्य का कई गुना लाभ भक्तों को आज के दिन प्राप्त हो सकता है। 

  • 11:59 PM (IST) Posted by Arti Azad

    पितरों को तर्पण और पीपल की पूजा

    माघी पूर्णिमा पर पितरों को तर्पण करना अच्छा माना जाता है। इससे पितृदेव प्रसन्न होते हैं और आयु और आरोग्यता में वृद्धि होती है। 
    हिंदू धर्म में पीपल के वृक्ष का विशेष महत्व। माघ पूर्णिमा पर पीपल के पेड़ की पूजा करने का विशेष महत्व माना जाता है। पीपल के पेड़ पर दूध मिश्रित जल चढ़ाएं और घी का दीपक जला

  • 11:45 PM (IST) Posted by Arti Azad

    सोना खरीदना शुभ

    पूर्णिमा तिथि पर सोना खरीदना बहुत ही शुभ और अच्छा माना जाता है। 
    रवि पुष्य योग के संयोग में सोना खरीदने से धन-धान्य में वृद्धि होती है। 
    इस दिन श्रीसूक्त या फिर कनकधारा स्त्रोत का पाठ करना चाहिए।

  • 11:24 PM (IST) Posted by Arti Azad

    माघ पूर्णिमा पर पवित्र नदी में स्नान का महत्व

    माघी पूर्णिमा पर अपने आसपास किसी पवित्र नदी में स्नान जरूर करना चाहिए।
    इस पवित्र दिन पर गंगा स्नान करने से शुभ फलों में वृद्धि और अक्षय फल की प्राप्ति होती है। 
    इस दिन गंगा स्नान के बाद भगवान विष्णु की विशेष रूप से पूजा करें। मान्यता है कि ऐसा करने से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिलती है। 

  • 11:06 PM (IST) Posted by Arti Azad

    माघ पूर्णिमा प्रमुख मान्यताएं और परंपराएं

    माना जाता है कि  माघ पूर्णिमा के दिन प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर स्नान करने से 'अश्वमेध यज्ञ' के समान फल मिलता है। साथ ही माघ पूर्णिमा पर तर्पण करने से पूर्वजों को तृप्ति मिलती है और परिवार में पितृ दोष शांत होता है।  माघ पूर्णिमा को काले तिल और काले कंबल का दान करना बेहद शुभ माना गया है।

  • 10:35 PM (IST) Posted by Arti Azad

    पूर्णिमा व्रत के नियम

    पूर्णिमा के दिन मन, वचन और कर्म से शुद्धता बनाए रखें और ब्रह्मचर्य का पालन करें। 
    इस दिन प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन का त्याग करें। संभव हो तो फलाहार व्रत रखें।
    व्रत के दौरान ज्यादा बोलने के बजाय पूजा और ध्यान पर जोर दें। 
    रात में चंद्रमा को दूध और जल का अर्घ्य जरूर दें, इससे मन को शांति मिलती है।

     

  • 9:56 PM (IST) Posted by Arti Azad

    माघी पूर्णिमा कल्पवास की पूर्णाहुति का समय

    शास्त्रों के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को स्वयं देवता स्वर्ग से पृथ्वी पर गंगा स्नान के लिए आते हैं, इसलिए प्रयागराज और अन्य पवित्र नदियों में स्नान का अनंत महत्व है। इस दिन दान-पुण्य करने से न केवल सुख-समृद्धि मिलती है, बल्कि पूर्वजों का आशीर्वाद भी मिलता है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन कल्पवास की पूर्णाहुति का समय होता है। श्रद्धालु पूरे एक महीने तक संगम के किनारे कठिन व्रत और साधना करते हैं और माघ पूर्णिमा के अंतिम स्नान के साथ अपने व्रत का समापन करते हैं। सत्यनारायण कथा और चंद्र देव की पूजा इस दिन के आध्यात्मिक लाभ को कई गुना बढ़ा देती है।

  • 9:13 PM (IST) Posted by Arti Azad

    माघ पूर्णिमा पर किसकी होती है पूजा

    माघ पूर्णिमा की शुभ तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान, व्रत, देवी-देवताओं की पूजा अर्चना, दान और चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा को अर्घ्य अवश्य दिया जाता है, जिससे कई परेशानियों से मुक्ति मिलती है और व्रत पूर्ण भी होती है। माघ पूर्णिमा पर सत्यनारायण भगवान की पूजा करने का विधान है और पूजा करके सत्यनारायण भगवान की व्रत कथा का पाठ अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

  • 8:42 PM (IST) Posted by Arti Azad

    माघ पूर्णिमा 2026 चंद्रोदय का समय

    माघ पूर्णिमा पर चांद निकलने का समय शाम को 5 बजकर 46 मिनट पर होगा। चंद्रोदय के पश्चात चंद्रमा को अर्घ्य देने का विधान होता है।

     

  • 8:05 PM (IST) Posted by Arti Azad

    माघ पूर्णिमा पूजा विधि

    • पूर्णिमा तिथि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद सूर्यदेव को अर्घ्य देना चाहिए। इसके बाद शांत मन से व्रत का संकल्प लें।
    • अपने घर के पूजा स्थल पर एक चौकी पर साफ लाल या पीले रंग का वस्त्र बिछाएं। अब उस पर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
    • चारों ओर गंगाजल का छिड़काव करें। चौकी के चारों तरफ कलावा अवश्य बांधें। फिर, विष्णुजी का पंचामृत से स्नान कराएं।
    • भगवान विष्णु को वस्त्र आदि अर्पित करके उनका तिलक करें। अब केले, पंचामृत, कसाल आदि चढ़ाएं और विधि पूर्वक पूजा आरती करें।
    • पूर्णिमा तिथि पर व्रत कथा का पाठ भी अवश्य करना चाहिए। इससे पूर्ण फल की प्राप्ति होती है।

     

  • 7:18 PM (IST) Posted by Vineeta Mandal

    माघ पूर्णिमा पर स्नान का महत्व

    कहते हैं कि माघी पूर्णिमा के दिन स्वयं विष्णु भगवान प्रयाग नदी में डुबकी लगाने आते हैं और वहां डुबकी लगाने आए सभी भक्तों का दुःख हर लेते हैं। इस दिन स्नान के समय गायत्री मंत्र का जाप करना फलदायी होता है। इसलिए माघी पूर्णिमा के दिन स्नान के समय गायत्री मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए।

     

  • 6:12 PM (IST) Posted by Arti Azad

    पूर्णिमा व्रत में किन चीजों का करते हैं सेवन?

    पूर्णिमा का व्रत करने वाले कई लोग केवल जल पीकर उपवास करते हैं और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करते हैं। वहीं, कुछ लोग पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देते हैं।  इस दिन चाय, कॉपी, मसाले, अनाज, नमक आदि का सेवन करना वर्जित बताया गया है। पूर्णिमा व्रत में सात्विक चीजें जैसे जल, फल, दूध आदि चीजों का सेवन किया जाता है। 

  • 5:44 PM (IST) Posted by Arti Azad

    माघ पूर्णिमा का महत्व

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब चंद्र देव कर्क राशि में संचार करते हैं और सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब माघी पूर्णिमा का योग बनता है। इस दिन पर गंगा, यमुना, सरस्वती, नर्मदा समेत देश भर की पवित्र नदियों के तटों पर श्रद्धालु स्नान करके पूरनमासी का पुण्य फल लेने की आस में आती है। ब्रह्मवैवर्त पुराण में वर्णित है कि माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु स्वयं जल में निवास करते हैं, इसलिए पवित्र नदियों में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही इस दिन किया गया दान मनुष्य के पिछले जन्मों के पाप के साथ इस जन्म के पाप को भी नष्ट कर देता है। 

     

  • 5:00 PM (IST) Posted by Arti Azad

    माघ पूर्णिमा कथा पाठ का महत्व

    माघ पूर्णिमा के दिन जगत के पालनहार श्री विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इस दिन जप-तप और दान करने के अलावा कथा पाठ का भी बहुत है। कहा जाता है कि माघ पूर्णिमा की पौराणिक कथा का पाठ न करने से व्रत अधूरा रह जाता है। माघी पूर्णिमा के दिन नदियों और संगम में स्नान करने का भी प्रचलन है। शास्त्रों कहते हैं कि पौष पूर्णिमा से माघ पूर्णिमा तक पवित्र नदियों और खासकर संगम में स्नान करने से सूर्य और चंद्रमा युक्त दोषों से छुटकारा मिलता है और स्वर्ग की प्राप्ति होती है, इसलिए इस दिन को पुण्य योग भी कहा जाता है।

  • 4:24 PM (IST) Posted by Arti Azad

    माघ पूर्णिमा 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त (Magh Purnima 2026 Date And Time)

    माघ पूर्णिमा तिथि 1 फरवरी 2026 की सुबह 05:52 से 2 फरवरी की सुबह 03:38 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार माघ पूर्णिमा व्रत 1 फरवरी को रखा जाएगा। माघ पूर्णिमा पर पूरे दिन में कभी भी स्नान-दान कर सकते हैं। लेकिन सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 24 मिनट से शुरू होकर सुबह 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा।

  • 4:08 PM (IST) Posted by Arti Azad

    माघ पूर्णिमा व्रत की पौराणिक कथा

    माघ पूर्णिमा को लेकर शास्त्रों में कुछ कथाएं वर्णित हैं। इनमें से एक हैं शुभव्रत ब्राह्मण की कथा। माघी पूर्णिमा की इस कथा के अनुसार, नर्मदा नदी के किनारे एक विद्वान ब्राह्मण निवास करता था, जिसका नाम शुभव्रत था। कथा में वर्णित है कि शुभव्रत इतना विद्वान होने के बावजूद बहुत ही लालची स्वभाव का व्यक्ति था। वह बस किसी न किसी तरह धन कमाने में यकीन रखता था, चाहे तरीका कोई भी हो। इसी कारण शुभव्रत समय से पूर्व ही वृद्ध दिखने लगा और कई तरह की बीमारियों ने भी उसे घेर लिया था। हालांकि, उसे समय रहते सद्बुद्धि आई और उसने सोचा कि पूरा जीवन तो धन कमाने में बीत गया, लेकिन अब जीवन का उद्धार कैसे हो सकेगा। 

    यही सब विचार करते करते उसे माघ के महीने में पवित्र नदी के तट पर स्नान का महत्व बताने वाला एक श्लोक याद आया। इसके बाद स्नान का संकल्प लेकर ब्राह्मण शुभव्रत नर्मदा नदी में स्नान करने लगा। उसने करीब 9 दिनों तक नदी पर जाकर स्नान किया। इसके बाद शुभव्रत की तबियत और ज्यादा बिगड़ गई और उसकी मृत्यु का समय भी नजदीक आ गया। शुभव्रत सोच रहा था कि आज तक जीवन में उसने कोई अच्छी कार्य नहीं किया, तो अब मृत्यु के बाद नरक में ही जाना पड़ेगा, लेकिन इसके वितरित उसे मोक्ष मिला। क्योंकि शुभव्रत ने माघ मास में पवित्र नदी में जाकर स्नान किया, जिसके कारण अंत समय में लालची ब्राह्मण पर भगवान विष्णु ने कृपा बरसाई और ब्राह्मण के लिए मोक्ष प्राप्ति के मार्ग प्रशस्त हुए। 

  • 2:48 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा पर माता लक्ष्मी को इन मंत्रों के जप से करें प्रसन्न

    • ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा:।
    • ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्नीयै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात्।
    • ॐ श्रीं महा लक्ष्मीयै नमः।
  • 2:24 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Magh Purnima: माघ पूर्णिमा पर करें सूर्य-चंद्रमा की उपासना

    माघ पूर्णिमा के दिन रवि पुष्य योग है इसलिए इस दिन सूर्य और चंद्रमा की उपासना करने से आपके जीवन के सभी दुख दूर हो सकते हैं। आपको करियर में सफलता मिल सकती है और बिगड़े काम भी बन सकते हैं।

     

  • 2:06 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Magh Purnima Daan: माघ पूर्णिमा पर इन चीजों का दान करना शुभ

    माघ पूर्णिमा के दिन आपको रवि पुष्य नक्षत्र में दान करने से भी शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं। इस दिन आपको गेहूं, गुड़, तिल, पीले रंग के भोज्य पदार्थ और पीले वस्त्र दान करने चाहिए। इन चीजों का दान करने से आपको देवी-देवताओं के साथ ही पितरों का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। 

  • 1:50 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Magh Purnima Vrat Katha: माघ पूर्णिमा व्रत कथा

    माघ पूर्णिमा को लेकर शास्त्रों में कुछ कथाएं वर्णित हैं। इनमें से एक हैं शुभव्रत ब्राह्मण की कथा। माघी पूर्णिमा की इस कथा के अनुसार, नर्मदा नदी के किनारे एक विद्वान ब्राह्मण निवास करता था, जिसका नाम शुभव्रत था। कथा में वर्णित है कि शुभव्रत इतना विद्वान होने के बावजूद बहुत ही लालची स्वभाव का व्यक्ति था। वह बस किसी न किसी तरह धन कमाने में यकीन रखता था, चाहे तरीका कोई भी हो। इसी कारण शुभव्रत समय से पूर्व ही वृद्ध दिखने लगा और कई तरह की बीमारियों ने भी उसे घेर लिया था। हालांकि, उसे समय रहते सद्बुद्धि आई और उसने सोचा कि पूरा जीवन तो धन कमाने में बीत गया, लेकिन अब जीवन का उद्धार कैसे हो सकेगा। 

    यही सब विचार करते करते उसे माघ के महीने में पवित्र नदी के तट पर स्नान का महत्व बताने वाला एक श्लोक याद आया। इसके बाद स्नान का संकल्प लेकर ब्राह्मण शुभव्रत नर्मदा नदी में स्नान करने लगा। उसने करीब 9 दिनों तक नदी पर जाकर स्नान किया। इसके बाद शुभव्रत की तबियत और ज्यादा बिगड़ गई और उसकी मृत्यु का समय भी नजदीक आ गया। शुभव्रत सोच रहा था कि आज तक जीवन में उसने कोई अच्छी कार्य नहीं किया, तो अब मृत्यु के बाद नरक में ही जाना पड़ेगा, लेकिन इसके वितरित उसे मोक्ष मिला। क्योंकि शुभव्रत ने माघ मास में पवित्र नदी में जाकर स्नान किया, जिसके कारण अंत समय में लालची ब्राह्मण पर भगवान विष्णु ने कृपा बरसाई और ब्राह्मण के लिए मोक्ष प्राप्ति के मार्ग प्रशस्त हुए। 

  • 1:34 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Mata Lakshami Ki Aarti: माता लक्ष्मी की आरती

    ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
    तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥
    ॐ जय लक्ष्मी माता॥ 

    उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
    सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
    ॐ जय लक्ष्मी माता॥ 

    दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।
    जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥
    ॐ जय लक्ष्मी माता॥ 

    तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।
    कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥
    ॐ जय लक्ष्मी माता॥ 

    जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।
    सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥
    ॐ जय लक्ष्मी माता॥ 

  • 1:18 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal

    Magh Purnima Aarti: माघ पूर्णिमा पर करें भगवान विष्णु की इस आरती का पाठ

    ॐ जय जगदीश हरे
    स्वामी जय जगदीश हरे
    भक्त जनों के संकट दास जनों के संकट
    क्षण में दूर करे
    ॐ जय जगदीश हरे
    ॐ जय जगदीश हरे
    स्वामी जय जगदीश हरे
    भक्त ज़नो के संकट दास ज़नो के संकट
    क्षण में दूर करे
    ॐ जय जगदीश हरे
    जो ध्यावे फल पावे दुःख बिन से मन का
    स्वामी दुख बिन से मन का
    सुख सम्पति घर आवे
    सुख सम्पति घर आवे
    कष्ट मिटे तन का
    ॐ जय जगदीश हरे
    मात पिता तुम मेरे
    शरण गहूं किसकी
    स्वामी शरण गहूं किसकी
    तुम बिन और ना दूजा
    तुम बिन और ना दूजा
    आस करूँ जिसकी
    ॐ जय जगदीश हरे
    तुम पूरण परमात्मा
    तुम अंतरियामी
    स्वामी तुम अंतरियामी
    पार ब्रह्म परमेश्वर
    पार ब्रह्म परमेश्वर
    तुम सबके स्वामी
    ॐ जय जगदीश हरे
    तुम करुणा के सागर
    तुम पालन करता
    स्वामी तुम पालन करता
    मैं मूरख खलकामी
    मैं सेवक तुम स्वामी
    कृपा करो भर्ता
    ॐ जय जगदीश हरे
    तुम हो एक अगोचर
    सबके प्राण पति
    स्वामी सबके प्राण पति
    किस विध मिलु दयामय
    किस विध मिलु दयामय
    तुम को मैं कुमति
    ॐ जय जगदीश हरे
    दीन बन्धु दुःख हर्ता
    ठाकुर तुम मेरे
    स्वामी रक्षक तुम मेरे
    अपने हाथ उठाओ
    अपनी शरण लगाओ
    द्वार पड़ा तेरे
    ॐ जय जगदीश हरे
    विषय-विकार मिटाओ पाप हरो देवा
    स्वामी पाप हरो देवा
    श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ
    श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ
    सन्तन की सेवा
    ॐ जय जगदीश हरे
    ओम जय जगदीश हरे
    स्वामी जय जगदीश हरे
    भक्त ज़नो के संकट
    दास ज़नो के संकट
    क्षण में दूर करे
    ॐ जय जगदीश हरे
    ॐ जय जगदीश हरे
    स्वामी जय जगदीश हरे
    भक्त ज़नो के संकट
    दास जनो के संकट
    क्षण में दूर करे
    ॐ जय जगदीश हरे