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स्नान दान के लिए बेहद खास है अष्टमी तिथि, पीएम मोदी ने यूहीं नहीं चुना डुबकी लगाने के लिए यह दिन

Mahakumbh: भारत के प्रधानमंत्री ने माघ मास की अष्टमी तिथि को महाकुंभ स्नान के लिए चुना। इस दिन का क्या महत्व है आइए जानते हैं।

Mahakumbh 2025- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV महाकुंभ 2025

Mahakumbh 2025: महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने के लिए भारत के प्रधानमंत्री मोदी 5 फरवरी को प्रयागराज पहुंचे हैं। गंगा में स्नान करने के बाद पीएम गंगा आरती भी करेंगे। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर क्यों प्रधानमंत्री ने 5 फरवरी का के दिन को ही गंगा स्नान के लिए चुना। हिंदू पंचांग की मदद से आइए जानते हैं कि आज के दिन क्या तिथि है और कौन से योग आज के दिन बन रहे हैं। 

5 फरवरी को है अष्टमी तिथि 

अष्टमी तिथि को हिंदू धर्म में बेहद खास माना जाता है। 5 फरवरी को भी माघ मास की अष्टमी तिथि और खास बात ये है कि इस दौरान गुप्त नवरात्रि भी है। गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि को स्नान-दान के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में डुबकी लगाने से संपूर्ण पाप धुलते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं। इस दिन को भीष्माष्टमी के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि भीष्म पितामह ने इसी तिथि पर भगवान कृष्ण की उपस्थिति में अपने प्राण त्यागे थे और मोक्ष प्राप्त किया था। इस दिन तक भीष्म ने सूर्य के उत्तरायण होने की प्रतीक्षा की थी। आपको बता दें कि सूर्य के उत्तरायण को हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ समय माना जाता है। इस दौरान किए गए कार्यों का शुभ परिणाम भी वयक्ति को प्राप्त होता है। 

ये भी हैं शुभ योग

5 फरवरी के दिन अष्टमी तिथि के साथ ही भरणी नक्षत्र भी रहेगा। इस नक्षत्र के स्वामी शुक्र हैं जो भौतिक सुखों और रचनात्मकता के कारक माने जाते हैं। इस नक्षत्र में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति भक्तों को होती है। इस नक्षत्र में मंत्रों का जप करने से भी अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं। इसके अलावा आज के दिन गुरु और शुक्र राशि परिवर्तन योग में होंगे, इस योग के प्रभाव से भी गंगा स्नान को बेहद शुभ माना जाएगा।  

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