मंगल ग्रह 12 नवंबर को अपनी नीच राशि कर्क से निकलकर सिंह राशि में गोचर कर जाएंगे। सिंह राशि में गुरु पहले से ही विराजमान हैं इसलिए 12 नवंबर को मंगल-गुरु की युति सिंह राशि में होगी। इस युति के चलते कुछ राशियों को जीवन में बेहद सुखद परिणाम मिल सकते हैं। इन राशियों को करियर और आर्थिक पक्ष से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। आइए विस्तार से जानते हैं कौन-कौन सी हैं ये राशियां।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों को मंगल और गुरु की युति आपके आपके द्वितीय भाव में होगी जिसे धन और वाणी का भाव कहा जाता है। मंगल गुरु की युति के चलते आपके आत्मविश्वास में वृद्धि हो सकती है। इस राशि के नौकरी पेशा लोगों को कार्यस्थल पर मेहनत का उचित परिणाम मिल सकता है। आपके वरिष्ठ अधिकारी आपके काम की सराहना कर सकते हैं। कारोबारियों को आर्थिक लाभ मिलने के आसार हैं। वहीं इस दौरान किया गया निवेश भी भविष्य में लाभ दिला सकता है। पारिवारिक जीवन में खुशियां आएंगी।
तुला राशि
तुला राशि वालों गुरु-मंगल की युति आपकी राशि से एकादश भाव में होगी जोकि लाभ का भाव कहा जाता है। इसलिए तुला वालों आपको भी जीवन में लाभ प्राप्त कर सकते हैं। बीते समय में किया गया निवेश आपको इस दौरान लाभ दिला सकता है, जिससे आर्थिक स्थिति सुधरेगी। नौकरी पेशा लोगों को करियर के क्षेत्र में सफलता मिलने के योग हैं। मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने वालों को पदोन्नति मिल सकती है। जो लोग पैतृक कारोबार करते हैं उनको भी फायदा मिलने के योग हैं। कुछ लोग मांगलिक कार्यों में हिस्सा ले सकते हैं।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों मंगल और गुरु ग्रह आपकी राशि से दसवें भाव में युति बनाएंगे। मंगल आपकी राशि के स्वामी भी हैं इसलिए यह युति आपके लिए बेहद शुभ साबित हो सकती है। इस राशि के लोगों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के योग हैं। जो लोग लंबे समय से नई नौकरी की तलाश में हैं उनको भी नई नौकरी मिल सकती है। आर्थिक रूप से आप नवंबर 12 तारीख के बाद सशक्त हो सकते हैं। शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं तो मुनाफा आपको मिल सकता है। विद्यार्थियों की एकाग्रता में वृद्धि हो सकती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
ये भी पढ़ें:
आम, अशोक के पत्ते या कौड़ी, कैसा तोरण लगाना चाहिए? जानें मुख्य द्वार पर बंधनवार लगाने के वास्तु नियम