A
  1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Masik Shivratri 2026 May: मई में कब है मासिक शिवरात्रि? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और कब से कब तक रहेगी भद्रा

Masik Shivratri 2026 May: मई में कब है मासिक शिवरात्रि? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और कब से कब तक रहेगी भद्रा

Masik Shivratri 2026 May: मई की मासिक शिवरात्रि पर इस बार कई शुभ योग का संयोग बन रहा है। भक्तों को निशिता पूजा के लिए विशेष शुभ मुहूर्त मिलेगा। भद्रा का प्रभाव रहने के बावजूद शिव पूजा में कोई बाधा नहीं मानी जाएगी। जानिए मई 2026 में मासिक शिवरात्रि कब मनाई जाएगी।

Masik Shivratri- India TV Hindi
Image Source : FILE IMAGE मई 2026 में मासिक शिवरात्रि कब मनाई जाएगी

Masik Shivratri 2026 May: मई 2026 में पड़ने वाली मासिक शिवरात्रि बेहद खास मानी जा रही है। इस बार ज्येष्ठ मास की मासिक शिवरात्रि पर कई शुभ योग बन रहे हैं, जिससे इस व्रत महत्व और बढ़ गया है। खास बात यह है कि इस दिन भद्रा का प्रभाव भी रहेगा, लेकिन शिव पूजा में इसका कोई बाधक असर नहीं माना जाता। ऐसे में श्रद्धालु पूरे भगवान शिव की आराधना कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं मई 2026 की मासिक शिवरात्रि किस दिन मनाई जाएगी और इस दिन शुभ मुहूर्त कौन-कौन से हैं। 

मई में कब है मासिक शिवरात्रि?

पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 मई 2026 को सुबह 8 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी और 16 मई को सुबह 5 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। निशिता काल को आधार मानते हुए मासिक शिवरात्रि का व्रत और पूजा 15 मई, शुक्रवार को की जाएगी।

निशिता पूजा और शुभ मुहूर्त

मासिक शिवरात्रि पर निशिता पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।

  • इस बार निशिता पूजा का शुभ समय रात 11 बजकर 57 मिनट से देर रात 12 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।
  • इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 7 मिनट से 4 बजकर 49 मिनट तक रहेगा।
  • अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा।
  • विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 33 मिनट से 3 बजकर 28 मिनट तक रहेगा।

तीन शुभ योग बना रहे हैं दिन को खास

इस बार मासिक शिवरात्रि पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं। सुबह से आयुष्मान योग रहेगा, जो दोपहर 2 बजकर 21 मिनट तक प्रभावी होगा। इसके बाद सौभाग्य योग शुरू होगा। वहीं, सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5 बजकर 30 मिनट से रात 8 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इन योगों में शिव पूजा और मंत्र जाप करने से विशेष पुण्य फल मिलता है।

भद्रा का समय और राहुकाल

15 मई को भद्रा सुबह 8 बजकर 31 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 54 मिनट तक रहेगी। हालांकि, धार्मिक मान्यताओं की माने तो शिव पूजा में भद्रा और राहुकाल को बाधक नहीं माना जाता। इस दिन राहुकाल सुबह 10 बजकर 36 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक रहेगा।

मासिक शिवरात्रि का धार्मिक महत्व

मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि के दिन व्रत और शिव पूजा करने से बाधाएं दूर होती हैं। भक्त गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक कर सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना करते हैं। अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति पाने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप और रुद्राभिषेक भी विशेष फलदायी बताया है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें: ज्येष्ठ अमावस्या पर दुर्लभ सर्प योग, किस्मत के बंद ताले खोलने का सुनहरा मौका, बस करने होंगे ये 5 काम