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Navratri 2nd Day 2026 Live: नवरात्रि की दूसरी देवी हैं मां ब्रह्मचारिणी, यहां जानिए इनकी पूजा विधि, मंत्र, कथा और आरती

Navratri 2nd Day 2026 Live: आज 12 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि का दूसरा दिन है जो मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप को समर्पित है। कहते हैं माता रानी के इस रूप की उपासना से धैर्य, संयम और आत्मबल की वृद्धि होती है। चलिए जानते हैं दूसरे नवरात्रि की पूजा विधि, मंत्र, कथा, आरती, शुभ रंग और भोग।

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Image Source : INDIA TV नवरात्रि के दूसरे दिन की पूजा विधि

Navratri 2nd Day 2026 Maa Brahmacharini Live: नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। कहते हैं मां दुर्गा के इस स्वरूप की उपासना से आत्मसंयम, धैर्य, आंतरिक शक्ति और आध्यात्मिक प्रगति का आशीर्वाद मिलता है। माता ब्रह्मचारिणी को सफेद रंग अतिप्रिय है इसलिए दूसरे नवरात्र के दिन इस रंग के कपड़े पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है। अगर माता के प्रिय भोग की बात करें तो माता को चीनी या मिश्री का भोग अत्यंत प्रिय हैं। कहते हैं इस भोग से माता शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्तों के सारे दुख-दर्द दूर कर देते हैं। वहीं माता के प्रिय मंत्र की बात करें तो माता की पूजा में 'ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः' मंत्र का जाप अत्यंत शुभ माना जाता है। चलिए अब जानते हैं मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि, मुहूर्त, मंत्र, कथा, आरती समेत संपूर्ण जानकारी।

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि

  • मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में सफेद या पीले रंग के वस्त्र पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • पूजा स्थान पर माता की प्रतिमा के आगे घी का दीपक जलाएं। माता को सफेद या लाल फूल अर्पित करें।
  • साथ ही अक्षत, कुमकुम और चंदन आदि सामग्री अर्पित करें। 
  • फिर माता के बीज मंत्र का 108 बार जाप करें। 
  • देवी को चीनी, मिश्री और फल का भोग लगाएं। 
  • फिर मां ब्रह्मचारिणी की आरती करें।
  • इसके बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों में बांट दें।

यह भी पढ़ें: Navratri 2026 Day 2 Aarti & Mantra: नवरात्रि की दूसरी देवी मां ब्रह्मचारिणी की आरती, सिद्ध मंत्र और पूजा विधि

Navratri Day 2 Vrat Katha: क्यों पड़ा था मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप का नाम ब्रह्मचारिणी? यहां पढ़ें संपूर्ण कथा और महत्व

Live updates : Navratri 2nd Day 2026 Live: नवरात्रि के दूसरे दिन की देवी, पूजा विधि, आरती, कथा, मंत्र, भोग और शुभ रंग

  • 11:39 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से होने वाले लाभ

    ऐसी मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से साधकों को सभी तामसिक विचारों से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही मानव शरीर में कुंडलिनी शक्ति जागृत होती है, जिससे उनका जीवन सफल होता है।

  • 11:08 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    मां ब्रह्मचारिणी का वाहन

    मां ब्रह्मचारिणी का वाहन बैल माना जाता है। बैल धर्म, शक्ति और सहनशीलता का प्रतीक है। जिस प्रकार बैल धैर्यपूर्वक भार उठाता है, उसी प्रकार मां ब्रह्मचारिणी साधना और धैर्य से सिद्धि प्रदान करती हैं। 

  • 10:08 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का महत्व

    हिंदू धर्म में मां ब्रह्मचारिणी भक्ति, तप, धैर्य और आध्यात्मिक अनुशासन का प्रतिनिधित्व करती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माँ ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कई वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। इसी तप और त्याग के कारण मां दुर्गा के इस स्वरूप को ब्रह्मचारिणी कहा गया। 

     

  • 8:48 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    मां ब्रह्मचारिणी का ध्यान मंत्र

    वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
    जपमाला कमण्डलु धरा ब्रह्मचारिणी शुभाम्॥
    गौरवर्णा स्वाधिष्ठानस्थिता द्वितीय दुर्गा त्रिनेत्राम्।
    धवल परिधाना ब्रह्मरूपा पुष्पालङ्कार भूषिताम्॥
    परम वन्दना पल्लवाधरां कान्त कपोला पीन।
    पयोधराम् कमनीया लावणयं स्मेरमुखी निम्ननाभि नितम्बनीम्॥

  • 8:09 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Navratri 2nd Day Maa Brahmacharini Ka Priye Phool: मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय फूल

    सफेद गुलाब, चमेली और कमल 

  • 7:43 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Navratri 2nd Day 2026 Maa Brahmacharini Mantra: मां ब्रह्मचारिणी मंत्र

    • ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः
    • या देवी सर्वभूतेषु ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
  • 7:17 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Navratri 2nd Day Katha: मां ब्रह्मचारिणी की कथा

    पौराणिक कथाओं के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी ने अपने पूर्व जन्म में पार्वती के रूप में जन्म लिया था। उन्होंने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। माता अपनी तपस्या के दौरान केवल फल-फूल खाकर जीवित रहीं और कभी-कभी पत्तों का भोजन करती थीं। उनकी तपस्या इतनी कठोर थी कि उन्हें "ब्रह्मचारिणी" नाम से जाना गया। माता पार्वती ने अपनी निष्ठा और तपस्या से भगवान शिव को प्रसन्न किया और अंततः उन्हें पति रूप में प्राप्त किया। 

  • 7:11 AM (IST) Posted by Laveena Sharma

    Navratri 2nd Day Aarti: माता ब्रह्मचारिणी की आरती

    • जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।
    • ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो।
    • ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सकल संसारा।
    • जय गायत्री वेद की माता। जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता।
    • कमी कोई रहने न पाए। कोई भी दुख सहने न पाए।
    • उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने।
    • रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर।
    • आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना।
    • ब्रह्माचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम।
    • भक्त तेरे चरणों का पुजारी। रखना लाज मेरी महतारी।