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Navratri Vrat Paran Date 2026: नवरात्रि व्रत का पारण कब करें 26 या 27 मार्च? नोट करें सही तारीख और व्रत खोलने का शुभ मुहूर्त

Navratri Vrat Paran 2026 (नवरात्रि व्रत का पारण कब है): नवरात्रि व्रत का पारण अलग-अलग दिन किया जाता है। कोई अष्टमी को माता रानी का व्रत खोलता है तो कोई नवमी को। तो वहीं कई लोग दशमी को ये व्रत खोलते हैं। चलिए आपको बताते हैं नवरात्रि व्रत पारण की सही डेट और मुहूर्त।

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Image Source : CANVA नवरात्रि व्रत पारण कब करें

Navratri Vrat Paran 2026 (नवरात्रि व्रत का पारण कब है): शास्त्रों अनुसार पारण किसी भी व्रत का महत्वपूर्ण अनुष्ठान होता है जिसे विधि विधान और नियम के साथ ही करना चाहिए। कहते हैं सही तरीके से किया गया पारण उस व्रत का पूर्ण फल प्रदान करता है। नवरात्रि के पावन दिन चल रहे हैं और ऐसे में इस व्रत के पारण को लेकर काफी सर्च किया जा रहा है। सबसे पहले तो यहां ये जानना जरूरी है कि नवरात्रि व्रत का पारण तीन तरीके से किया जाता है। कोई अष्टमी को कन्या पूजन के बाद नवरात्रि व्रत का पारण कर लेता है तो कोई नवमी तिथि को ये व्रत खोलता है। वहीं कई लोग पूरे नौ दिन व्रत रहने के बाद दसवें दिन इस व्रत का पारण करते हैं। चलिए जान लेते हैं इस साल नवरात्रि व्रत का पारण कब किया जाएगा।

नवरात्रि व्रत का पारण कब होगा 2026 (Navratri Vrat Ka Paran Kab Hoga 2026)

नवरात्रि व्रत का पारण 26 और 27 मार्च दोनों ही दिन किया जाएगा। जो लोग नवरात्रि की अष्टमी या नवमी को व्रत खोलते हैं वो 26 मार्च को कन्या पूजन के बाद अपना व्रत पारण कर लेंगे। वहीं जो लोग दशमी को व्रत खोलते हैं वो 27 मार्च को नवरात्रि व्रत का पारण करेंगे। 

नवरात्रि व्रत पारण मुहूर्त 2026 (Navratri Vrat Paran Muhurat 2026)

  • 26 मार्च 2026 - कन्या पूजन के बाद कभी भी व्रत खोल सकते हैं
  • 27 मार्च 2026 - दशमी तिथि पर व्रत खोलने का समय सुबह 10:08 बजे के बाद का है।

नवरात्रि व्रत पारण विधि (Navratri Vrat Paran Vidhi)

नवरात्रि व्रत का पारण करने से पहले हवन पूजन जरूर करें। हवन करने के बाद कन्याओं को घर में बुलाकर भोजन कराएं। भोजन कराने के बाद उन्हें दान-दक्षिणा देकर विदा करें। साथ ही उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। फिर माता रानी को अर्पित किए गए भोग को खाकर अपना व्रत खोल लें। माता को आमतौर पर हलवा, पूरी और चने का भोग लगाया जाता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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