Numerology: लोहा धातु भले ही बहुत महंगी न हो लेकिन कुछ जातकों के लिए ये कीमती जरूर साबित होती है। इन मूलांक वालों को लोहा धातु पहनकर जीवन में जबरदस्त सफलता और किस्मत का साथ मिलता है। इन मूलांकों में सबसे ऊपर है मूलांक 8। इस मूलांक वाले जब भी लोहा धातु को धारण करते हैं तो जीवन में तरक्की के रास्ते इनके लिए खुलते हैं। इसके साथ ही मूलांक 4 और 7 के लिए भी लोहा धातु बेहद शुभ साबित होती है। आइए जान लेते हैं इन मूलांक वालों को कैसे परिणाम लोहा धारण करने के बाद मिल सकते हैं।
मूलांक 8
मूलांक 8 वालों के स्वामी ग्रह शनि हैं और लोहा शनि ग्रह की ही धातु है। इसलिए मूलांक 8 वालों के लिए लोहा बेहद शुभ फलदायी साबित हो सकता है। इस मूलांक के लोगों को लोहा पहनने के बाद बड़ी सफलता के योग बनते हैं। इनके जीवन में चलने वाले संघर्ष दूर होने लगते हैं और साथ ही शनि देव की भी कृपा इनको प्राप्त होती है। लोहा पहनने से इनके जीवन से नकारात्मकता भी दूर होती है और किस्मत का इनको साथ मिलता है। मूलांक 8 वाले अगर लोहा पहनते हैं तो मेहनत का सही परिणाम भी इनको प्राप्त होता है। इसके साथ ही पारिवारिक जीवन में भी इनको बेहद अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
मूलांक 4
मूलांक 4 के स्वामी ग्रह राहु हैं और राहु और शनि के बीच मित्रता है। इसलिए मूलांक 4 वालों के लिए भी लोहा धारण करना शुभ माना जाता है। इस मूलांक वालों को लोहा धारण करने से भाग्य का पूरा सहयोग प्राप्त होता है और साथ ही शनि और राहु की कृपा इनको प्राप्त होती है। इनके करियर और पारिवारिक जीवन में अच्छे बदलाव आने लगते हैं और सेहत भी अच्छी बनी रहती है। ये लोग लोहे का छल्ला या अंगूठी पहन सकते हैं।
मूलांक 7
मूलांक 7 वालों के स्वामी ग्रह केतु हैं और शनि ग्रह के केतु के साथ भी अच्छे संबंध हैं। यही वजह है कि मूलांक 7 वालों को भी लोहा पहनने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। इस राशि के जातकों को मानसिक शक्ति लोहा धारण करने से मिलती है। इनके जीवन की परेशानियों का अंत होता है और किस्मत इनका सहयोग करती है। करियर और आर्थिक जीवन की परेशानियों से भी इनको लोहा पहनने से मुक्ति मिलती है। इनकी सेहत में भी अच्छे परिवर्तन लोहा पहनने के बाद आ सकते हैं।
लोहा पहनने के नियम
- चांदी को सोमवार या शुक्रवार के दिन आपको धारण करना चाहिए।
- दाहिने हाथ के अंगूठे में चांदी का छल्ला पहनना शुभ माना जाता है।
- चांदी को जो भी आभूषण आप पहनने वाले हैं उसमें कोई जोड़ नहीं होना चाहिए।
- चांदी पहनने के बाद आपको समय-समय पर इसकी सफाई भी करवानी चाहिए।
- पूर्णिमा के दिन चांदी पहनना बेहद शुभ माना गया है, इसलिए सोम पूर्णिमा या शुक्र पूर्णिमा के दिन को चांदी धारण करने के लिए चुनें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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