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क्या होता है पाप कर्तरी योग? कुंडली में हो माजूद तो जीवन में बढ़ सकती हैं परेशानियां

पाप कर्तरी ज्योतिष के अशुभ योगों में से एक है। कुंडली में इसका मौजूद होना परेशानियों का सबब बन सकता है। यह योग कैसे बनता है और किन उपायों को करने से इसके बुरे प्रभावों से बचा जा सकता है, आइए जानते हैं।

Paap Kartari Yog- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV पाप कर्तरी योग

वैदिक ज्योतिष के कई योगों में से एक है पाप कर्तरी योग। इस योग को अशुभ फलदायक माना जाता है। जिस भी जातक की कुंडली में यह योग बनता है उसके जीवन में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। यह योग जिस भाव या ग्रह को प्रभावित करता है उससे जुड़े शुभ फलों के मिलने में दिक्कतों का सामना व्यक्ति को करना पड़ सकता है। आइए ऐसे में जान लेते हैं कि पाप कर्तरी योग क्या है, कैसे बनता है और इसके अशुभ प्रभावों से बचने के लिए आपको क्या करना चाहिए। 

क्या होता है पाप कर्तरी योग और कैसे बनता है?

कर्तरी अर्थता कैंची, इसलिए कर्तरी योग जब बनता है तो किसी ग्रह या भाव के शुभ फलों को काट देता है। यह योग तब बनता है जब कोई भाव या ग्रह क्रूर ग्रहों (शनि, राहु, केतु, मंगल, सूर्य) के बीच फंस जाए। आप नीचे दी गई उदाहरण कुंडली में देख सकते हैं पहले और तीसरे भाव में केतु और शनि विराजमान हैं इन दोनों पाप ग्रहों के बीच दूसरा भाव है और साथ ही गुरु भी। यानि पाप कर्तरी योग बन रहा है। इस योग के प्रभाव से दूसरे भाव (धन भाव) के शुभ प्रभाव और गुरु के शुभ प्रभावों के मिलने में दिक्कतें आ सकती हैं। दूसरा भाव प्रभावित है इसलिए धन से जुड़ी दिक्कतें व्यक्ति को आएंगी, वाणी में दोष उत्पन्न हो सकता है क्योंकि दूसरा भाव वाणी का भी है। इसके साथ ही गुरु से संबंधि शुभ फल मिलने में भी परेशानियां आ सकती हैं। 

Image Source : India Tvपाप कर्तरी योग

इसके साथ ही आप उदाहरण कुंडली में देख सकते हैं कि दसवां भाव भी मंगल और सूर्य के बीच आ गया है जिसके चलते पाप कर्तरी योग बन रहा है। ऐसे में दशम भाव यानि करियर के भाव से जुड़े शुभ फलों की प्राप्ति में भी व्यक्ति को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। 

अब आप समझ गए होंगे कि जब किसी भाव या ग्रह के आगे और पीछे यानि द्वितीय भाव और द्वादश भाव में पाप ग्रह विराजमान हों तो उस ग्रह और भाव के शुभ फल नष्ट हो सकते हैं क्योंकि पाप कर्तरी योग विराजमान होता है। 

पाप कर्तरी योग के बुरे प्रभावों को दूर करने के उपाय 

  • इसके साथ ही अगर आप गायत्री मंत्र का निरंतर जप करते हैं तो पाप कर्तरी योग का बुरा प्रभाव दूर होने लगता है। 
  • माता दुर्गा की उपासना करने और दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से भी पाप कर्तरी योग का दुष्प्रभाव नष्ट हो सकता है। 
  • हनुमान चालीसा का पाठ करने से भी आप पाप कर्तरी योग के बुरे प्रभावों से बच सकते हैं। 
  • पाप कर्तरी योग जिस भाव या ग्रह को प्रभावित कर रहा है उससे जुड़े उपाय आपको करने चाहिए। यह जानने के लिए आप किसी योग्य ज्योतिषाचार्य की मदद ले सकते हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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