Pitru Paksha 2025 Live: आज कौन सा श्राद्ध है, जानिए पितृ पक्ष में श्राद्ध करने की विधि मंत्रि सहित
Pitru Paksha 2025 Live: इस साल पितृ पक्ष 7 सितंबर 2025 से शुरू होकर 21 सितंबर 2025 तक रहेगा। यहां आप जानेंगे पितृ पक्ष में श्राद्ध और तर्पण करने की विधि, मुहूर्त, मंत्र समेत सारी जानकारी।

Pitru Paksha 2025 Start Date Live: इस साल श्राद्ध पक्ष की शुरुआत 7 सितंबर 2025 को हो गई है तो वहीं श्राद्ध पक्ष का समापन 21 सितम्बर को सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या के साथ होगा। सनातन धर्म में श्राद्ध पक्ष का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। श्राद्ध शब्द श्रद्धा से बना है, जिसका मतलब है पितरों के प्रति हमारी श्रद्धा भाव। हमारे अंदर प्रवाहित रक्त में हमारे पितरों के अंश हैं, जिसके कारण हम उनके ऋणी होते हैं और यही ऋण उतारने के लिए श्राद्ध कर्म किये जाने का विधान बताया गया है। कहते हैं पितृपक्ष में किये गए श्राद्ध-तर्पण, पिंडदान इत्यादि कार्यों से पूर्वजों की आत्मा को तो शांति प्राप्त होती ही है, साथ ही कर्ता को भी पितृ ऋण से मुक्ति मिल जाती है।
पितृ पक्ष 2025 तिथियां और टाइम (Pitru Paksha 2025 Dates And Time In Hindi)
| पितृ पक्ष 2025 तारीख | श्राद्ध 2025 तिथियां | कुतुप मूहूर्त | रौहिण मूहूर्त | अपराह्न काल |
| 7 सितंबर 2025, रविवार | पूर्णिमा श्राद्ध | 11:54 AM से 12:44 PM | 12:44 PM से 01:34 PM | 01:34 PM से 04:05 PM |
| 8 सितंबर 2025, सोमवार | प्रतिपदा श्राद्ध | 11:53 AM से 12:44 PM | 12:44 PM से 01:34 PM | 01:34 PM से 04:04 PM |
| 9 सितंबर 2025, मंगलवार | द्वितीया श्राद्ध | 11:53 AM से 12:43 PM | 12:43 PM से 01:33 PM | 01:33 PM से 04:03 PM |
| 10 सितंबर 2025, बुधवार | तृतीया श्राद्ध | 11:53 AM से 12:43 PM | 12:43 PM से 01:33 PM | 01:33 PM से 04:02 PM |
| 10 सितंबर 2025, बुधवार | चतुर्थी श्राद्ध | 11:53 AM से 12:43 PM | 12:43 PM से 01:33 PM | 01:33 PM से 04:02 PM |
| 11 सितंबर 2025, गुरुवार | पंचमी श्राद्ध | 11:53 AM से 12:42 PM | 12:42 PM से 01:32 PM | 01:32 PM से 04:02 PM |
| 12 सितंबर 2025, शुक्रवार | षष्ठी श्राद्ध | 11:53 AM से 12:42 PM | 12:42 PM से 01:32 PM | 01:32 PM से 04:02 PM |
| 13 सितंबर 2025, शनिवार | सप्तमी श्राद्ध | 11:52 AM से 12:42 PM | 12:42 PM से 01:31 PM | 01:31 PM से 04:00 PM |
| 14 सितंबर 2025, रविवार | अष्टमी श्राद्ध | 11:52 AM से 12:41 PM | 12:41 PM से 01:31 PM | 01:31 PM से 03:59 PM |
| 15 सितंबर 2025, सोमवार | नवमी श्राद्ध | 11:51 AM से 12:41 PM | 12:41 PM से 01:30 PM | 01:30 PM से 03:58 PM |
| 16 सितंबर 2025, मंगलवार | दशमी श्राद्ध | 11:51 AM से 12:41 PM | 12:41 PM से 01:30 PM | 01:30 PM से 03:57 PM |
| 17 सितंबर 2025, बुधवार | एकादशी श्राद्ध | 11:51 AM से 12:41 PM | 12:41 PM से 01:30 PM | 01:30 PM से 03:56 PM |
| 18 सितंबर 2025, गुरुवार | द्वादशी श्राद्ध | 11:51 AM से 12:39 PM | 12:39 PM से 01:28 PM | 01:28 PM से 03:55 PM |
| 19 सितंबर 2025, शुक्रवार | त्रयोदशी श्राद्ध | 11:51 AM से 12:39 PM | 12:39 PM से 01:28 PM | 01:28 PM से 03:55 PM |
| 20 सितंबर 2025, शनिवार | चतुर्दशी श्राद्ध | 11:50 AM से 12:39 PM | 12:39 PM से 01:27 PM | 01:27 PM से 03:54 PM |
| 21 सितंबर 2025, रविवार | सर्वपितृ अमावस्या श्राद्ध | 11:51 AM से 12:38 PM | 12:38 PM से 01:27 PM | 01:27 PM से 03:53 PM |
कब करना चाहिए श्राद्ध (Shradh Kab Karna Chahiye)
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्राद्ध या तर्पण दोपहर 12 बजे के बाद करने से अनुरूप फल प्राप्त होते हैं। इसके अलावा दिन में कुतुप और रोहिणी मुहूर्त श्राद्ध कर्म के लिए सबसे शुभ माने जाते हैं। श्राद्ध करने के लिए किसी योग्य ब्राह्मण को घर पर बुलाकर मंत्रों का उच्चारण करें और पूजा के बाद जल से तर्पण करें। इसके बाद गाय, कुत्ते और कौवे के लिए भोजन निकालें। इन जीवों को भोजन देते समय अपने पितरों का स्मरण जरूर करें।
पितृ पक्ष में तर्पण कैसे करें (Pitru Paksha Mein Tarpan Vidhi)
- पितरों को पानी पिलाने की प्रक्रिया को ही तर्पण कहा जाता है।
- तर्पण करने के लिए एक पीतल या फिर स्टील की परात लें।
- उसमें शुद्ध जल डालें और फिर थोड़े काले तिल और दूध डालें।
- इस परात को अपने सामने रखें और एक अन्य खाली पात्र भी पास में रखें।
- फिर अपने दोनों हाथों के अंगूठे और तर्जनी ऊंगली के मध्य में दूर्वा यानी कुशा लेकर अंजलि बना लें। यानी दोनों हाथों को मिलाकर उसमें जल भर लें।
- इसके बाद अंजलि में भरा हुआ जल दूसरे खाली पात्र में डालें।
- जल डालते समय अपने प्रत्येक पितृ के लिए कम से कम तीन बार अंजलि से तर्पण करें।
पितृ पक्ष में घर पर कैसे करें श्राद्ध (Pitru Paksha Mein Ghar Par Shradh Kaise Kare)
- श्राद्ध वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें। इसके बाद घर की साफ-सफाई करें और पूरे घर में गंगाजल छिड़कें।
- इसके बाद दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके बाएं पैर को मोड़कर बाएं घुटने को जमीन पर टिका कर बैठ जाएं।
- फिर एक तांबे का चौड़ा बर्तन लें जिसमें काले तिल, गाय का कच्चा दूध और गंगाजल पानी डालें।
- फिर जल को दोनों हाथों में भरकर सीधे हाथ के अंगूठे से उसी बर्तन में गिराएं और इस दौरान अपने पितकों का स्मरण करें।
- पितरों के लिए भोजन तैयार करें।
- श्राद्ध के लिए ब्राह्मण को घर पर बुलाएं और सच्चे मन से उन्हें भोजन कराएं और ब्राह्मण के पैर धोएं।
- श्राद्ध पक्ष में पितरों के निमित्त अग्नि में गाय के दूध से बनी खीर अवश्य अर्पित करें।
- इस बात का विशेष ध्यान रखें कि ब्राह्मण को भोजन कराने से पहले पंचबली यानी गाय, कुत्ते, कौवे, देवता और चींटी के लिए भोजन अवश्य निकालें। ये एक महत्वपूर्ण परंपरा है।
- भोजन के बाद ब्राह्मणों को दान भी करें और उनका आशीर्वाद लें।
Live updates : Pitru Paksha 2025 Start Date Live
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September 09, 2025 6:10 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
क्या गया में पिंडदान के बाद श्राद्ध करना चाहिए?
हां, गया में पिंडदान करने के बाद श्राद्ध करना उचित माना जाता है। हिंदू धर्म में गया को पितृ तर्पण और पिंडदान के लिए विशेष रूप से पवित्र स्थान माना जाता है। गया में पिंडदान करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। लेकिन पिंडदान के बाद श्राद्ध कर्म करना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पितरों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक पूर्ण कर्मकांड है।
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September 08, 2025 3:32 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
पितृपक्ष को और किन-किन नामों से जाना जाता है
पितृपक्ष को कई अन्य नामों से भी जाना जाता है। इसे पितृ पोक्खो, सोरह श्राद्ध या सोलह श्राद्ध, कनागत, जितिया, अपरा पक्ष, महालया, अखाडपाक और पितृपास नामों से भी जाना जाता है।
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September 08, 2025 3:32 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
पितृपक्ष को और किन-किन नामों से जाना जाता है
पितृपक्ष को कई अन्य नामों से भी जाना जाता है। इसे पितृ पोक्खो, सोरह श्राद्ध या सोलह श्राद्ध, कनागत, जितिया, अपरा पक्ष, महालया, अखाडपाक और पितृपास नामों से भी जाना जाता है।
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September 08, 2025 2:55 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
पितरों की तस्वीर मंदिर में रख सकते हैं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितरों की तस्वीर को पूजा स्थल में रखना सही नहीं माना जाता। पितरों की तस्वीर को लगाने के लिए दक्षिण दिशा सबसे शुभ होती है क्योंकि इस दिशा में ही पितृ निवास करते हैं।
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September 08, 2025 2:22 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
पितृपक्ष में ये उपाय करना भी होता है बेहद शुभ
पितृपक्ष में प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करना बेहद शुभ होता है।
श्राद्ध पक्ष में जानवरों को अन्न जल देने से भी शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
गरीब, अपंग व विधवा महिला को इस दौरान दान देना अच्छा माना जाता है।
पितृपक्ष में गीता का 7वां अध्याय या मार्कण्डेय पुराणांतर्गत 'पितृ स्तुति' करनी चाहिए। -
September 08, 2025 1:42 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
पितृ गायत्री मंत्र
पितृपक्ष के दौरान गायत्री मंत्र का जप करने से पितरों का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है। इस मंत्र का जप आप पूरे श्राद्ध पक्ष में भी कर सकते हैं और ऐसा न कर सकें तो अपने पितरों के श्राद्ध के दिन इसका जप अवश्य करें।
मंत्र-ॐ पितृगणाय विद्महे जगतधारिणे धीमहि तन्नो पितृो प्रचोदयात्
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September 08, 2025 1:00 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
द्वितीया तिथि के श्राद्ध के लिए सबसे शुभ मुहूर्त
द्वितीया तिथि का श्राद्ध 9 सितंबर के दिन किया जाएगा। इस दिन कुतुप मुहूर्त सुबह 11 बजकर 53 मिनट से दोपहर 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। आपको बता दें कि श्राद्ध कर्म कुतुप मुहूर्त में करना सबसे शुभ माना जाता है।
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September 08, 2025 12:41 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
पितृ दोष से बचने के लिए कौन सा रत्न पहनना चाहिए?
पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए माणिक रत्न को पहनने की सलाह दी जाती है। यह रत्न सूर्य ग्रहण से जुड़ा है और सूर्य के मजबूत होने पर अन्य ग्रहों का बुरा प्रभाव कम होता है और पितृ दोष से भी व्यक्ति को मुक्ति मिलती है। पितृ पक्ष में किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह पर आप ये रत्न पहन सकते हैं।
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September 08, 2025 12:19 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
पितृपक्ष में कौन सी दाल दान करते हैं?
पितृपक्ष के दौरान उड़द की दाल दान करना बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और आप पर कृपा बरसाते हैं।
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September 08, 2025 11:55 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal
पितरों को कौन से फूल चढ़ाने चाहिए?
पितृपक्ष में पितरों की पूजा के दौरान आपको सफेद फूल अर्पित करने चाहिए। पितरों को चंपा, जूही, कमल के फूल चढ़ाने से शुभ फलों की आपको प्राप्ति होती है।
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September 08, 2025 10:34 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal
पितृदोष होने पर क्या लक्षण दिखते हैं
- घर में कभी भी सुख-शांति का न रहना। परिवार के लोगों के बीच वाद-विवाद होना।
- संतान प्राप्ति में बाधाएं आना, संतान हो तो उसकी तबीयत बारबार खराब होना।
- करियर के क्षेत्र में सफलता न मिल पाना।
- सपने में बार-बार पितरों का दिखना।
- घर में पीपल के पेड़ का उग आना।
- मेहनत का उचित फल न मिलना।
इसके लिए पितृपक्ष में पितरों का श्राद्ध और तर्पण करना चाहिए। ऐसा करने से पितृदोष दूर होता है।
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September 08, 2025 9:46 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal
पितृपक्ष में जरूर करें भगवद्गीता का पाठ
पितृपक्ष के दौरान भगवद्गीता का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है। गीता का पाठ करने से आपको आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त होता है और आपके पितरों को भी इससे प्रसन्नता होती है।
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September 08, 2025 8:10 AM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Pratipada Shradh Muhurt: प्रतिपदा श्राद्ध में कब करें श्राद्ध और तर्पण
प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध आज यानि 8 सितंबर को किया जाएगा। श्राद्ध कर्म करने के लिए कुतुप मुहूर्त सबसे शुभ माना जाता है जो आज सुबह 11:53 बजे से दोपहर 12:44 मिनट तक।
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September 07, 2025 10:36 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
मातृ नवमी श्राद्ध कब है, इसका क्यों है अलग महत्व?
नवमी के श्राद्ध को मातृ नवमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन उन माताओं और बहनों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृ्त्यु तिथि ज्ञात न हो, इसलिए इसे मातृ नवमी कहा जाता है।
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September 07, 2025 10:19 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
पितृ पक्ष में अगर सपने में पितृ दिखें तो इसका क्या अर्थ है?
पितृपक्ष के दौरान सपने में पितरों का दिखना शुभ माना जाता है। सपने में पितरों का आने का अर्थ है उनका आशीर्वाद आपके जीवन में बना हुआ है।
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September 07, 2025 10:00 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
पितृपक्ष में पीपल का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पीपल के वृक्ष में हमारे पितृ निवास करते हैं। ऐसे में पितृपक्ष के दौरान पीपल के पेड़ का महत्व बहुत अधिक बढ़ जाता है। पितृपक्ष के दौरान पीपल तले दीपक जलाने से और पीपल को जल अर्पित करने से पितरों का आशीर्वाद आपको मिलता है।
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September 07, 2025 9:09 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
पितृपक्ष में इन जीवों को जरूर दें अन्न-जल
पितृपक्ष के दौरान आपको गाय, कुत्ता, कौवा, चींटी और मछली को अन्न और जल अवश्य देना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इनको दिया गया अन्न जल आपके पितरों तक पहुंचता है और उनकी आत्मा को शांति मिलती है।
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September 07, 2025 7:58 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
पितृपक्ष के दौरान इस दिशा में जरूर जलाएं दीपक
पितृपक्ष के दौरान आपको घर की दक्षिण दिशा में दीपक अवश्य जलाना चाहिए। माना जाता है कि यह दिशा पितरों की होती है। इस दिशा में दीपक जलाने से पितरों का आशीर्वाद आपको प्राप्त होता है।
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September 07, 2025 7:16 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
क्या पितृपक्ष के दौरान मंदिर जा सकते हैं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृपक्ष के दौरान मंदिरों में जाने की कोई मनाही नहीं है। इस दौरान आप मंदिर जा सकते हैं और कुछ विशेष मंदिरों में जाकर श्राद्ध कर्म भी कर सकते हैं।
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September 07, 2025 5:53 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
पितृ दोष कब तक रहता है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर आप अपने पितरों का तर्पण या श्राद्ध कर्म नहीं करते तो सात पीढ़ियों तो पितृ दोष का दंश आपको सहना पड़ सकता है। पितृ दोष के चलते करियर में परेशानी, विवाह में दिक्कतें और धन हानि होती है।
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September 07, 2025 5:10 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
पार्वण श्राद्ध क्या होता है?
किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के बाद तीसरे वर्ष में पार्वण श्राद्ध किया जाता है। इस श्राद्ध को करने के बाद मृत आत्मा पितरों की श्रेणी में आ जाती है।
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September 07, 2025 4:10 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
प्रतिपदा श्राद्ध के दिन कुतुप मुहूर्त कब से कब तक रहेगा?
प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध 8 सितंबर 2025 के दिन किया जाएगा। इस दिन कुतुप मुहूर्त 11:53 ए एम से 12:44 पी एम तक रहेगा। आपको बता दें कि कुतुप मुहूर्त वह समय काल है जब पितरों का तर्पण करना सबसे शुभ माना जाता है।
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September 07, 2025 3:07 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
मृत्यु के कितने साल बाद करना चाहिए श्राद्ध कर्म?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी व्यक्ति की मृत्यु के 1 साल बाद वार्षिक श्राद्ध किया जाता है। इसके बाद हर वर्ष पितृपक्ष के दौरान पितरों का श्राद्ध करना चाहिए।
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September 07, 2025 2:15 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Pitru Paksha 2025: गंगा नदी के किनारे श्राद्ध करने का महत्व
गंगा नदी के तट पर श्राद्ध करने का बहुत महत्व है। अगर ऐसा संभव नहीं है, तो घर पर भी श्राद्ध कर्म किया जा सकता है। श्राद्ध के दिन ब्राह्मणों को भोजन करवाना चाहिए और उन्हें अपने सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा देनी चाहिए।
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September 07, 2025 2:00 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
पितृ पक्ष कब खत्म होगा 2025
पितृ पक्ष की समाप्ति 21 सितंबर 2025 को होगी। इस दिन सर्वपितृ अमावस्या मनाई जाएगी। इस अमावस्या का श्राद्ध सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।
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September 07, 2025 1:17 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Pitru Amavasya 2025: सर्वपितृ अमावस्या कब है 2025 में
अमावस्या तिथि श्राद्ध परिवार के उन मृतक सदस्यों के लिये किया जाता है, जिनकी मृत्यु अमावस्या तिथि, पूर्णिमा तिथि तथा चतुर्दशी तिथि को हुई हो। यदि कोई सम्पूर्ण तिथियों पर श्राद्ध करने में सक्षम न हो, तो वो मात्र अमावस्या तिथि पर श्राद्ध कर सकता है। कहते हैं अमावस्या तिथि पर किया गया श्राद्ध, परिवार के सभी पूर्वजों की आत्माओं को प्रसन्न करने के लिये पर्याप्त है।
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September 07, 2025 12:34 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
पितृ पक्ष में कौन से श्राद्ध एक साथ पड़ रहे हैं?
पितृ पक्ष में तीसरा और चौथा श्राद्ध एक साथ पड़ रहा है। बता दें इस साल पितृ पक्ष 7 सितंबर से 21 सितंबर तक रहेगा।
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September 07, 2025 12:15 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
पहले श्राद्ध का मुहूर्त 2025 (Pehla Shradh Muhurat 2025)
- प्रतिपदा श्राद्ध - 8 सितंबर 2025, सोमवार
- कुतुप मुहूर्त - 11:09 ए एम से 11:59 ए एम
- अवधि - 00 घण्टे 50 मिनट्स
- रौहिण मुहूर्त - 11:59 ए एम से 12:49 पी एम
- अवधि - 00 घण्टे 50 मिनट्स
- अपराह्न काल - 12:49 पी एम से 03:18 पी एम
- अवधि - 02 घण्टे 29 मिनट्स
- प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ - सितम्बर 07, 2025 को 11:38 पी एम बजे
- प्रतिपदा तिथि समाप्त - सितम्बर 08, 2025 को 09:11 पी एम बजे
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September 07, 2025 11:10 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Shadh Paksha 2025: तर्पण के बाद पितरों को भोजन कैसे मिलता है
ऐसी पौराणिक मान्यता है कि हमारे पितर गंध और स्वाद के तत्वों से प्रसन्न होते हैं। जब व्यक्ति अपने घर में सुख-शांति के लिए गाय के गोबर से बने जलते हुए उपले पर गुड़, घी और अन्न अर्पित करता है, तो इससे पैदा हुई गंध से पितरों को भोजन प्राप्त होता है।
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September 07, 2025 10:10 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Ghar par Shradh Kaise Kare: घर पर श्राद्ध करने की सरल विधि
पितृ पक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध किया जाता है। सबसे पहले, पितर की देहांत तिथि के अनुसार पितृ पक्ष की तिथि चुनें। फिर श्राद्ध करने वाली तिथि पर सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। जहां श्राद्ध करना है वहां तिल, जौ, कुशा, गंगाजल, खीर, पूड़ी, दाल, चावल, मिठाई, फल और धूप-दीप लेकर बैठें। दोपहर में दक्षिण दिशा की ओर मुख करके श्राद्ध शुरू करें। एक तांबे के पात्र में गंगाजल, तिल और जौ मिलाकर पितरों का नाम और गोत्र लेते हुए तर्पण करें। एक थाली में भोजन परोसकर पितरों को भोग लगाएं और गाय, कौए और कुत्ते को भोजन खिलाएं। "ॐ पितृभ्य: नम:" मंत्र का जाप करें। अंत में ब्राह्मण या जरूरतमंद को भोजन कराकर उन्हें दान की चीजें दें।
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September 07, 2025 9:21 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष 2025 में पितरों को जल देने की विधि
पितरों को जल अर्पित करने को तर्पण कहते हैं। कुशा लें और अपने दोनों हाथ जोड़ें। अब आपको अपने जिस पितर को जल अर्पित करना है, उनका ध्यान करें। इस दौरान ‘ॐ आगच्छन्तु में पितर एवं ग्रहन्तु जलान्जलित’ मंत्र का जाप करें। अब अपने अंगूठे का उपयोग करते हुए 5 से 7 बार या 11 बार जल को जमीन पर चढ़ाएं। मान्यता है कि अंगूठे से जल चढ़ाने से ही पितर संतुष्ट हो जाते हैं।
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September 07, 2025 8:54 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
प्रतिपदा श्राद्ध तिथि व मुहूर्त 2025
- प्रतिपदा श्राद्ध सोमवार, सितम्बर 8, 2025 को
- कुतुप मुहूर्त - 11:09 ए एम से 11:59 ए एम
- अवधि - 00 घण्टे 50 मिनट्स
- रौहिण मुहूर्त - 11:59 ए एम से 12:49 पी एम
- अवधि - 00 घण्टे 50 मिनट्स
- अपराह्न काल - 12:49 पी एम से 03:18 पी एम
- अवधि - 02 घण्टे 29 मिनट्स
- प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ - सितम्बर 07, 2025 को 11:38 पी एम बजे
- प्रतिपदा तिथि समाप्त - सितम्बर 08, 2025 को 09:11 पी एम बजे
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September 07, 2025 8:23 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Pitru Paksha Mantra: पितृ पक्ष मंत्र
1. ॐ पितृ देवतायै नम:
2. ॐ पितृ गणाय विद्महे जगतधारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्।
3. ॐ देवताभ्य: पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च
नम: स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नम:
4. ॐ देवताभ्य: पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च।
नम: स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नम:।
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September 07, 2025 8:07 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
पितृ पक्ष में नॉनवेज खा सकते हैं?
पितृ पक्ष के 16 दिन बेहद पवित्र और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं इसलिए इस दौरान नॉनवेज नहीं खाना चाहिए।
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September 07, 2025 7:40 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
श्राद्ध पक्ष में बाल कटवा सकते हैं?
श्राद्ध पक्ष में वो लोग बाल नहीं कटवा सकते जो अपने पूर्वजों का श्राद्ध कर्म करते हैं।
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September 07, 2025 7:21 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Purnima Shradh Timing 2025: पूर्णिमा श्राद्ध का समय
- पूर्णिमा श्राद्ध रविवार, सितम्बर 7, 2025 को
- कुतुप मुहूर्त - 11:09 ए एम से 11:59 ए एम
- अवधि - 00 घण्टे 50 मिनट्स
- रौहिण मुहूर्त - 11:59 ए एम से 12:49 पी एम
- अवधि - 00 घण्टे 50 मिनट्स
- अपराह्न काल - 12:49 पी एम से 03:18 पी एम
- अवधि - 02 घण्टे 29 मिनट्स
- पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ - सितम्बर 07, 2025 को 01:41 ए एम बजे
- पूर्णिमा तिथि समाप्त - सितम्बर 07, 2025 को 11:38 पी एम बजे
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September 07, 2025 6:41 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
त्रिपंडी श्राद्ध क्या है?
त्रिपिंडी श्राद्ध एक ऐसा अनुष्ठान है जो पिछली तीन पीढ़ियों या उससे अधिक समय तक नियमित श्राद्ध के अभाव के कारण बाधित हुई पूर्वजों की आध्यात्मिक यात्रा को शांत करने के लिए किया जाता है। यह विशेष रूप से उन पूर्वजों के लिए किया जाता है जो बिना शांति या मोक्ष के भटकते रहते हैं और अपने वंशजों को परेशान करते हैं।
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September 07, 2025 6:09 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
हर साल पितृ पक्ष किस माह की पूर्णिमा से शुरू होता है?
हर साल पितृ पक्ष भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन अमावस्या तक रहता है।
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September 06, 2025 10:00 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
पितृ पूजन में क्या चीजें वर्जित हैं?
पितरों की पूजा में चमड़े का सामान, तंबाकू, शराब, लोहे से बनी चीजें आदि वर्जित मानी जाती है। तामसिक भोजन भी पितृ पूजा में नहीं चढ़ाया जाना चाहिए। ऐसा करने से पितरों के निमित्त की गई पूजा सफल नहीं होती है।
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September 06, 2025 8:47 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
पितृ पक्ष में करें इस आरती का पाठ
श्री पितर आरती
जय जय पितरजी महाराज,मैं शरण पड़यो हूँ थारी।
शरण पड़यो हूँ थारी बाबा,शरण पड़यो हूँ थारी॥
आप ही रक्षक आप ही दाता,आप ही खेवनहारे।
मैं मूरख हूँ कछु नहि जाणू,आप ही हो रखवारे॥
जय जय पितरजी महाराज।
आप खड़े हैं हरदम हर घड़ी,करने मेरी रखवारी।
हम सब जन हैं शरण आपकी,है ये अरज गुजारी॥
जय जय पितरजी महाराज।
देश और परदेश सब जगह,आप ही करो सहाई।
काम पड़े पर नाम आपको,लगे बहुत सुखदाई॥
जय जय पितरजी महाराज।
भक्त सभी हैं शरण आपकी,अपने सहित परिवार।
रक्षा करो आप ही सबकी,रटूँ मैं बारम्बार॥
जय जय पितरजी महाराज। -
September 06, 2025 8:15 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
पितरों की तस्वीर किस दिशा में लगानी चाहिए?
वास्तु के अनुसार, पितरों की तस्वीर को उत्तर दिशा वाली दीवार पर लगाना चाहिए। पितरों का मुख दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए क्योंकि यह दिशा पितरों की कहलाती है। गलती से भी किचन, बेडरूम, पूजा घर में पितरों की तस्वीर स्थापित नहीं करनी चाहिए।
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September 06, 2025 7:12 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
कौन हैं अर्यमा, पितरों से इनका क्या है संबंध?
अर्यमा को पितरों का देवता माना जाता है। इन्हें पितृलोक के न्यायाधीश और राजा की उपाधि भी प्राप्त है। पितृ पक्ष में पितरों के साथ ही इनकी पूजा करना भी बेहद शुभ माना गया है। पितृपक्ष में अर्यमा के निमित्त जल का दान करने से पारिवारिक समस्याएं दूर होती हैं। आपको बता दें कि अर्यमा ऋषि कश्यम और माता अदिति की संतानों में से एक हैं।
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September 06, 2025 6:48 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Pitru Stotra: पितृपक्ष में पितृ स्तोत्र का पाठ करने से बरसेगी पूर्वजों की कृपा
पितृ स्तोत्र
अर्चितानाममूर्तानां पितृणां दीप्ततेजसाम् ।
नमस्यामि सदा तेषां ध्यानिनां दिव्यचक्षुषाम्।।
इन्द्रादीनां च नेतारो दक्षमारीचयोस्तथा ।
सप्तर्षीणां तथान्येषां तान् नमस्यामि कामदान् ।।
मन्वादीनां च नेतार: सूर्याचन्दमसोस्तथा ।
तान् नमस्यामहं सर्वान् पितृनप्युदधावपि ।।
नक्षत्राणां ग्रहाणां च वाय्वग्न्योर्नभसस्तथा ।
द्यावापृथिवोव्योश्च तथा नमस्यामि कृताञ्जलि:।।
देवर्षीणां जनितृंश्च सर्वलोकनमस्कृतान् ।
अक्षय्यस्य सदा दातृन् नमस्येहं कृताञ्जलि: ।।
प्रजापते: कश्पाय सोमाय वरुणाय च ।
योगेश्वरेभ्यश्च सदा नमस्यामि कृताञ्जलि: ।।
नमो गणेभ्य: सप्तभ्यस्तथा लोकेषु सप्तसु ।
स्वयम्भुवे नमस्यामि ब्रह्मणे योगचक्षुषे ।।
सोमाधारान् पितृगणान् योगमूर्तिधरांस्तथा ।
नमस्यामि तथा सोमं पितरं जगतामहम् ।।
अग्रिरूपांस्तथैवान्यान् नमस्यामि पितृनहम् ।
अग्रीषोममयं विश्वं यत एतदशेषत: ।।
ये तु तेजसि ये चैते सोमसूर्याग्रिमूर्तय:।
जगत्स्वरूपिणश्चैव तथा ब्रह्मस्वरूपिण: ।।
तेभ्योखिलेभ्यो योगिभ्य: पितृभ्यो यतामनस:।
नमो नमो नमस्तेस्तु प्रसीदन्तु स्वधाभुज ।।
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September 06, 2025 6:16 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
पितृ पक्ष में इन मंत्रों का जप करना शुभ
- ॐ पितृ देवतायै नम:।
- ॐ देवताभ्य: पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च। नम: स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नम:।।
- ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय च धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात।
- ॐ पितृगणाय विद्महे जगत धारिणी धीमहि तन्नो पितृो प्रचोदयात्।
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September 06, 2025 5:34 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Purnima Shradh 2025: पूर्णिमा श्राद्ध के दिन तर्पण और पितृ पूजन का शुभ समय
पूर्णिमा के श्राद्ध के दिन पितरों की पूजा और तर्पण करने के लिए सबसे शुभ समय 11:53AM से 11:44 PM तक रहेगा। यह समय कुतुप काल भी कहा जाता है और इस दौरान पितरों का पूजन करना बेहद शुभ होता है। आपको बता दें कि पूर्णिमा के श्राद्ध के दिन चंद्रग्रहण भी लगने जा रहा है इसलिए सूतक काल शुरू होने से पहले ही आपको पितृ पूजन कर लेना चाहिए। 7 सितंबर को सूतक काल 12 बजकर 44 मिनट से शुरू हो जाएगा।
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September 06, 2025 5:07 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
जिन माताओं बहनों की मृत्यु तिथि पता नहीं है उनका श्राद्ध कब होगा?
परिवार की मृत माताओं और बहनों का श्राद्ध अगर ज्ञात न हो तो उन सभी का श्राद्ध नवमी तिथि को किया जाता है। इस दिन हमारी पूर्वज माता-बहनों का श्राद्ध होता है इसलिए इसे तिथि को मातृ नवमी के नाम से भी जाना जाता है। साल 2025 में यह तिथि 15 सितंबर को है।
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September 06, 2025 4:09 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
Pitru Paksh Me Shradh Karna Kyon Jaruri: पितृ पक्ष में श्राद्ध करना क्यों हेै जरूरी?
पितृपक्ष में पूर्वजों की पूजा करने और उनका श्राद्ध करने से कई लाभ मिलते हैं।
- पितृदोष से मुक्ति- श्राद्ध करने से पितृदोष दूर होते हैं और आपके जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
- सुधरता है कुटुंब का भविष्य- श्राद्ध करने से आने आपकी संतान के साथ ही कुटुंब के लोगों को भी शुभ फल मिलते हैं। इसके अलावा आने वाली संतति को भी लाभ की प्राप्ति होती है।
- अपयश के भय से मुक्ति- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्राद्ध करने से अपयश का भय भी मिट जाता है।
- पितरों का आशीर्वाद- सबसे महत्वपूर्ण श्राद्ध करने से आपके पितरों का आशीर्वाद आप पर बरसता है।
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September 06, 2025 3:15 PM (IST) Posted by Naveen Khantwal
पितरों को तर्पण कौन दे सकता है?
पितरों का तर्पण घर के सबसे बड़े पुरुष सदस्य के द्वारा किया जाना चाहिए, यह बात शास्त्रों में लिखी गई है। परंतु घर में कोई बड़ा पुरुष सदस्य न हो तो पुत्र, पौत्र, नाती, पौते आदि भी पितरों का श्राद्ध कर्म कर सकते हैं।
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September 06, 2025 2:38 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Pitru Paksha 2025 Start Date Live: पितृ पक्ष में वर्जित कार्य
पितृ पक्ष में तामसिक भोजन, विशेष रूप से मांस और शराब का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इस दौरान विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, और नए व्यवसाय की शुरुआत जैसे कोई भी शुभ काम नहीं करना चाहिए। जो लोग श्राद्ध करते हैं उन्हें पितृ पक्ष के 15 दिनों में बाल और नाखून नहीं काटने चाहिए।
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September 06, 2025 2:14 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Pitru Paksha 2025 Start Date Live: श्राद्ध पक्ष 2025 तिथियां
- 07 सितंबर, 2025 पूर्णिमा श्राद्ध
- 08 सितंबर, 2025 प्रतिपदा श्राद्ध
- 09 सितंबर, 2025 द्वितीया श्राद्ध
- 10 सितंबर, 2025 तृतीया श्राद्ध
- 10 सितंबर, 2025 चतुर्थी श्राद्ध
- 11 सितंबर, 2025 पंचमी श्राद्ध
- 11 सितंबर, 2025 महाभरणी श्राद्ध
- 12 सितंबर, 2025 षष्ठी श्राद्ध
- 13 सितंबर, 2025 सप्तमी श्राद्ध
- 14 सितंबर, 2025 अष्टमी श्राद्ध
- 15 सितंबर, 2025 नवमी श्राद्ध
- 16 सितंबर, 2025 दशमी श्राद्ध
- 17 सितंबर, 2025 एकादशी श्राद्ध
- 18 सितंबर, 2025 द्वादशी श्राद्ध
- 19 सितंबर, 2025 त्रयोदशी श्राद्ध
- 19 सितंबर, 2025 मघा श्राद्ध
- 20 सितंबर, 2025 चतुर्दशी श्राद्ध
- 21 सितंबर, 2025 सर्वपितृ अमावस्या
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September 06, 2025 1:40 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
Pitru Paksha 2025 Start Date Live: इसके बिना अधूरा है श्राद्ध कर्म
धार्मिक नियमों के अनुसार पितरों को प्रसन्न करने के लिए किए जाने वाले श्राद्ध कर्म, तर्पण या पिंडदान में कुशा का उपयोग करना बहुत जरूरी होता है। कहते हैं कि कुशा से तर्पण करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।