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Ram Mandir Dhwajarohan: इस शुभ मुहूर्त में होगा राम मंदिर में ध्वजारोहण, जानिए इसका धार्मिक महत्व

Ram Mandir Dhwajarohan: राम मंदिर में ध्वजारोहण के लिए विवाह पंचमी का दिन चुना गया है। तो वहीं ध्वजारोहण अभिजीत मुहूर्त में किया जाएगा। अभिजीत मुहूर्त 25 नवंबर को 11 बजकर 46 से 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा।

Ram Mandir Dhwajarohan- India TV Hindi
Image Source : PTI राम मंदिर ध्वजारोहण

Ram Mandir Dhwajarohan: राम मंदिर का कार्य संपन्न होने के बाद अब अयोध्या एक और ऐतिहासिक दिन की गवाह बनने वाली है। दरअसल अब राम मंदिर का ध्वजारोहण किया जाएगा। ध्वजारोहण का अर्थ यही होता है कि मंदिर का निर्माण अब पूर्ण हो चुका है। मंदिर के अलग-अलग स्थानों के दर्शन अब भक्त कर सकते हैं। नवंबर में किस दिन ध्वजारोहण किया जाएगा और ध्वजारोहण का समय क्या होगा इसके बारे में आज हम आपको जानकारी देंगे।  

राम मंदिर ध्वजारोहण तिथि

राम मंदिर में भव्य ध्वजारोहण 25 नवंबर 2025 को किया जाएगा। इस दिन विवाह पंचमी का पावन त्योहार है। इस दिन जहां भक्त भगवान राम और माता सीता का विवाह करवाएंगे वहीं राम जन्मभूमि पर आस्था का परचम लहराएगा। ध्वजारोहण वाले दिन  वीआईपी व्यवस्थाओं के चलते दोपहर 2 बजकर 30 मिनट तक आम जनता के लिए मंदिर बंद रहेगा। 

ध्वजारोहण का समय 

राम मंदिर में ध्वजारोहण अभिजीत मुहूर्त में किया जाएगा। अभिजीत मुहूर्त 25 नवंबर को 11 बजकर 46 से 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। इसी शुभ मुहूर्त में भारत के प्रधानमंत्री एक बटन दबाकर राम मंदिर में ध्वजारोहण का कार्यक्रम संपन्न करेंगे। 

ध्वज पर बने चिह्नों का अर्थ

राम मंदिर पर लहराने वाले ध्वज का रंग केसरिया होगा जो आध्यात्मिक ऊर्जा को दर्शाता है। सूर्य पर बनी सूर्य की आकृति श्रीराम के सूर्यवंशी होने का प्रतीक है। वहीं कोविदर वृक्ष और ओम की आकृति भी ध्वज पर अंकित होगी। इस ध्वज की लंबाई 22 फीट और चौड़ाई 11 फीट बताई जा रही है। इस ध्वज को इस तरह से लगाया जाएगा कि ये 360 डिग्री में लहरा सके।

ध्वजारोहण का महत्व क्या है?

ध्वजारोहण का हिंदू धर्म में बड़ा महत्व है। यह एक रस्म न होकर धार्मिक आस्था का प्रतीक भी है। ध्वजारोहण दर्शाता है कि मंदिर का निर्माण कार्य अब पूर्ण हो चुका है। इसके साथ ही मंदिर के शिखर पर फहराता ध्वज दिव्य ऊर्जा का प्रतीक भी माना गया है। ध्वज भक्तों की भक्ति और आस्था का प्रतीक भी माना जाता है। वहीं शिखर पर लहराता यह ध्वज मीलों दूर से ही भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा भी प्रदान करता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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