Ramadan 2026 Roza Rakhne Or Kholne Ki Dua (रोजा रखने और खोलने की दुआ): इस्लाम धर्म में रमजान सबसे पवित्र और बरकतों वाला महीना माना जाता है। कहते हैं इसी महीने में पवित्र ग्रंथ कुरआन का अवतरण हुआ था, इसी कारण से रमजान को इबादत, आत्मशुद्धि और अल्लाह की रहमत पाने का खास समय माना गया है। इस महीने में मुसलमान रोजा रखते हैं और अपना अधिक से अधिक समय अल्लाह की इबादत में बिताते हैं। रमजान में रोजा रखना हर बालिग मुसलमान पर फर्ज माना गया है। बता दें रमजान में रोजा रखते और खोलते समय कुछ खास दुआएं पढ़ी जाती हैं जिनका बहुत सवाब मिलता है।
रोजा रखने की दुआ (Roza Rakhne ki Dua In Hindi)
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के अनुसार जब भी कोई रोजा रखता है, तो उसे सहरी खाने के बाद यानि फज्र की अजान से पहले इस दुआ को पढ़ना चाहिए।
'व बि सोमि गदिन नवई तु मिन शहरि रमज़ान'
अर्थ- मैं रमजान के इस रोजे की नियत करता या करती हूं।
रोजा रखने की दुआ अंग्रेजी में (Roza Rakhne ki Dua in English)
Wa bisawmi ghaddan nawaiytu min shahri ramadan
रोजा खोलने की दुआ (Roza Kholne ki Dua In Hindi)
कहा जाता है रोजा खोलते समय ये खास दुआ पढ़ने से खाने में बरकत होती है। ध्यान रखें कि यह दुआ खजूर खाने से पहले पढ़नी है।
व बिसौमि ग़दिन नवैतु मिन शाह्रि रमजान
अर्थ - मैं अल्लाह के लिए रमजान के रोजे की नीयत करता/करती हूं।
रोजा खोलने की दुआ अंग्रेजी में (Roza Khone Ki Dua In English)
Wa Bisawmi ghaddan nawaiytu min shahri ramadan
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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