10 अक्टूबर को पितृ पक्ष का आखिरी दिन है। इस दिन सभी पितर धरती से विदा ले लेंगे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि श्राद्ध पक्ष का ये आखिरी दिन सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है जिसे सर्वपितृ अमावस्या के रूप में मनाया जाता है। कहते हैं इस दिन का श्राद्ध हमारे सभी पूर्वजों की आत्मा को तृप्त कर देता है। जिन मृत परिजनों का श्राद्ध आप किसी कारण उनकी मृत्यु की तिथि पर नहीं कर पाएं हैं या जिनकी मृत्यु की तारीख आपको याद नहीं है उनका श्राद्ध तक आप इस दिन कर सकते हैं। लेकिन अब सवाल ये उठता है कि इस दिन पितरों को प्रसन्न कैसे किया जाए जिससे वे खुशी-खुशी पितृ लोक वापस लौट जाएं। तो आपको बता दें कि इस खास दिन पर आप पितरों को 7 प्रकार की चीजों सा भोग लगाकर उनकी विशेष कृपा पा सकते हैं।
1. खीर
सर्वपितृ अमावस्या के श्राद्ध में खीर जरूर शामिल करें क्योंकि बिना इसके पितरों का भोग अधूरा माना जाता है। ध्यान रहे कि खीर गाय के दूध की होनी चाहिए न कि भैंस के दूध की।
2. चावल
श्राद्ध की थाली में चावल भी जरूर होने चाहिए। मान्यता है पितरों को चावल अर्पित करने से पितृ दोष से राहत मिलती है।
3. उड़द दाल के व्यंजन
श्राद्ध की थाली में उड़द दाल से बना कोई न कोई व्यंजन जरूर होना चाहिए। आप उड़द की दाल बना सकते हैं या फिर उड़द के पकोड़े भी बना सकते हैं। चाहें तो दाल की कचौड़ी या दही बड़े भी बना सकते हैं।
4. पूड़ी
श्राद्ध की थाली में पूड़ी जरूर शामिल करनी चाहिए। कहते हैं पूड़ी पितरों का प्रिय भोजन होता है।
5. मौसमी सब्जियां
श्राद्ध की थाली में कोई न कोई मौसमी सब्जी भी जरूर शामिल करें। वैसे इस दिन विशेष रूप से कद्दू की सब्जी बनाई जाती है।
6. मौसमी फल
पितरों को फलों का भोग भी लगाया जाता है। आप कोई भी मौसमी फल श्राद्ध की थाली में शामिल कर सकते हैं।
7. पितरों की पसंदीदा डिश
इन सब चीजों के अलावा पितरों की थाली में ऐसी चीजें भी शामिल करें जो उनकी पसंदीदा रही हों जैसे राजमा, छोले, कड़ी, रबड़ी इत्यादि।
इस बात का रखें विशेष ध्यान
पितरों को अर्पित करने के लिए जो भोग तैयार कर रहे हैं उसमें लहसुन-प्याज का सेवन बिल्कुल भी न करें। शुद्ध सात्विक भोजन बनाएं और सच्चे मन से उसे अपने पितरों को अर्पित करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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