शिवलिंग पर पुष्प अर्पित करना बेहद शुभ फलदायक माना जाता है, खासकर सावन के माह में। हिंदू धर्म शास्त्रों की मानें तो शिवजी को अर्पित किए जाने वाले कुछ फूल ऐसे भी हैं, जिन्हें हजारों बिल्वपत्र अर्पित करने जितना शुभ और पुण्य फल देने वाला माना गया है। मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव को हजार बिल्वपत्र अर्पित करने से जो फल मिलता है वो केवल एक गूमा फूल अर्पित करने से मिल जाता है। गूमा के फूल को आयुर्वेद में द्रोणपुष्पी भी कहा जाता है। इसलिए भक्त गूमा के फूल को भी सावन में शिवलिंग पर अर्पित कर सकते हैं। हालांकि चिचिड़ा का फूल हजार गूमा के फूलों को अर्पित करने जितना फल आपको दे सकता है। वहीं शमी के पुष्प को शिवलिंग पर अर्पित करने के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इसी तरह से हिंदू धर्म ग्रंथों में शिवलिंग पर अर्पित किए जाने वाले अन्य पुष्प भी बताए गए हैं और तुलनात्मक रूप से कौन किस से श्रेष्ठ है इसके बारे में भी जानकारी दी गई है। आज इस विषय के बारे में हम आपको जानकारी देंगे।
हजार बिल्वपत्रों के जितना पुण्य देगा ये फूल
हिंदू धर्म शास्त्रों में शिवलिंग पर अर्पित किए जाने वाले कई फूल और पत्तों के बारे में बताया गया है। साथ ही इन फूल और पत्तों का तुलनात्मक अध्ययन करके ऋषि-मुनियों ने ग्रंथों में इनका वर्णन भी किया है। संक्षिप्त रूप से इसकी जानकारी हम अब आपको देने जा रहे हैं।
- धार्मिक ग्रंथों के अनुसार आक का एक फूल शिवलिंग पर चढ़ाने से सोने के दान जितना शुभ फल भक्तों को मिल सकता है।
- वहीं हजार आक के फूलों की अपेक्षा एक कनेर का फूल शिवलिंग पर अर्पित करना शुभ माना गया है।
- हजार कनेर के फूलों को चढ़ाने की अपेक्षा एक बिल्व पत्र चढ़ाना अधिक पुण्य देने वाला होता है।
- हजार बिल्वपत्रों के बराबर एक द्रोण या गूमा फूल शिवलिंग पर चढ़ाना शुभ होता है।
- हजार गूमा फूल के बराबर एक चिचिड़ा यानी लटजीरा के फूल को शिवजी को अर्पित करना पुण्य फलदायी होता है।
- हजार चिचिड़ा के बराबर एक कुश का फूल शिवलिंग पर अर्पित करके आपको शुभ फल मिल सकते हैं।
- हजार कुश के फूलों के बराबर एक शमी का पत्ता शिवलिंग पर चढ़ाना शुभ माना गया है।
- हजार शमी के पत्तों के बराबर एक नीलकमल पुण्य देने वाला होता है।
- हजार नीलकमल से ज्यादा एक धतूरा चढ़ाकर आप भोलेनाथ को प्रसन्न कर सकते हैं।
- वहीं हजार धतूरों से भी ज्यादा एक शमी का फूल शुभ और पुण्य देने वाला माना गया है।
शिवजी को प्रिय हैं सफेद फूल
सावन महीने में भगवान शिव को फल, फूल, मेवा आदि का भोग लगाना चाहिए। अगर आप भगवान को फल, फूल, मेवा आदि न भी चढ़ा पाएं तो कोई बात नहीं। आप केवल नित्य रूप से शिवलिंग पर जल चढ़ाएं, तो आपके सारे कार्य पूरे हो जायेंगे। शिव जी को सफेद फूल प्रिय हैं। लिहाजा शिव जी की पूजा में सफेद फूलों का इस्तेमाल करना चाहिए।
सावन में शिव भक्ति का विशेष महत्व
सावन महीने में शिव भक्त पूरी तरह से शिव की साधना में लीन होते हैं। सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार, मां पार्वती ने भी शिव जी को पति के रूप में पाने के लिये सावन महीने में ही कठोर तप किया था और उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने माता पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया। लिहाजा अच्छे वर की प्राप्ति के लिये इस महीने में भगवान शिव की पूजा-अर्चना जरूर करनी चाहिए।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
ये भी पढ़ें: सावन में कामिका एकादशी कब है 8 या 9 अगस्त? नोट कर लें सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि