चंद्रमा 21 जुलाई की सुबह कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में गोचर करते ही दो क्रूर ग्रहों मंगल और शनि के साथ षडाष्टक योग बनाएंगे। शनि वर्तमान में मीन में हैं और ऐसे में चंद्रमा, शनि ग्रह से अष्टम में होंगे और शनि की स्थिति चंद्रमा से छठे भाव में। वहीं वृषभ में बैठ मंगल से चंद्रमा छठे भाव में होंगे और चंद्रमा से मंगल ग्रह अष्टम भाव में। ऐसे में दोनों ही ग्रहों शनि-मंगल के साथ चंद्रमा का षडाष्टक योग बनेगा। 23 जुलाई तक यह योग प्रभावी रहेगा। इस योग के चलते किन राशियों को सतर्कता बरतनी चाहिए और क्या उपाय करने चाहिए, आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
वृषभ राशि
चंद्रमा 21 जुलाई को जब दो क्रूर ग्रहों के साथ षडाष्टक योग बनाएंगे तो आपके छठे भाव में विराजमान होंगे। ऐसे में आपको करियर के क्षेत्र में सतर्कता बरतनी होगी। विरोधी आपका काम बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। कारोबारियों की कुछ योजनाएं अटक सकती हैं, धैर्य बनाए रखें स्थिति कुछ ही दिनों में बेहतर भी हो जाएगी। पारिवारिक जीवन में बातचीत के दौरान आपको शब्दों का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए नहीं तो मनमुटाव हो सकता है। उपाय के तौर पर आपको हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
कर्क राशि
चंद्रमा आपकी राशि के ही स्वामी हैं ऐसे में षडाष्टक योग के चलते कुछ परेशानियां आपके जीवन में पैदा हो सकती हैं। मानसिक भ्रम की स्थिति में आप हो सकते हैं इसलिए किसी भी तरह का कोई बड़ा फैसला आपको इस दौरान नहीं लेना चाहिए। सेहत को लेकर भी सतर्क रहें और किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज करने की कोशिश न करें। आर्थिक पक्ष में संतुलन बना रहे इसलिए सही बजट प्लान करें। उपाय के तौर पर आपको शिव चालीसा का पाठ करना चाहिए।
मीन राशि
षडाष्टक योग के चलते अचानक से कुछ अप्रिय आपके जीवन में घटित हो सकता है। वाहन चलाते समय आपको सावधानी इस दौरान बरतनी चाहिए। अपनी राज की बातों को जितना अपने दिल में छुपाकर रखेंगे उतना आपके लिए अच्छा होगा। इस अवधि में आपको कार्यक्षेत्र में किसी भी कार्य को करते समय लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। माता-पिता के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखें। उपाय के तौर पर मीन राशि के जातकों को शिवलिंग पर जल अर्पित करना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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