Shani Mesh Gochar: मेष शनि की नीच राशि मानी जाती है इसलिए इस राशि में शनि का गोचर परेशानी देने वाला साबित होता है। जब भी शनि अपनी नीच राशि में प्रवेश करते हैं तब-तब लोगों में धैर्य की कमी देखने को मिलती है। रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी के कामों में मंदी आती है। जीवन में संघर्ष बढ़ जाते हैं। ऐसे में हर काम में सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। सरल शब्दों में समझें तो नीच राशि में होने के कारण शनि अपनी सकारात्मक शक्ति खो देते हैं और जिससे किसी भी कार्य में सफलता पाने के लिए खूब संघर्ष करना पड़ता है। चलिए आपको बताते हैं मेष राशि में शनि का गोचर कब हो रहा है और इस गोचर से किन राशियों को खतरा है।
शनि का मेष राशि में गोचर 2027 (Shani Gochar 2027)
शनि देव मेष राशि में 3 जून 2027 को प्रवेश करेंगे और फिर करीब ढाई साल तक इस राशि में विराजमान रहेंगे। शनि का मेष राशि में गोचर कुछ राशि वालों के लिए बेहद परेशानियां देने वाला साबित होगा।
इन राशियों पर शुरू होगी साढ़े साती और ढैय्या
शनि के मेष राशि में प्रवेश करते ही वृषभ वालों पर साढ़े साती शुरू हो जाएगी। तो वहीं कन्या और मकर वालों पर शनि ढैय्या का प्रारंभ होगा। जबकि मेष राशि वालों पर साढ़े साती का दूसरा चरण तो मीन वालों पर इसका आखिरी चरण शुरू होगा। ऐसे में शनि का गोचर मेष, वृषभ, मीन, कन्या और मकर राशि वालों की लाइफ सबसे ज्यादा डिस्टर्ब करेगा। इन राशियों के लोगों को बेहद सतर्क रहना होगा। जोखिम भरे कार्यों को करने से बचना होगा।
बुरे प्रभाव से बचने के लिए क्या करें
अगर आप शनि के प्रकोप से बचना चाहते हैं तो हर शनिवार शनि देव और हनुमान जी की अराधना करें। हनुमान चालीसा का पाठ करें। शनिवार को काली उड़द, काला कपड़ा, कंबल, तिल या लोहे की वस्तुएं दान करें। अपनी छाया दान करें। गरीबों और असहाय लोगों की मदद करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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