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शनि की महादशा इन 4 राशियों के लिए होती है सकारात्मक, भाग्य का मिलता है साथ

शनि की महादशा 19 सालों तक चलती है और इस दौरान व्यक्ति को कई उतार-चढ़ावों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, राशिचक्र की कुछ राशियों के लिए शनि की महादशा शुभ होती है। आइए जानते हैं इनके बारे में।

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Image Source : FREEPIK शनि महादशा

शनि ग्रह को ज्योतिष में न्याय का देवता माना जाता है। ये उन ग्रहों में से एक हैं जिनकी महादशा लंबे समय तक चलती है। आपको बता दें कि शनि ग्रह 19 साल तक महादशा में रहते हैं। 19 साल का यह समय काल सभी लोगों के जीवन में आता है लेकिन कुछ लोगों के लिए शनि की महादशा काफी सकारात्मक रह सकती है। आज हम आपको इन्हीं राशियों के बारे में बताने जा रहे हैं। 

इन राशियों के लिए शनि महादशा सकारात्मक 

शनि ग्रह मकर और कुंभ राशियों के स्वामी हैं, इसलिए इन दोनों ही राशियों के लिए शनि की महादशा सकारात्मक सिद्ध हो सकती है। इसके साथ ही तुला और मिथुन के जातकों के लिए भी शनि की महादशा सकारात्मक सिद्ध हो सकती है। हालांकि इसके लिए कुंडली देखऩा भी बेहद जरूरी होता है। अगर कुंडली में शनि ग्रह प्रतिकूल अवस्था में हैं तो इन चारों राशियों को भी जीवन में प्रतिकूल प्रभाव शनि महादशा के दौरान दे सकता है। वहीं अगर कुंडली में शनि की स्थिति अच्छी हो तो इन लोगों को भाग्य का साथ मिलता है और जीवन में हर प्रकार की उन्नति ये प्राप्त करते हैं। 

शनि की महादशा में मिथुन, तुला, मकर और कुंभ को कैसे फल मिलते हैं? 

अगर मिथुन, तुला, मकर और कुंभ राशि के जातकों की कुंडली में शनि शुभ हैं या तटस्थ हैं तो अन्य ग्रहों की अंतर्दशा के दौरान नीचे दिए गए फल इन राशियों को मिलते हैं। 

शनि की महादशा में शनि की अंतर्दशा

इस दौरान संघर्ष जीवन में हो सकते हैं लेकिन सीखने को भी बहुत कुछ मिलता है। यह समय काल धैर्य और संयम व्यक्ति को सिखाता है। 

शनि की महादशा में सूर्य की अंतर्दशा 

इस दौरान मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। नेतृत्व करने के क्षमता बढ़ती है और करियर के क्षेत्र में उन्नति होती है। 

शनि की महादशा में चंद्रमा की अंतर्दशा 

मानसिक रूप से परेशानियां आ सकती हैं लेकिन कल्पनाशक्ति बढ़ती है। कला आदि के क्षेत्रों में उन्नति प्राप्त होती है और समाज में सम्मान मिलता है। 

शनि की महादशा में मंगल की अंतर्दशा 

इस दौराान ऊर्जा में वृद्धि होती है साहस-पराक्रम बढ़ता है। इस अवधि में व्यक्ति वाहन, भूमि आदि का सुख पाता है और जीवन के कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लेता है। 

शनि की महादशा में बुध की अंतर्दशा 

मिथुन, तुला, मकर और कुंभ राशि वालों को इस दौरान ज्ञान की प्राप्ति होती है। अपनी बातों से ये लोग सबका दिल जीतते हैं। बहुत कुछ नया सीखने को मिलता है। करियर के क्षेत्र में आगे बढ़ते हैं। 

शनि की महादशा में गुरु की अंतर्दशा 

जीवन का वास्तविक रूप इस दौरान दिखता है। धार्मिक, आध्यात्मिक और परोपकारी कार्यों में हिस्सा लेने का मौका मिलता है। मानसिक स्थिति सुधरती है। 

शनि की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा 

इस दौरान व्यक्ति को जीनन का आनंद प्राप्त होता है। विलासिता में इजाफा देखने को मिलता है। प्रेम, वैवाहिक संबंधों के लिए यह समय अच्छा माना जाता है। 

शनि की महादशा में राहु की अंतर्दशा 

इस दौरान थोड़ा संभलकर रहना होता है भ्रम और गलतफहमियां पारिवारिक जीवन को बिगाड़ सकती हैं। हालांकि तकनीकी क्षेत्रों में सफलता मिलती है। 

शनि की महादशा में केतु की अंतर्दशा 

यह समयकाल व्यक्ति के मन में वैराग्य पैदा कर सकता है। एकांतवास करना इस समय अच्छा लगता है और ज्ञान की प्राप्ति होती है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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