Vaishakh Amavasya 2026: वैशाख अमावस्या ज्योतिषीय और धार्मिक दृष्टि से बेहद खास मानी जाती है। इस दिन स्नान, तर्पण और दान इत्यादि से जुड़े कार्य करना बेहद पुण्य का काम माना जाता है। इस अमावस्या को सतुवाई अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस दिन सत्तू का दान बेहद शुभ होता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए पुण्य कार्य कई गुना फल देते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि लाते हैं। चलिए जानते हैं इस साल वैशाख अमावस्या कब मनाई जाएगी और इस दिन किन कार्यों को करना फलदायी माना जाता है।
वैशाख अमावस्या कब है 2026 (Vaishakh Amavasya 2026)
- वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी।
- अमावस्या तिथि का प्रारम्भ 16 अप्रैल की रात 08:11 बजे होगा और इसका समापन 17 अप्रैल की शाम 05:21 बजे होगा।
वैशाख अमावस्या पर दो शुभ योग (Vaishakh Amavasya Shubh Yog)
- अमृत सिद्धि योग - 05:54 AM से 12:02 PM
- सर्वार्थ सिद्धि योग - पूरे दिन
वैशाख अमावस्या पर जरूर करें ये 5 काम
वैशाख अमावस्या का दिन आत्मचिंतन, साधना और पितरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का होता है, इसलिए इस दिन स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। चलिए जानते हैं इस दिन कौन-कौन से 5 कार्य करना फलदायी माना गया है।
- वैशाख अमावस्या पर गंगा स्नान जरूर करना चाहिए। कहते हैं इस दिन गंगा स्नान करके सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।
- इसके अलावा इस दिन तर्पण और पिंडदान करना भी बेहद पुण्य का काम माना गया है। मान्यता है ऐसा करने से पितरों को मोक्ष मिलता है और उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है।
- कई स्थानों पर इस दिन वृक्षारोपण करने की भी परंपरा है। कहते हैं इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
- इस दिन शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे दीप जलाने का भी विशेष महत्व माना गया है। कहते हैं इससे ईश्वर की असीम कृपा प्राप्त होती है।
- इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र, जल और धन का दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है। कहते हैं इससे धन-समृद्धि की कभी कमी नहीं होती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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