Vishwakarma Puja 2026 Live: शाम में कितने बजे से शुरू होगा विश्वकर्मा पूजा का मुहूर्त? नोट कर लें पूजा विधि, मंत्र, भोग, आरती समेत सारी जानकारी
Vishwakarma Puja 2026 Live: विश्वकर्मा पूजा का पावन पर्व 17 सितंबर 2026 को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस दिन सृष्टि के पहले इंजीनियर भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था। इसी कारण से इस दिन लोग अपने कार्यालय में भगवान विश्वकर्मा की विधिवत् पूजा करते हैं। यहां आप जानेंगे इस पूजा से जुड़ी हर एक जानकारी।

Vishwakarma Puja 2026 Muhurat, Mantra, Aarti And Bhajan Live: आज विश्वकर्मा जयंती मनाई जा रही है, जिसे विश्वकर्मा पूजा के नाम से जाना जाता है। यह पर्व सूर्य के कन्या राशि में गोचर करने के समय मनाया जाता है। इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा होती है, जिन्हें सृष्टि का पहला इंजीनियर और वास्तुकार माना जाता है। इस दिन उद्योगों और फैक्ट्रियों में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित करके उनकी विधि विधान पूजा की जाती है। साथ ही लोग इस त्योहार पर अपने कार्यालय की मशीनों और उपकरणों की भी पूजा करते हैं। कहते हैं इस पूजा से कार्यस्थल में सफलता, सुरक्षा और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। चलिए अब जानते हैं भगवान विश्वकर्मा की पूजा विधि, मुहूर्त, मंत्र, कथा, आरती, भजन समेत सारी जानकारी।
विश्वकर्मा भगवान की आरती लिरिक्स (Vishwakarma Ji Ki Aarti)
- जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
- जय श्री विश्वकर्मा ।
- सकल सृष्टि के करता,
- रक्षक स्तुति धर्मा ॥
- जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
- जय श्री विश्वकर्मा ।
- आदि सृष्टि मे विधि को,
- श्रुति उपदेश दिया ।
- जीव मात्र का जग में,
- ज्ञान विकास किया ॥
- जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
- जय श्री विश्वकर्मा ।
- ऋषि अंगीरा तप से,
- शांति नहीं पाई ।
- ध्यान किया जब प्रभु का,
- सकल सिद्धि आई ॥
- जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
- जय श्री विश्वकर्मा ।
- रोग ग्रस्त राजा ने,
- जब आश्रय लीना ।
- संकट मोचन बनकर,
- दूर दुःखा कीना ॥
- जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
- जय श्री विश्वकर्मा ।
- जब रथकार दंपति,
- तुम्हारी टेर करी ।
- सुनकर दीन प्रार्थना,
- विपत सगरी हरी ॥
- जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
- जय श्री विश्वकर्मा ।
- एकानन चतुरानन,
- पंचानन राजे।
- त्रिभुज चतुर्भुज दशभुज,
- सकल रूप साजे ॥
- जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
- जय श्री विश्वकर्मा ।
- ध्यान धरे तब पद का,
- सकल सिद्धि आवे ।
- मन द्विविधा मिट जावे,
- अटल शक्ति पावे ॥
- जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
- जय श्री विश्वकर्मा ।
- श्री विश्वकर्मा की आरती,
- जो कोई गावे ।
- भजत गजानांद स्वामी,
- सुख संपति पावे ॥
- जय श्री विश्वकर्मा प्रभु,
- जय श्री विश्वकर्मा ।
- सकल सृष्टि के करता,
- रक्षक स्तुति धर्मा ॥
विश्वकर्मा पूजा मुहूर्त 2026 (Vishwakarma Puja Muhurat 2026)
- सुबह की पूजा का शुभ मुहूर्त- 07:58 AM से 10:43 AM बजे तक
- दोपहर की पूजा का शुभ मुहूर्त - 12:15 PM से 01:48 PM बजे तक
- शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त - 04:52 PM से 06:24 PM बजे तक
विश्वकर्मा पूजा विधि (Vishwakarma Puja Vidhi)
- विश्वकर्मा पूजा के दिन सबसे पहले अपने सभी औजारों, मशीनों और कार्यस्थल की अच्छी से सफाई कर लें।
- फिर पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़ककर स्थान को पवित्र बनाएं।
- इसके बाद चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं और वहां लाल रंग के कुमकुम से स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं।
- पूजा की शुरुआत गणेश जी की पूजा से करें।
- फिर भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति स्थापित करें। उन्हें हल्दी, रोली, अक्षत, फूल, मिठाई और फल अर्पित करें।
- फिर अपने सभी औजारों और मशीनों पर तिलक लगाएं। साथ ही फूल और अक्षत भी चढ़ाएं।
- साथ ही 'ॐ विश्वकर्मणे नमः' मंत्र का जाप करें।
- फिर पूजा के अंत में भगवान विश्वकर्मा की आरती करें।
- आरती के बाद सभी में प्रसाद बांट दें।
- फिर किसी भी भूल-चूक के लिए क्षमा प्रार्थना करें।
(विश्वकर्मा पूजा मंत्र, भजन, भोग, सामग्री लिस्ट और अन्य सभी जरूरी जानकारी के लिए बने रहिए हमारे इस लाइव ब्लॉग पर)
Live updates : Vishwakarma Puja 2026 Live: सुख-समृद्धि और व्यापार में वृद्धि के लिए ऐसे करें भगवान विश्वकर्मा की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, कथा, मंत्र, आरती और भजन
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September 17, 2026 2:13 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
विश्वकर्मा 17 सितंबर को ही क्यों मनाई जाती है?
विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को इसलिए मनाई जाती है क्योंकि इस दिन कन्या संक्रांति होती है। मान्यता है भगवान विश्वकर्मा का जन्म कन्या संक्रांति के दिन हुआ था।
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September 17, 2026 1:13 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
विश्वकर्मा पूजा क्या शाम में कर सकते हैं?
जी हां विश्वकर्मा पूजा शाम में भी की जाती सकती है। पूजा का शाम का मुहूर्त शाम 4 बजकर 52 मिनट से शाम 6 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।
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September 17, 2026 12:41 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
17 सितंबर 2026 को इस समय न करें पूजा
17 सितंबर को दोपहर 1 बजकर 48 मिनट से दोपहर 3 बजकर 20 मिनट तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान पूजा न करें। बता दें कि हिंदू धर्म में राहुकाल में पूजा-पाठ और शुभ या मांगलिक कार्यों को करने की मनाही होती है।
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September 17, 2026 12:05 PM (IST) Posted by Laveena Sharma
विश्वकर्मा पूजा आरती Lyrics
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।
सकल सृष्टि के कर्ता, रक्षक स्तुति धर्मा ।। 1 ।।
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।आदि सृष्टि में विधि को, श्रुति उपदेश दिया।
जीव मात्र का जग में, ज्ञान विकास किया।। 2।।
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।ऋषि अंगिरा ने तप से, शांति नहीं पाई।
ध्यान किया जब प्रभु का, सकल सिद्ध आई ।। 3 ।।
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।रोग ग्रस्त राजा ने जब आश्रय लीना ।
संकट मोचन बन कर दूर दुःख कीना ।। 4 ।।
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।जब रथकार दम्पति, तुम्हारी टेर करी ।
सुनकर दीन प्रार्थना, विपत्ति हरी सगरी ।। 5 ।।
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।एकानन चतुरानन, पंचानन राजे ।
द्विभुज, चतुर्भुज, दसभुज, सकल रूप साजे ।। 6 ।।
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।ध्यान धरे जब पद का, सकल सिद्धि आवे।
मन दुविधा मिट जाये, अटल शांति पावे ।। 7 ।।
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा ।श्री विश्वकर्मा जी की आरती जो कोई जन गावे ।।
कहत गजानन्द स्वामी, सुख सम्पत्ति पावे ।। 8 ।।
ओम जय श्री विश्वकर्मा, प्रभु जय श्री विश्वकर्मा । -
September 17, 2026 11:33 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
विश्वकर्मा स्तुति मंत्र
- विश्वकर्मा प्रभु नित्य नमनकर सुखदायकम्
- ब्रह्मांड अमित जगत सुखकर सर्व सुर वर नायकम्
- त्रिनेत्र आनन जलज लोचन पद्मासित कर कोमलं
- कंचन मुकुट सिर तिलक चंदन चारु कर्ण सुकुण्डलम् ,
- चारु कर्ण सुकुण्डलम्
- विश्वकर्मा प्रभु नित्य नमनकर सुखदायकम्
- ब्रह्मांड अमित जगत सुखकर सर्व सुर वर नायकम्
- पुखराज हाटक हरित मणिहिय हार दिव्य मनोहरम्
- कटिपित अम्बर ललित सुंदर शुभ बपु शोभाकरम् ,
- शुभ बपु शोभाकरम्
- विश्वकर्मा प्रभु नित्य नमनकर सुखदायकम्
- ब्रह्मांड अमित जगत सुखकर सर्व सुर वर नायकम्
- भजु पंचमुख अविनव अलौकिक विश्वरूप विरोचनम्
- अनुपम चिरंतन अमल छवि मुनि संतजन मनरंजनम् ,
- संतजन मनरंजनम्
- विश्वकर्मा प्रभु नित्य नमनकर सुखदायकम्
- ब्रह्मांड अमित जगत सुखकर सर्व सुर वर नायकम्
- जय भक्त वत्सल भय विनाशक करुणामय अखिलेश्वरं
- मम काम क्रोध मद् लोभ हर मन मुदितकर शिल्पेश्वरं,
- विश्वकर्मा प्रभु नित्य नमनकर सुखदायकम
- ब्रह्मांड अमित जगत सुखकर सर्व सुर वर नायकम्
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September 17, 2026 10:59 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
भगवान विश्वकर्मा ध्यान मंत्र
नारायणाब्ज – जनितस्य विधेः सुतस्य,
धर्मात्मजस्य गृहवास्तुसुतं वरेण्यम् ।
स्वर्गादिलोकरचनाकुशलं तमद्य,
श्रीविश्वकर्मविश्रुतं सततं स्मराम ॥
दंशपाल महावीर ! सुचित्रकर्मकारक ।
विश्वकृत् विश्वधृक् त्वं च वसनामानदण्डधृक् ॥
देवशिल्पिन् महाभाग देवानां कार्यसाधकः ।
विश्वकर्मन् ! नमस्तुभ्यं सर्वाभीष्ठप्रदायक ! ॥
नमामि विश्वकर्माणं द्विभुजं विश्ववन्दिनम् ।
गृहवास्तु – विधातारं महाबलपराक्रमम् ॥
प्रसीद विश्वकर्मस्त्वं शिल्पविद्याविशारद ।
दण्डपाणे ! नमस्तुभ्यं तेजोमूर्त्तधर प्रभो ! ॥
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September 17, 2026 10:32 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Vishwakarma Mantra: विश्वकर्मा पूजा प्रार्थना मंत्र
नमामि विश्वकर्माणं द्विभुजं विश्ववन्दिनम् । गृहवास्तु विधातारं महाबलपराक्रमम् ।। प्रसीद विश्वकर्मस्त्वं शिल्पविद्याविशारद । दण्डपाणे नमस्तुभ्यं तेजोमूर्त्तधर प्रभो ।।
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September 17, 2026 9:52 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Shri Vishwakarma Aarti Lyrics: श्री विश्वकर्मा आरती
- प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवोप्रभु विश्वकर्मा।
- सुदामा की विनय सुनीऔर कंचन महल बनाये।
- सकल पदारथ देकर प्रभु जीदुखियों के दुख टारे॥
- प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो...॥
- विनय करी भगवान कृष्ण नेद्वारिकापुरी बनाओ।
- ग्वाल बालों की रक्षा कीप्रभु की लाज बचायो॥
- प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो...॥
- रामचन्द्र ने पूजन कीतब सेतु बांध रचि डारो।
- सब सेना को पार कियाप्रभु लंका विजय करावो॥
- प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो...॥
- श्री कृष्ण की विजय सुनोप्रभु आके दर्श दिखावो।
- शिल्प विद्या का दो प्रकाशमेरा जीवन सफल बनावो॥
- प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो...॥
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September 17, 2026 9:36 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Vishwakarma Puja Bhog: विश्वकर्मा पूजा भोग लिस्ट
विश्वकर्मा पूजा के दिन भगवान विश्वकर्मा को मुख्य रूप से मूंग दाल की खिचड़ी, खीर, सूजी का हलवा, पूरी-सब्जी और पंचामृत का भोग लगाया जाता है।
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September 17, 2026 9:25 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Vishwakarma Chalisa Lyrics: विश्वकर्मा चालीसा लिरिक्स
॥ दोहा ॥
विनय करौं कर जोड़कर,मन वचन कर्म संभारि।
मोर मनोरथ पूर्ण कर,विश्वकर्मा दुष्टारि॥॥ चौपाई ॥
विश्वकर्मा तव नाम अनूपा।पावन सुखद मनन अनरूपा॥
सुंदर सुयश भुवन दशचारी।नित प्रति गावत गुण नरनारी॥शारद शेष महेश भवानी।कवि कोविद गुण ग्राहक ज्ञानी॥
आगम निगम पुराण महाना।गुणातीत गुणवंत सयाना॥जग महँ जे परमारथ वादी।धर्म धुरंधर शुभ सनकादि॥
नित नित गुण यश गावत तेरे।धन्य-धन्य विश्वकर्मा मेरे॥आदि सृष्टि महँ तू अविनाशी।मोक्ष धाम तजि आयो सुपासी॥
जग महँ प्रथम लीक शुभ जाकी।भुवन चारि दश कीर्ति कला की॥ब्रह्मचारी आदित्य भयो जब।वेद पारंगत ऋषि भयो तब॥
दर्शन शास्त्र अरु विज्ञ पुराना।कीर्ति कला इतिहास सुजाना॥तुम आदि विश्वकर्मा कहलायो।चौदह विधा भू पर फैलायो॥
लोह काष्ठ अरु ताम्र सुवर्णा।शिला शिल्प जो पंचक वर्णा॥दे शिक्षा दुख दारिद्र नाश्यो।सुख समृद्धि जगमहँ परकाश्यो॥
सनकादिक ऋषि शिष्य तुम्हारे।ब्रह्मादिक जै मुनीश पुकारे॥जगत गुरु इस हेतु भये तुम।तम-अज्ञान-समूह हने तुम॥
दिव्य अलौकिक गुण जाके वर।विघ्न विनाशन भय टारन कर॥सृष्टि करन हित नाम तुम्हारा।ब्रह्मा विश्वकर्मा भय धारा॥
विष्णु अलौकिक जगरक्षक सम।शिवकल्याणदायक अति अनुपम॥नमो नमो विश्वकर्मा देवा।सेवत सुलभ मनोरथ देवा॥
देव दनुज किन्नर गन्धर्वा।प्रणवत युगल चरण पर सर्वा॥अविचल भक्ति हृदय बस जाके।चार पदारथ करतल जाके॥
सेवत तोहि भुवन दश चारी।पावन चरण भवोभव कारी॥विश्वकर्मा देवन कर देवा।सेवत सुलभ अलौकिक मेवा॥
लौकिक कीर्ति कला भंडारा।दाता त्रिभुवन यश विस्तारा॥भुवन पुत्र विश्वकर्मा तनुधरि।वेद अथर्वण तत्व मनन करि॥
अथर्ववेद अरु शिल्प शास्त्र का।धनुर्वेद सब कृत्य आपका॥जब जब विपति बड़ी देवन पर।कष्ट हन्यो प्रभु कला सेवन कर॥
विष्णु चक्र अरु ब्रह्म कमण्डल।रूद्र शूल सब रच्यो भूमण्डल॥इन्द्र धनुष अरु धनुष पिनाका।पुष्पक यान अलौकिक चाका॥
वायुयान मय उड़न खटोले।विधुत कला तंत्र सब खोले॥सूर्य चंद्र नवग्रह दिग्पाला।लोक लोकान्तर व्योम पताला॥
अग्नि वायु क्षिति जल अकाशा।आविष्कार सकल परकाशा॥मनु मय त्वष्टा शिल्पी महाना।देवागम मुनि पंथ सुजाना॥
लोक काष्ठ, शिल ताम्र सुकर्मा।स्वर्णकार मय पंचक धर्मा॥शिव दधीचि हरिश्चंद्र भुआरा।कृत युग शिक्षा पालेऊ सारा॥
परशुराम, नल, नील, सुचेता।रावण, राम शिष्य सब त्रेता॥ध्वापर द्रोणाचार्य हुलासा।विश्वकर्मा कुल कीन्ह प्रकाशा॥
मयकृत शिल्प युधिष्ठिर पायेऊ।विश्वकर्मा चरणन चित ध्यायेऊ॥नाना विधि तिलस्मी करि लेखा।विक्रम पुतली दॄश्य अलेखा॥
वर्णातीत अकथ गुण सारा।नमो नमो भय टारन हारा॥॥ दोहा ॥
दिव्य ज्योति दिव्यांश प्रभु,दिव्य ज्ञान प्रकाश।
दिव्य दॄष्टि तिहुँ,कालमहँ विश्वकर्मा प्रभास॥विनय करो करि जोरि,युग पावन सुयश तुम्हार।
धारि हिय भावत रहे,होय कृपा उद्गार॥॥ छन्द ॥
जे नर सप्रेम विराग श्रद्धा,सहित पढ़िहहि सुनि है।
विश्वास करि चालीसा चोपाई,मनन करि गुनि है॥भव फंद विघ्नों से उसे,प्रभु विश्वकर्मा दूर कर।
मोक्ष सुख देंगे अवश्य ही,कष्ट विपदा चूर कर॥ -
September 17, 2026 8:46 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Vishwakarma Songs: हो थाकी मूरत प्यारी घणी लागे, म्हानै विश्वकर्मा जी भगवान
- सर्व कला में निपुण जो, रचयिता जगत के महान।
- वंदन उनको बारबार, श्री विश्वकर्मा भगवान॥
- हो थाकी मूरत प्यारी घणी लागे,
- म्हानै विश्वकर्मा जी दातार,
- विश्वकर्मा महाराज, म्हारा चारभुजा रा सरकार।।
- सोने चांदी सूं शिल्प रचायो, गढ़या स्वर्ग रा द्वार,
- थारा जतन सूं जग चमक्यो, थारा हुकम अपार।।
- शंभु के आग्रह पे आपने लंका दी थी बनाए।
- लंका दी थी बनाए अपने हीरा मोती जड़ाए।।
- हो थाकी मूरत प्यारी लागे, म्हानै विश्वकर्मा जी महाराज,
- कृष्ण कन्हैया का आग्रह पर, द्वारिका दिन्ही बनाए।
- द्वारिका दिन्ही बनाए, जिम सोना चांदी जड़ाए।।
- थकी मूरत प्यारी लागे,म्हारा विश्वकर्मा दातार
- विजयनगर में थानकों मंदिर बनियों,थे हो पुष्कर राज। थे हो पुष्कर राज दाता ओ थे हो पुष्कर राज।।
- थाकी मूरत प्यारी लागे, म्हानै विश्वकर्मा जी महाराज,
- कीजा आपको भजन बनायो, गावे है हर बार,
- सब भक्ता की लाज राखजो, करजो भाव सों पार।।
- थाकी मूरत प्यारी लागे, म्हारा विश्वकर्मा दातार
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September 17, 2026 8:08 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Vishwakarma Puja 2026: विश्वकर्मा पूजा क्यों मनाई जाती है?
विश्वकर्मा पूजा मुख्य रूप से सृष्टि के पहले वास्तुकार और शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने के लिए मनाई जाती है। आधुनिक युग में उन्हें इंजीनियर, आर्किटेक्ट और कारीगरों का आदर्श माना जाता है। विश्वकर्मा पूजा के दिन फैक्ट्रियों और कार्यस्थलों पर सभी मशीनों की विधिपूर्वक पूजा की जाती है, जिससे कार्य में सफलता और समृद्धि आती है।
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September 17, 2026 7:22 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
विश्वकर्मा जी के गाना (Vishwakarma Bhagwan Ke Gana)
- जय बोलो विश्वकर्मा भगवान की
- आओ उत्सव मनाये देव महान की
- सारी दुनिया को जिस ने सजाया है
- मौका उनको सजाने का आया है,
- जय बोलो विश्वकर्मा भगवान की.....
- कला का कोश्ल दिखाने वाले ऊँगली से दुनिया चलाने वाले
- ऐसा इंजीनयर कोई देखा न दूजा आज करे गे हम इनकी ही पूजा
- जिसने सोना का लंका बनाया है मौका उनको सजाने का आया है
- जय बोलो विश्वकर्मा भगवान की
- युवा में चाह जगाने वाले इंसान को राह दिखाने वाले,
- देवो में है ये देव सरोतम कर रही गुणगान खुशबु उतम
- जिसने देवो का स्वर्ग सजाया है मौका उनको सजाने का आया है
- जय बोलो विश्वकर्मा भगवान की
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September 17, 2026 7:09 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Vishwakarma puja Mantra: विश्वकर्मा पूजा मंत्र
- ओम आधार शक्तपे नम:।
- ओम् कूमयि नम:।
- ओम अनन्तम नम:।
- पृथिव्यै नम: मंत्र।
- ॐ धराधराय नमः
- ॐ स्थूतिस्माय नमः
- ॐ विश्वरक्षकाय नमः
- ॐ दुर्लभाय नमः
- ॐ स्वर्गलोकाय नमः
- ॐ पंचवकत्राय नमः
- ॐ विश्वलल्लभाय नमः
- ॐ धार्मिणे नमः
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September 17, 2026 7:07 AM (IST) Posted by Laveena Sharma
Vishwakarma Puja 2026 Samagri List: विश्वकर्मा पूजा सामग्री लिस्ट
- भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या मूर्ति
- लकड़ी की चौकी
- दही
- खीरा
- शहद
- पंचमेवा (काजू, बादाम, किशमिश आदि)
- धूपबत्ती
- फूल (गेंदा, गुलाब आदि)
- रोली (कुमकुम)
- पीला कपड़ा
- नवग्रह (प्रतिनिधि सामग्री सहित)
- मिट्टी का कलश
- जनेऊ (यज्ञोपवीत)
- हल्दी
- मिठाई (लड्डू, बर्फी आदि)
- इत्र
- अक्षत (चावल)
- सुपारी
- मौली (कलावा)
- लौंग
- पीला अश्वगंधा
- कपूर
- देसी घी
- हवन कुंड
- आम की लकड़ी (हवन के लिए)
- गंगाजल
- इलायची
- सूखा गोला (सूखा नारियल)
- जटा वाला नारियल (पूजा हेतु)
- फल (केला, सेब आदि)