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दरवाजे पर देहली क्यों मानी जाती है जरूरी? वास्तु के अनुसार इन 5 चीजों से भी बनाएं दूरी

पुराने भारतीय घरों में दरवाजे पर देहली जरूर बनाई जाती थी। वास्तु में देहली को घर की सुरक्षा का प्रतीक माना गया है। इसके साथ ही माना जाता है कि घर के सामने कुछ चीजें नहीं होनी चाहिए। जानिए घर के आसपास कौन सी चीजों की मौजूदगी शुभ नहीं मानी जाती।

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Image Source : PINTEREST घर के दरवाजे पर देहली क्यों है जरूरी

वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश का प्रमुख स्थान माना गया है। इसी वजह से मुख्य दरवाजे पर बनी देहली (चौखट का निचला हिस्सा) को विशेष महत्व दिया जाता है। हालांकि, आधुनिक युग में दरवाजे पर देहली निर्माण की परंपरा विलुप्त हो गई है। ग्रामीण भारत में भी अब कम ही घरों में यह देखी जा सकती है। आइए जानते हैं देहली का महत्व और वे कौन-सी चीजें हैं, जिन्हें वास्तु के अनुसार घर के आसपास नहीं होना चाहिए।

देहली का क्या है महत्व?

वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य दरवाजे पर बनी देहली का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि सही ऊंचाई वाली देहली और आसपास का स्वच्छ व संतुलित वातावरण घर में सुख-शांति बनाए रखने में सहायक होता है। देहली घर के अंदर आने वाली नकारात्मक ऊर्जा को रोकती है। यही कारण है कि पुराने समय में भारतीय घरों में लगभग हर घर में देहली बनाई जाती थी।

मुख्य द्वार की ऊंचाई क्यों मायने रखती है?

वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर का मुख्य द्वार सड़क के स्तर से थोड़ा ऊंचा होना शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि अगर मुख्य प्रवेश द्वार सड़क से नीचा हो, तो इससे वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है। जो घर के सदस्यों के मानसिक और शारीरिक संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

घर के आसपास नहीं होनी चाहिए ये 5 चीजें

  1. कांटेदार पौधों से करें परहेज: वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने कांटेदार पौधे लगाना शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि इससे परिवार में तनाव, मतभेद और रिश्तों में दूरी बढ़ सकती है। इस तरह के पौधे घर के आसपास लगे हो तो उन्हें हटा दें। 
  2. न हों ऐसे पौधों: वास्तु शास्त्र में ऐसे पौधों, जिनसे सफेद दूध जैसा रस निकलता है, उन्हें मुख्य द्वार के सामने लगाने से बचने की सलाह दी गई है। मान्यता है कि इससे परिवार में विवाद और आर्थिक अस्थिरता बढ़ सकती है। इन पौधों को भी उखाड़कर फेंक देना बेहतर माना जाता है। 
  3. पत्थरों का ढेर न रखें: अगर घर के सामने लंबे समय तक पत्थरों या मलबे का ढेर जमा रहे, तो इसे भी वास्तु की दृष्टि से अच्छा नहीं माना जाता। ऐसी स्थिति को कामों में रुकावट और तरक्की की धीमी गति से जोड़कर देखा जाता है।
  4. सही जगह रखें कूड़ादान: मुख्य दरवाजे के ठीक सामने कूड़ेदान रखना वास्तु में अनुकूल नहीं माना गया है। मान्यता है कि इससे घर के आसपास नकारात्मकता का वातावरण बन सकता है। इसलिए कूड़ेदान को साफ-सुथरी और उचित जगह पर रखने की सलाह दी जाती है।
  5. बड़ा पेड़ समस्या की जड़: वास्तु मान्यताओं के अनुसार, अगर घर के ठीक सामने बहुत ऊंचा और घना पेड़ हो, तो इसे शुभ नहीं माना जाता। कहा जाता है कि इससे घर में पर्याप्त प्रकाश और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह प्रभावित हो सकता है।

अगर आप वास्तु के सिद्धांतों में विश्वास रखते हैं, तो घर का निर्माण करते समय इन बातों का ध्यान रखना फायदेमंद साबित हो सकता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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