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Gardening Vastu tips: बार-बार लगाते हैं पौधे फिर भी नहीं पनपते, तो पहले जान लें वास्तु के जरूरी नियम

Gardening Vastu Tips: गार्डन या बालकनी में लगाए गए पौधे कई बार ठीक से नहीं बढ़ते या सूख जाते हैं। इसका कारण दिशा, समय और नियमों की अनदेखी भी बताया जाता है। घर में सकारात्मक ऊर्जा प्रवाह बनाए रखने के लिए वास्तु के कुछ नियम अपनाकर पौधों की ग्रोथ बेहतर की जा सकती है।

Gardening Vastu tips- India TV Hindi
Image Source : PEXELS पौधे लगाने के जरूरी वास्तु नियम

Gardening Vastu Tips: ज्यादातर लोगों के लिए घर में पौधे लगाना सिर्फ सजावट का हिस्सा होता है। वहीं वास्तु में पौधों को ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। पौधों को समृद्धि और सौभाग्य से भी जोड़ा गया है। लेकिन बिना सही जानकारी के पौधे लगाने का वैसा परिणाम नहीं मिलता, जो असल में पौधों से प्राप्त किया जा सकता है। यही वजह है कि अक्सर पौधे पनप ही नहीं पाते या उनकी ग्रोथ नहीं हो पाती। तो चलिए जानते हैं इसे लेकर वास्तु में क्या नियम बताए गए हैं।

शुभ नक्षत्र और समय का पड़ता है प्रभाव

वास्तु शास्त्र के अनुसार स्वाति, उत्तरा, हस्त, रोहिणी और मूल नक्षत्र में लगाए गए पौधे तेजी से बढ़ते हैं। शुक्ल पक्ष की अष्टमी से लेकर कृष्ण पक्ष की सप्तमी तक का समय भी पौधारोपण के लिए शुभ होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, व्यक्ति अपने जन्म नक्षत्र के अनुसार पौधे लगाए तो अधिक अच्छे परिणाम मिलते हैं।

वास्तु नियमों की अनदेखी 

घर बालकनी या गार्डन में पौधे लगाने के बाद भी अगर वे बार-बार सूख जाते हैं या नहीं बढ़ते तो गलत दिशा, समय और देखभाल की कमी के इन वास्तु नियमों की अनदेखी भी इसका कारण हो सकती है।

  1. घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने बड़ा पौधा लगाना सही नहीं माना जाता। बड़े पेड़ों को हमेशा मुख्य द्वार की ऊंचाई से तीन गुना दूरी पर लगाना चाहिए, ताकि ऊर्जा का प्रवाह बाधित न हो।
  2. वास्तु के अनुसार सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच घर पर बड़े पेड़ों की भारी छाया पड़ना शुभ नहीं माना जाता। इससे घर का ऊर्जा संतुलन प्रभावित हो सकता है और वातावरण भारी महसूस हो सकता है।

पेड़ों को काटने का नियम

वास्तु शास्त्र में पेड़ों को काटना या स्थानांतरित करना बेहद संवेदनशील माना गया है। अगर किसी कारण से आपको पेड़ हटाना या काटना पड़े, तो माघ या भाद्रपद का समय सबसे उपयुक्त होता है। साथ ही पेड़ हटाने के बाद तीन महीनों के अंदर उसकी जगह नया पौधा लगाना जरूरी माना जाता है।

पौधों का ग्रहों से संबंध

वास्तु में पौधों का संबंध अलग-अलग ग्रहों से माना गया है। सूर्य से जुड़े पौधे मजबूत तने वाले होते हैं जैसे शीशम। चंद्र और शुक्र का संबंध लताओं और दूध वाले पौधों से माना जाता है। बृहस्पति ग्रह का कनेक्शन फलदार वृक्षों से होता है। बुध फल रहित हरे-भरे पौधों का प्रतिनिधित्व करता है। शनि का संबंध सूखे, कमजोर और रसहीन पौधों से होता है जबकि राहु केतु कांटेदार झाड़ियों से संबंधित माने जाते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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