घर के मुख्य दरवाजे पर नेमप्लेट उस घर की पहचान होती है। कोई लकड़ी की खूबसूरत नेमप्लेट पसंद लगाता हो तो किसी की पसंद मेटल या पत्थर की नेमप्लेट होती है। वास्तु शास्त्र में नेमप्लेट केवल घर की पहचान बताने वाली चीज नहीं मानी जाती। कहते हैं कि इसका मैटेरियल और इसकी दिशा घर में आने वाली ऊर्जा पर प्रभाव डालती है। ऐसे में नेमप्लेट चुनते समय कुछ वास्तु नियमों का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं किस मैटेरियल की नेमप्लेट शुभ मानी जाती है और इसे किस दिशा में लगाना बेहतर होता है।
लकड़ी की नेमप्लेट (Wooden Name Plate)
वास्तु शास्त्र में लकड़ी को विकास, स्थिरता और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए लकड़ी से बनी नेमप्लेट घर के लिए शुभ मानी जाती है। इसके लिए सागवान, शीशम, महोगनी और आम जैसी मजबूत लकड़ियों का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं प्लाइबोर्ड, एमडीएफ या प्लास्टिक से बनी ऐसी नेमप्लेट से बचने की सलाह दी जाती है, जो केवल लकड़ी जैसी दिखाई देती हैं।
लकड़ी की नेमप्लेट के लिए पूर्व और दक्षिण दिशा को शुभ माना गया है।
मेटल की नेमप्लेट (Metal Name Plate)
मेटल यानी धातु की नेमप्लेट को वास्तु में धन और नए अवसरों से जोड़कर देखा जाता है। पीतल, तांबा, स्टील और लोहे जैसी धातुओं से आकर्षक नेमप्लेट बनाई जा सकती है। खासतौर पर पीतल की नेमप्लेट को घर के लिए शुभ माना जाता है।
मेटल की नेमप्लेट के लिए उत्तर और पश्चिम दिशा बेहतर मानी जाती है। वास्तु मान्यताओं में उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा कहा गया है। ऐसे में इस दिशा में पीतल की नेमप्लेट लगाना धन-समृद्धि के लिहाज से शुभ माना जाता है।
पत्थर की नेमप्लेट (Stone Name Plate)
पत्थर का संबंध वास्तु में पृथ्वी तत्व से माना जाता है। यह मजबूती और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। संगमरमर, ग्रेनाइट और दूसरे प्राकृतिक पत्थरों से बनी नेमप्लेट घर के मुख्य द्वार पर लगाई जा सकती है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इन्हें नकारात्मक ऊर्जा से बचाव से भी जोड़ा जाता है।
पत्थर की नेमप्लेट के लिए दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा शुभ मानी जाती है। दक्षिण-पश्चिम दिशा को स्थिरता से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि यहां नेमप्लेट लगाने से घर के मुखिया की प्रतिष्ठा और प्रभाव मजबूत हो सकता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
ये भी पढ़ें: गुरु और चंद्रमा के बीच 16 सितंबर को बनेगा नवपंचम योग, 4 राशियों के करियर और आर्थिक पक्ष में आ सकता है उछाल