इस काम में अब्बास सफल हो गए और उनका नाम भी हो गया। लोग उनसे जुड़ने लगे। उन्होंने जल्द ही बैवारिया में एक स्थानीय स्पेर्ट्स क्लब में क्रिकेट की शुरुआत कर दी। उनकी टीम ने 2012 में जर्मन लीग के लिए न सिर्फ़ क्वालिफ़ाई किया बल्कि चैंपियनशिप भी जीत ली।
जर्मनी में क्रिकेट मैदान नहीं था और क्रिकेटर्स को पुटबॉल ग्राउंड के बीच में कहीं खेलना पड़ता था। तो इस साल अब्बास के अथक प्रयास से उन्हें हर्ज़ोगेनौरख के पास एर्लेंगन में एक मैदान मिल गया।
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