नई दिल्ली: विजय हजारे ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में महेंद्र सिंह धोनी ने कुछ शानदार छक्कों से सभी का मन जीत लिया लेकिन बंगाल की युवा टीम ने बेहतरीन जज्बा दिखाते हुए झारखंड को 41 रन से पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया। अब बंगाल की भिड़ंत फाइनल में तमिलनाडु से होगी। बंगाल की टीम दिनेश कार्तिक ऐंड कंपनी से 2008-09 और 2009-10 में दो लगातार फाइनल में हार चुकी है।
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अभिमन्यु ईश्वरन (101 रन) और श्रीवत्स गोस्वामी (101 रन) के 2 शतकों तथा कप्तान मनोज तिवारी की 75 रन की आक्रामक पारी की बदौलत बंगाल ने 50 ओवर में 4 विकेट पर 329 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। खेल के बेहतरीन फिनिशर में से एक धोनी ने 62 गेंद में 70 रन की पारी से विपक्षी टीम के खेमे में हलचल मचा दी लेकिन टीम निर्धारित 50 ओवरों में 288 रन पर सिमट गयी। धोनी ने अपनी पारी में 4 छक्के जड़े थे जिससे उन्हें देखने पहुंचे 2,000 से ज्यादा दर्शक निराश नहीं हुए। वे तब बहुत खुश हुए जब अशोक डिंडा ने लॉन्ग आफ पर कैच छोड़ दिया जो बाउंड्री पर चला गया। ऑफ स्पिनर आमिर गनी हैरत से देखते रह गए जब धोनी ने उनकी गेंद पर लॉन्ग ऑन में 2 गगनचुंबी छक्के जड़े।
इशांक जग्गी (43 गेंद में 59 रन) ने भी उनका अच्छा साथ निभाया, हालांकि बंगाल की फील्डिंग काफी अच्छी थी। प्रज्ञान ओझा (71 रन देकर 5 विकेट) को धोनी और जग्गी ने खूब धोया। इससे पहले ईश्वरन और श्रीवत्स दोनों ने 101 रन की पारियां खेली और शुरूआती विकेट के लिए 198 रन की भागीदारी निभाई। इसके बाद तिवारी ने अपनी पारी में 49 गेंद में 7 चौके और 2 छक्के जड़े। ईश्वरन ने 117 गेंद का सामना करते हुए 7 चौके और एक छक्का जबकि गोस्वामी ने 99 गेंद में 11 चौके और एक छक्का जड़ा।
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