राजकोट: भारतीय टीम आगामी 5 मैचों की सीरीज में जब इंग्लैंड का सामना करेगी तो सभी का ध्यान निर्णय समीक्षा प्रणाली (DRS) पर टिका रहेगा। मेजबान टीम के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे ने सोमवार को कहा कि इस विवादास्पद तकनीक का उपयोग कैसे करना है इसके लिए टीम ने रणनीति बनाई है।
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रहाणे ने कहा, ‘यह पूरी तरह से नया सिद्वांत है। हमें DRS को लेकर इंतजार करना होगा। हम न्यूजीलैंड के खिलाफ हुई सीरीज से इस पर चर्चा कर रहे हैं और हमने कुछ योजनाएं बनाई हैं। हम टीम के सदस्यों को DRS के बारे में बताने में कुछ और समय देंगे कि कैसे यह काम करेगी और हमें इसे प्रति कैसा रवैया अपनाना चाहिए लेकिन मुख्य रूप से हमारा ध्यान अच्छी और आक्रामक क्रिकेट खेलने पर होगा और DRS इनके बाद आएगा।’ DRS का इससे पहले बीसीसीआई ने विरोध किया था क्योंकि उसका मानना था कि यह शत प्रतिशत सही नहीं है लेकिन उसने आगामी सीरीज के लिए ट्रायल आधार पर इसके उपयोग की मंजूरी दे दी। भारत ने 8 साल पहले श्रीलंका में इस प्रणाली के कारण नुकसान उठाया था और तब उसने इसका उपयोग करने से इन्कार कर दिया था।
रहाणे ने कहा, ‘हम अच्छी क्रिकेट खेलने पर ध्यान दे रहे हैं। अभी हम अपने मजबूत पक्षों को और दमदार बनाने और उनके हिसाब से खेलने पर ध्यान दे रहे हैं। विकेटकीपर (DRS के उपयोग के लिए) बहुत महत्वपूर्ण है और इसी तरह से स्लिप क्षेत्ररक्षक भी। आपको कप्तान और गेंदबाज को संदेश पहुंचाने की भूमिका निभानी होगी। हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि सीरीज में हम इसका कैसे उपयोग करते हैं।’ पिछले तीन दशकों में भारत अपनी सरजमीं पर पहली बार 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगा और रहाणे ने कहा कि टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ ही 2014 में 5 मैचों की सीरीज से तरोताजा बने रहने और जज्बा बनाये रखने का महत्व सीखा था। रहाणे ने कहा, ‘इंग्लैंड के खिलाफ खेलना चुनौती होगी। उनकी टीम बेहतरीन है।’
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