Exclusive: उत्तराखंड के कर्णवीर 2 साल पहले तक क्रिकेट छोड़ने को थे मजबूर, अब विजय हजारे में दोहरा शतक जड़कर रच दिया इतिहास
27 साल के कौशल ने मौका मिलते ही घरेलू क्रिकेट में अपने जलवे बिखरने शुरू कर दिए हैं। कौशल विजय हजारे टूर्नामेंट में विकेटों की 'हैट्रिक' लगा चुके हैं।

परिवार वालों ने दिया साथ
कर्ण के दोहरे शतक के बाद उनसे फोन पर बात करते हुए उनके पिता को अपने बेटे पर गर्व महसूस हो रहा था और वो काफी इमोशन हो गए थे और हो भी क्यों ना उत्तराखंड की टीम पहली बार घरेलू क्रिकेट में विजय हजारे जैसे बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही है जहां उनके बेट शानदार प्रदर्शन के दमपर टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। हालांकि कर्ण ने वो समय भी देखा है टीम सलेक्शन ना होने बाद कर्ण के पिता उनसे कहा करते थे कि अगर क्रिकेट छोड़कर पढ़ाई में ध्यान दिया होता तो आज कोई सरकारी ऑफिसर होते। अपने माता-पिता के बारे में बात करते हुए कर्ण ने बताया, ''मेरे माता-पिता दोनों पुलिस में हैं। मां उत्तराखंड पुलिस में हैं और पिता उत्तरप्रदेश पुलिस में। दोनों क्रिकेट को लेकर मेरा सपोर्ट किया। लेकिन उत्तराखंड के पास एसोसिएशन ना होने की वजह से मैं उत्तरप्रदेश से ट्रायल देता था। जब वहां पर सलेक्शन नहीं होता था तो कई बार पिता जी कहते थे पढ़ाई लिखा में अच्छा था अगर उसपर ध्यान हुआ तो आज आईपीएस ऑफिसर होता।''