जब कोई भी खिलाड़ी आखिरी बार मैदान पर उतरता है। तो वो पल उसके लिए सबसे ज्यादा इमोश्नल और दर्दभरा होता है। लेकिन अगर आखिरी मैच खेल रहे खिलाड़ी को एलिस्टर कुक जैसी विदाई मिले तो कहना ही क्या। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। कुक आखिरी टेस्ट में बल्लेबाजी के लिए तैयार थे। कुक जैसे ही ड्रेसिंग रूम से निकले वैसे ही हजारों दर्शक कुक के सजदे में झुके थे। तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा स्टेडियम गूंज रहा था और भारतीय टीम के गार्ड ऑफ ऑनर ने कुक के इस फेयरवेल टेस्ट को मेमरेबल टेस्ट बना दिया।
निश्चित रूप से कुक के लिए ये एक बेहद यादगार लम्हा है और वो इसे शायद ही कभी भूल पाएं। लेकिन उन्हें जिस तरह की विदाई मिली उससे उन्हें इस बात का ऐहसास जरूर हुआ होगा कि वो इंग्लैंड के कितने बड़े बल्लेबाज हैं।
आपको बता दें कि बड़ा खिलाड़ी वही होता है जो इस मौके पर अपने जज्बातों पर काबू रखे और मैदान पर अच्छे खेल दिखाए। कुक ने इस मैच में बेहतरीन बल्लेबाजी की और एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। कुक भारत के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में तीसरे नंबर पर आ गए हैं। उन्होंने जैसे ही 17 रन का आंकड़ा छुआ, वैसे ही उन्होंने इस मुकाम को हासिल कर लिया।
आपको ये भी बता दें कि कुक के आखिरी टेस्ट मैच में कुक और कीटन जेनिंग्स के बीच मौजूदा सीरीज में पहली बार अर्धशतकीय साझेदारी हुई है। इसके अलावा आपको ये भी याद दिला दें कि कुक ने भारत के खिलाफ ही अपना पहला टेस्ट खेला था। पहले टेस्ट की पहली पारी में कुक ने अर्धशतक और दूसरी पारी में शतक लगाया था। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या कुक आखिरी टेस्ट में भी ऐसा कारनामा कर पाएंगे या नहीं।
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