इंडियन प्रीमियर लीग का 9वां सीज़न अब उस दौर में पहुंच गया है जहां एक दिन में दो-दो मैच देखने मिलेंगे। शनिवार को दो मैच खेले जाने हैं। पहला मैच कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच है और दूसरा मुंबई और गुजरात के बीच।
तो बात करते हैं हैदराबाद और कोलकता की। हैदराबाद अपने होम ग्राउंड पर है और अभी तक सिर्फ एक मैच खेली है जो वो हार चुकी है। दूसरी तरफ कोलकता है जिसने अपने धर में दिल्ली के ख़िलाफ़ शुरुआत तो धमाकेदार की लेकिन दूसरे मैच में मुंबई से हार गई। ऐसे में ज़ाहिर है कोलकता इस मैच में के साथ जीत का सिलसिला फिर जारी रखना चाहेगी।
आइये एक नज़र डालते हैं उन 5 बातों पर जो इन टीमों की नैया या तो मझदार में फंसा सकती हैं या फिर किनारे की तरफ ले जा सकती हैं।
1- सनराइजर्स हैदराबाद अपना पहला मैच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर से 45 रन से हारी थी बावजूद इसके के उस मैच में कप्तान डेविड वार्नर का बल्ले से रन निकले थे लेकिन बॉलिंग में मुस्ताफिजुर रहमान को छोड़कर किसे ने प्रभावित नहीं किया और तभी बेंगलोर ने 227 का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया था। यानी अगर हैदराबाद को जीतना है तो गेंदबाज़ों को भी कुछ दमखम दिखाना होगा वर्ना गई भेंस पानी में।
2- कोलकता दो मैच खेली है। पहले मैच में उसने दिल्ली डेयरडेविल्स को नौ विकेट से पटख़नी दी लेकिन लेकिन दूसरे मैच में उसे उसी के घर में मुंबई ने छह विकेट से धूल चटा दी। इस मैच में उसने 187 रन बनाए थे लेकिन उसके बॉलर रोहित शर्मा को साध नही पाए। कोलकता को भी बॉलिंग पर ध्यान देना होगा वर्ना बल्लेबाज़ों के किये कराये पर पानी फिरने का ख़तरा है।
3- हैदराबाद के पक्ष में इस मैच में ये बात है कि वह अपना दूसरा मैच अपने ही घर में खेल रही है जहां उसकी वापसी की अच्छी संभावनाएं हैं। दूसरी तरफ दो बार की चैंपियन कोलकता अगर लगातार दूसरा मैच हारती है तो उसके मनोबल पर इसका काफी गहरा असर पड़ सकता है।
4- डेविड वार्नर के पीछे एक ऐसा इतिहास है जो उनकी नींद हराम कर सकता है। हैदराबाद ने 2013 में आईपीएल में दिख़ाला लिया था और तभी से संघर्ष करती आई है। वो एक टीम के रुप में उभर ही नही पाई और इसकी एक ख़ास वजह है उसकी कमान एक हाथ से दूसरे में हाथ में जाना। कुमार संगकारा, कैमरून वाइट, शिखर धवन, डैरेन सैमी और डेविड वार्नर के रूप में टीम को कई कप्तान मिले हैं लेकिन कोई भी उसे सरपट नहीं दौड़ा सका। वार्नर के लिए टीम को पटरी पर लाना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
5- दूसरी ओर कोलकाता को अपनी कप्तानी में दो बार खिताब दिला चुके गौतम गंभीर मुंबई के हाथों मिली हार के बाद से काफी विचलित दिख रहे हैं और उनकी पूरी कोशिश रहेगी कि वह टीम को पटरी पर ला सकें। केकेआर के पास बेहतरीन बैटिंग ऑर्डर है और उसने पिछले मैच में 187 का बढ़िया स्कोर बनाया था लेकिन गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन से मैच हाथ से निकल गया। इस टीम की ताकत निश्चित ही उसका बैटिंग ऑर्डर है जिसमें रॉबिन उथप्पा, गंभीर, मनीष पांडे, आंद्रे रसेल और यूसुफ पठान जैसे खिलाड़ी हैं।
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