धर्मशाला: भारतीय सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल ने पुल शॉट को खराब करार करते हुए कहा कि जोश हेजलवुड और पैट कमिंस का सुबह का स्पेल उनके टेस्ट करियर का सबसे कठिन स्पेल था। राहुल ने विपक्षी टीम के तेज गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा, ‘मैं कह सकता हूं कि जोश और कमिंस ने पहले सेशन में काफी कठिन गेंदबाजी की, ऐसी गेंदबाजी का अभी तक मैंने अपने टेस्ट करियर में सामना नहीं किया है। वे गेंद बिलकुल सही लाइन एवं लेंथ में डालते हैं और काफी तेजी से गेंद को स्विंग करते हैं।’
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राहुल का कमिंस की गेंद पर खेला गया पुल शॉट काफी आलोचना भरा रहा क्योंकि तब वह 60 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे और बड़ी पारी खेलने की ओर अग्रसर थे। उन्होंने कहा, ‘निश्चित रूप से इस शॉट का कार्यान्वयन बहुत ही खराब रहा। लेकिन क्रीज पर इतनी देर से बल्लेबाजी करने के बाद मुझे लगा कि मैं कमिंस की गेंद पर यह शॉट खेल सकता हूं क्योंकि पीछे कोई फील्डर नहीं था। जैसा कि मैंने कहा कि यह खराब शॉट रहा लेकिन मेरा जज्बा सही था। मैं यहां बैठकर जज्बे के अलावा अन्य सैकड़ों बात पर सवाल उठा सकता हूं, लेकिन क्रीज पर मुझे लगा कि मैं शॉट खेल सकता हूं लेकिन दुर्भाग्यशाली रहा कि यह मेरे हक में नहीं रहा।’
राहुल ने कहा, ‘उम्मीद है कि दूसरी पारी में मैं ऐसा कर पाउं। इसलिए मैं दूसरी पारी में फिर से सकारात्मक जज्बे से बल्लेबाजी करने जाऊंगा।’ टेस्ट सीरीज में 5 अर्धशतकों से राहुल घरेलू टीम के उन 2 बल्लेबाजों में शामिल है जो काफी निरंतर रहे हैं, और दूसरे खिलाड़ी चेतेश्वर पुजारा हैं। राहुल ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो मुझे किसी भी चीज का पछतावा नहीं है। निश्चित रूप से थोड़ी निराशा है कि मैं इस शुरूआत को बड़ी पारी में तब्दील कर सकता था और टीम के लिए काफी रन जुटा सकता था। बतौर सलामी बल्लेबाज मेरी जिम्मेदारी क्रीज पर ज्यादा से ज्यादा समय बिताकर पहली पारी में बड़ा स्कोर बनाना है ताकि हमें दूसरी पारी में बल्लेबाजी नहीं करनी पड़े।’
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