नई दिल्ली: जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम का चयन हो चुका है। चयनकर्ताओं का कहना है कि भारतीय टीम के सीनियर खिलाड़ियों को उनके कहने पर आराम करने की अनुमती दी गयी है और युवा खिलाड़ियों वाली टीम को जिम्बाब्वे भेजा रहा है।
इस नई टीम की अगुवाई अजिंक्य रहाणें को सौपी गई है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या अजिंक्य रहाणें की अगुवाई वाली टीम इन इन 5 बड़े सवालो से उबर पाएगी। जाने क्या हैं 5 मुख्य चुनौतियां।
1. क्या उम्मीद पर खरे उतर पाएंगे ये खिलाड़ी:
जिम्बाब्वे दौरे के लिए चुने गए टीम इंडिया के खिलाड़ियों में अधिकांश की उम्र 29 साल से ऊपर है, जिन्हे चयनकर्ता युवा खिलाड़ियों की टीम मान रहे हैं है। इस बात को समझना मुश्किल है कि बोर्ड युवा खिलाड़ियों को खेलने का मौका दे रहा है या फिर यह उन खिलाड़ियों को वापसी करने का मौका दिया जा रहा है जिन्हें पहले नहीं खिलाया गया।
2. विकेट कीपर बड़ा सवाल:
जिम्बाब्वे दौरे के लिए चुनी गई टीम में विकेट कीपिंग कौन करेगा? टीम में तीन बल्लेबाज और तीन विकेट कीपर हैं। जिनके नाम केदार जाधव, रॉबिन उथप्पा, और अंबाती रायडू हैं। ये तीनों खिलाड़ी टीम के लिए विकेट कीपिंग कर सकते हैं। लेकिन चयनकर्ताओं के अनुसार रिद्धिमान साहा, नमन ओझा, और संजू सैमसन जैसे विकेट कीपर अभी तक अपनी जगह स्टार विकेटकीपरों में नहीं बना पाए हैं।
3. अब क्या करेंगे जडेजा:
जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम इंडिया के वनडे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को आराम करने के लिए बैठा दिया गया है, जो कि पहले से ही टेस्ट मैचों को अलविदा कह चुके हैं। धोनी की कप्तानी में ऑलराउंडर जडेजा को बराबर मौका मिलता रहा है। कंधे में चोट लगने की वजह से जडेजा अब पहले की तरह गेंदबाजी भी नहीं कर पा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर जडेजा को भी आराम के लिए बैठा दिया गया है। देखा जाए तो जडेजा का टेस्ट में परफार्मेंस कोई खास नहीं रहा। बड़ा सवाल ये है कि क्या इसके बाद जडेजा को टीम में खेलने का मौका मिलेगा या फिर नहीं अब तो टेस्ट टीम के कप्तान कोहली हैं।
4. क्या है धोनी का इरादा:
वनडे कैप्टन महेंद्र सिंह धेनी का इस मौके पर टीम से आराम लेना कुछ समझ नहीं आ रहा है जबकि धोनी वनडे के स्पेशलिस्ट माने जाते हैं। उन्हें वनडे में कप्तानी करने का महारथ हासिल है। जिम्बाब्वे दौरे पर धोनी का आराम लेना ये बात एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। क्या है धोनी इरादा धोनी ने टीम इंडिया के चयनकर्ताओं से खुद ही आराम मांगा है। धोनी के बिना युवा टीम जिन्बाब्वे में कैसा प्रदर्शन करते हैं ये तो अब क्रीज पर ही पता चलेगा।
5. अजिंक्य रहाणें की कप्तानी:
अजिंक्य रहाणे को जिंम्बाब्वे दौरे के लिए टीम की कमान सौंपी गई है ऐसे में नर्वस होना और उत्साह में आना दोनों आम बात है। बांग्लादेश दौरे पर भी रहाणे को कप्तान एम एस धोनी ने दूसरे और तीसरे वनडे में ड्राप किया था। ऐसे में रहाणे को कप्तानी सौंपा जाना सवाल खड़ा करता है कि कहीं चयनकर्ता धोनी को कुछ और संकेत तो नहीं दे रहे हैं कि अब उनके दबदबे का दौरा खत्म हो गया है।
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