एमसीए को आईपीएल विवाद से जुड़े खिलाडि़यों के नाम की जानकारी नहीं
मुंबई: मुंबई क्रिकेट संघ ''एमसीए'' को दो माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अपने उन दो रणजी खिलाडि़यों के नाम की जानकारी नहीं है जिनमें से एक आईपीएल से संबंधित भ्रष्टाचार के

मुंबई: मुंबई क्रिकेट संघ ''एमसीए'' को दो माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अपने उन दो रणजी खिलाडि़यों के नाम की जानकारी नहीं है जिनमें से एक आईपीएल से संबंधित भ्रष्टाचार के प्रयास का भंडाफोड़ करने वाला और एक कथित भ्रष्टाचार का आरोपी है।
एमसीए के संयुक्त सचिव डा. पीवी शेट्टी ने आज पीटीआई भाषा से कहा, हमें इस मुद्दे पर इंडियन प्रीमयर लीग का आयोजन करने वाले बीसीसीआई से कोई सूचना नहीं मिली है। नहीं, हमने उनसे नहीं पूछा है। उन्होंने या तो इसकी जांच की होगी या अब भी इस मामले पर गौर कर रहे होंगे।
दस अप्रैल 2015 को बीसीसीआई सचिव अनुराग ठाकुर और राजस्थान रायल्स के सीईओ रघु अयर ने भ्रष्टाचार के प्रयास का भंडाफोड़ करने वाले खिलाड़ी की सराहना की थी क्योंकि उसने एक अन्य खिलाड़ी के खेल को भ्रष्ट करने के प्रयास की जानकारी बीसीसीआई की भ्रष्टाचार रोधी और सुरक्षा इकाई :एसीएसयू: को दी थी।
खबरों के अनुसार मुंबई के राजस्थान रायल्स के खिलाड़ी से रणजी टीम के उसके ही साथी ने संपर्क किया था। रणजी टीम का यह साथी रायल्स की टीम का हिस्सा नहीं है और उसने पूर्व निर्धारित तरीके से खेलने के लिए पैसे की पेशकश की थी।
खिलाड़ी ने इस पेशकश से इनकार कर दिया था और इस घटना की जानकारी बीसीसीआई की एसीएसयू को दी थी जिसने घटना की जांच की थी।
आज एक खबर में दावा किया गया कि एसीएसयू को कथित भ्रष्टाचारी की जानकारी देने वाला रायल्स का लेग स्पिनर प्रवीण तांबे था जो मुंबई का रणजी ट्राफी खिलाड़ी भी है।
ठाकुर ने तब प्रेस विग्यप्ति में कहा था, राजस्थान रायल्य टीम के एक खिलाड़ी से संपर्क किया गया जो पेप्सी आईपीएल 2015 में खेल रहा है।
उन्होंने कहा, जिस खिलाड़ी से संपर्क किया गया उसने तुरंत अपने टीम प्रबंधन को इस मामले की जानकारी दी जिन्होंने इस घटना की जानकारी बीसीसीआई की भ्रष्टाचार रोधी इकाई को दी। तथ्यों को स्थापित करने के लिए बीसीसीआई की एसीयू फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
राजस्थान रायल्स के सीईओ रघु अयर ने भी तब बयान में कहा था, एक महीने पहले राजस्थान रायल्स के एक खिलाड़ी से एक अन्य खिलाड़ी : जो आईपीएल का हिस्सा नहीं है : ने इंडियन प्रीमियर लीग 2015 के मैचों को लेकर संपर्क किया ।
उन्होंने कहा , इस खिलाड़ी ने तुरंत राजस्थान रायल्स प्रबंधन को इसकी जानकारी दी । आईपीएल नियमों को ध्यान में रखते हुए राजस्थान रायल्स प्रबंधन ने बीसीसीआई की भ्रष्टाचार निरोधक और सुरक्षा ईकाई को इसके बारे में सूचित किया ।
अयर ने कहा , राजस्थान रायल्स इस घटना की तुरंत जानकारी देने और ईमानदार रवैये के लिये खिलाड़ी की तारीफ करता है ।
उन्होंने कहा कि रायल्स किसी भी तरह के भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा । उन्होंने कहा , राजस्थान रायल्स ने मामले की जानकारी बीसीसीआई के एसीएसयू को दी । रायल्स क्रिकेट को पाक साफ रखने की कवायद में बीसीसीआई की पूरी मदद करेगा ।
उन्होंने कहा , इस घटना से यह भी पता चलता है कि यदि खिलाड़ी और अन्य अधिकारी सहयोग करें और जानकारी प्रदान करें तो खेल को अवांछित तत्वों और गतिविधियों से दूर रखा जा सकता है ।
इस घटना ने 2013 के आईपीएल स्पाट फिक्सिंग प्रकरण की याद ताजा करा दी जिसमें भारत के पूर्व तेज गेंदबाज एस श्रीसंत समेत राजस्थान रायल्स के तीन खिलाडि़यों को गिरफ्तार किया गया था ।
स्पाट फिक्सिंग मामले में एन श्रीनिवासन को भी बीसीसीआई अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ा और उनके दामाद गुरूनाथ मयप्पन को सट्टेबाजी का दोषी पाया गया ।
राजस्थान रायल्स के सह मालिक राज कुंद्रा से भी उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित मुकुल मुद्गल समिति ने पूछताछ की । कुंद्रा अब फ्रेंचाइजी में अपने शेयर बेचने के इच्छुक हैं ।