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पाकिस्तान के 18 साल के बॉलर ने मचा रखा है हंगामा, जाने क्यों

अचानक कहीं से बेनाम और अनजान क्रिकेटर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ला खड़ा करने का पाकिस्तान का इतिहास पुराना है और अब लगता है कि इस फ़ेहरिस्त में 18 साल का लेग स्पिनर शादाब ख़ान भी शामिल होने जा रहा है।

Shadab-Khan- India TV Hindi
Shadab-Khan

अचानक कहीं से बेनाम और अनजान क्रिकेटर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ला खड़ा करने का पाकिस्तान का इतिहास पुराना है और अब लगता है कि इस फ़ेहरिस्त में 18 साल का लेग स्पिनर शादाब ख़ान भी शामिल होने जा रहा है। 

शादाब ने पिछले ही हफ़्ते वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ टी20 सिरीज़ से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया है। इसने सिरीज़ में 10 विकेट लिए और उसे मैन ऑफ़ द सिरीज़ भी घोषित किया गया। 

गुगली शादाब का मुख्य हथियार है— गुगली वो बॉल होती है जो ऑफ़ साइड से लेग की तरफ जाती है जबकि बल्लेबाज़ को लगता है कि बॉल ऑफ़ की तरफ जाएगी।

डॉन के अनुसार शादाब ने कहा, “मुझे मालूम है कि मेरी गुगली मशहूर हो रही है लेकिन मेरे पास सिर्फ़ गुगली ही नही और भी बॉलें हैं। मैं लेग स्पिन और फ़्लिपर पर भी कड़ी मेहनत करता हूं और तीनो ही बॉलें फ़ेंकने में सबसे अच्छा बॉलर बनने की कोशिश कर रहा हूं।”

शादाब पर चयनकर्ताओं की तब नज़र पड़ी जब वह पाकिस्तान सुपर लीग में इस्लामाबाद युनाइटेड की ओर से खेल रहे थे जिसके कप्तान मिस्बाह उल हक़ हैं। शादाब ने लीग मके आठ मैचों में 9 विकेट लिए और तभी सिलैक्टर्स ने उन्हें फ़ौरन वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ टी20 सिरीज़ के लिए रवाना कर दिया।

पाकिस्तान वनडे टीम के कप्तान सरफ़राज़ अहमद का मानना है कि अगर शादाब ऐसे ही प्रगति करता रहा तो वह टेस्ट मैच भी खेल सकता है। 

शादाब का भी कहना है कि अगर उसने और मेहनत की तो उसे और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का मौक़ा मिल सकता है।

शादाब मियांवाली के रहने वाले हैं जहां से इमरान ख़ान और मिस्बाह भी आते हैं। 2010 में शादाब रावलपिंडी शिफ़्ट हो गए जहां से पूर्व फ़ास्ट बॉलर शोएब अख़्तर हैं। शादाब भी पहले फ़ास्ट बॉलर बनना चाहते थे। लेकिन रावलपिंडी में सिद्दीक़ी अकबर क्लब में खेलने के दौरान उनका इरादा बदल गया।

शादाब ने बताया, “जब मैंने क्लब क्रिकेट खेलना शुरु किया तब मैं प़ास्ट बॉलिंग किया करता था लेकिन मेरे क्लब के प्रेसिडेंट ने मुझसे स्पिन बॉलिंग करने को कहा और मैं इस कला पर मेहनत करने लगा।”

क्लब के प्रेसिडेंट सज्जाद अहमद ने बताया कि उन्हें शादाब को देखते ही मेहसूस हो गया था कि उसमें ऊंचे स्तर पर क्रिकेट खेलने की प्रतिभा है। “उसने कड़ी मेहनत की और मुझे पता ता कि उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौक़ा मिलेगा।”

बहुत जल्दी और लोग भी ऐसा सोचने लगे। 2015 में शादाब को पाकिस्तान अंडर-17 टीम में चुना गया और UAE में शादाब ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ चार वनडे मैचों में 10 विकेट लिए।

पिछले साल अंडर-19 विश्व कप में शादाब ने 11 विकेट लिए थे। इसके बाद शादाब को पाकिस्तान ए टीम में जगह मिल गई। शादाब ने अपने पहले फर्स्ट क्लास मैच में पाकिस्तान ए के लिए खेलते हुए श्रीलंका के ख़िलाफ़ 48 रन बनाए और पांच विकेट लिए। इसके बाद ज़िम्बाब्वे ए के ख़िलाफ़ सिरीज़ में उन्होंने 14 विकेट लिए और 132 रन बनाए।

शादाब यूनाइटेड के कोच डीन जोन्स और वसीम अकरम की निगरानी में अपनी कला को निखार रहे हैं। इनके अलावा वह लाहौर में नैशनल क्रिकेट अकादमी में मुश्ताक अहमद से भी इस कला की बारीकियां सीख रहे हैं। 

“मैं पहले क्रीज़ के बाहर से बॉलिंग किया करता था लेकिन बाद में जोंस ने मुझे सिखाया जिससे मुझे बहुत फ़ायदा हुआ।”

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज़ डीन जोंस शादाब से बहुत प्रबावित हैं। “पहली बार जब मैंने और अकरम ने शादाब को नेट्स पर देखा तो हमने एक दूसरे की तरफ देखकर कहा, 'ये लड़का है खरा सोना।'” 

“सिखाने के लिए वह बहुत दिलचस्प खिलाड़ी है और ये मैं पहले भी कह चुका हूं कि भले हो वह 18 साल का लड़का है लेकिन उसका दिमाग़ 30 साल के आदमी वाला है। हो सकता है कि शुरुआती करिअर में उसकी पिटाई हो लेकिन पाकिस्तान को एक ख़ास खिलाड़ी मिल चुका है।”

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