लंदन: इंग्लैंड क्रिकेट टीम के धुरंधर बल्लेबाज जोनाथन ट्रॉट ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। वेस्टइंडीज के साथ हुई टेस्ट सीरीज के ड्रॉ पर संपन्न होने के बाद ट्रॉट काउंटी क्रिकेट में वॉरविकशायर को सेवाएं देंगे। एक समय इंग्लैंड के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रहे ट्रॉट वेस्टइंडीज के साथ टेस्ट सीरीज में सलामी बल्लेबाज की भूमिका में पूरी तरह असफल रहे। ट्रॉट इस सीरीज की छह पारियों में 72 रन ही जुटा सके।
मानसिक तनाव की समस्या से उबरने के बाद क्रिकेट में वापसी करने वाले ट्रॉट ने कैरेबियाई दौरे पर पांच मौकों पर इकाई के अंक में ही अपना विकेट गंवाया।
ट्रॉट का 52 मैचों का टेस्ट करियर बारबाडोस टेस्ट में 0 और 9 के स्कोर के साथ समाप्त हुआ। ट्रॉट ने संन्यास की घोषणा करते हुए कहा, "मेरे लिए यह फैसला लेना कठिन था लेकिन मेरा यह मानना है कि मेरे खेल का स्तर इतना अच्छा नहीं रह गया है कि मैं इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व कर सकूं।"
ट्रॉट ने कहा, "मेरे लिए यह सम्मान की बात है कि मुझे मानसिक तनाव की समस्या के बाद फिर से वापसी का मौका दिया गया, लेकिन मैं इसे भुना नहीं सका। ऐसे में मेरे लिए क्रिकेट को छोड़ने के अलावा और कोई और चारा नहीं बचा था। मैं अपने प्रशंसकों और साथियों का धन्यवाद करना चाहता हूं।"
वर्ष 2009 में द ओवल में आस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट करियर का आगाज करने वाले ट्रॉट ने इंग्लैंड के लिए 52 टेस्ट मैचों में 44.08 के औसत से कुल 3,835 रन बनाए।
उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 226 रहा। ट्रॉट ने अपने करियर में नौ शतक और 19 अर्धशतक लगाए। उनके नाम टेस्ट मैचों में पांच विकेट भी हैं।
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