मुंबई: मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने कहा है कि खिलाड़ी देश की नुमाइंदगी करते हैं जबकि सेना देश की रक्षा करती है। तेंदुलकर ने सोमवार को किताब ‘फोर माइल्स टू फ्रीडम-एस्केप फ्रॉम अ पाकिस्तानी POW कैंप’ के मराठी संस्करण का विमोचन किया। फेथ जॉन्स्टन की यह किताब ग्रुप कैप्टन (रिटायर्ड) दिलीप पारूलकर की आत्मकथा है जिन्होंने पाकिस्तान में युद्धबंदियों के शिविर से भागने की कोशिश की थी।
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मराठी संस्करण वीरभरारी का मीना शेटे संभू ने अनुवाद किया है। इस मौके पर तेंदुलकर ने कहा, ‘सेना के सीनियर्स के साथ एक मंच पर खड़े होना गर्व की बात है। आप जो कुछ भी हमारे लिए करते हैं, उसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद। गोपीचंद, मैं और बाकी खिलाड़ी देश की नुमाइंदगी करते हैं जबकि आप देश की रक्षा करते हैं।’
उन्होंने कहा, ‘मैंने पाकिस्तान में क्रिकेट खेली है और बाकी खिलाड़ी भी पाकिस्तान में खेले हैं, लेकिन कैप्टन पारूलकर की यह पारी सभी खिलाडि़यों को वहां जाकर मैच जीतने के लिए प्रेरित करेगी।’
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