अगर कोई कहे कि डेविड वॉर्नर में कप्तान बनने की काबिलियत नहीं है तो इसपर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। वॉर्नर पिछले एक दशक से ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के नायक बने हुए हैं। उन्होंने अपने बल्ले से टीम को खेल के हर फॉर्मेट में जीत दिलाई। टेस्ट क्रिकेट से लेकर टी20 फॉर्मेट तक, वह लगातार ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाते रहे। 2021 में हुए टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया पहली बार खेल के सबसे छोटे फॉर्मेट में विश्व विजेता बना, जिसे अकेले डेविड वॉर्नर ने मुमकिन बनाया। इन तमाम खूबियों के बावजूद वह कभी कंगारू टीम के कप्तान नहीं बन सके।
वॉर्नर के पास कप्तानी करने की उम्र नहीं
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साल 2018 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन टेस्ट में बॉल टेंपरिंग की घटना में उन्हें शामिल पाया गया था। जांच के बाद इस सलामी बल्लेबाज को कप्तान बनने से आजीवन प्रतिबंधित कर दिया गया था। हालांकि 21 नवंबर को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने अपने कोड ऑफ कंडक्ट में सुधार किया, जिसके बाद वॉर्नर ने अपने बैन को कम करवाने के लिए आवेदन दिया और तमाम विवादों के बीच इसे वापस भी ले लिया। इस पूरे मेलोड्रामा के बाद ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के दिग्गज का कहना है कि बाएं हाथ के इस स्टार ओपन पर लगे लाइफ बैन को हटाना अब बेमतलब हो चुका है।
वॉर्नर की फॉर्म-फिटनेस शानदार
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ऑस्ट्रेलिया के पूर्व महान बल्लेबाज इयान चैपल का मानना है कि कप्तानी को लेकर डेविड वॉर्नर पर लगा आजीवन प्रतिबंध हटाने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि अब कप्तानी की उनकी उम्र निकल चुकी है। वॉर्नर फिलहाल 36 साल के हैं। वह बतौर सलामी बल्लेबाज टीम का हिस्सा हैं। वह लगभग 5 फीट 6 इंच लंबे हैं और पूरी तरह से फिट हैं। आमतौर पर छोटे कद के खिलाड़ी का करियर और उनकी फिटनेस लंबे कद के प्लेयर से अच्छी होती है। अगर फॉर्म दगा न दे तो बल्लेबाज का करियर आमतौर पर लंबा होता रहा है। ऐसे में, उम्र का हवाला देकर उन्हें कप्तानी से खारिज करने की चैपल की दलील कई फैंस के गले से नीचे नहीं उतर सकती।
वॉर्नर बन सकते थे अच्छे कप्तान- चैपल
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चैपल ने कहा कि वॉर्नर को सही समय पर कप्तानी सौंपी गई होती तो वह अच्छे कप्तान होते। उन्होंने चैनल नाइन के ‘वाइड वर्ल्ड आफ स्पोटर्स’ कार्यक्रम में कहा, ‘‘क्रिकेट आस्ट्रेलिया अगर वॉर्नर के कप्तानी करने पर लगा प्रतिबंध हटा भी देता है तो उससे क्या होगा। वॉर्नर को किसी भी आस्ट्रेलियाई टीम का कप्तान तो बनाने नहीं जा रहे। उसकी उम्र निकल चुकी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कप्तान युवा होना चाहिये ताकि मोर्चे से अगुवाई कर सके।’’
वॉर्नर की मौजूदा फॉर्म और फिटनेस को देखें तो वह कम से कम 40 की उम्र तक टीम में बने रह सकते हैं। यानी उन्हें कप्तानी दी जाती है तो वह अगले दो वनडे वर्ल्ड कप और दो टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलियाई टीम की अगुवाई कर सकते हैं। ऐसे में, उन्हें उम्रदराज कहकर कप्तानी की रेस से बाहर करना थोड़ी ज्यादती हो सकती है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया है सबसे बड़ा विलेन!
आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान का मानना है कि वॉर्नर यह प्रतिबंध इसलिये हटवाना चाहते हैं क्योंकि उनकी ख्वाहिश बिग बैश लीग में सिडनी थंडर्स की कप्तानी करने की है। उन्होंने कहा, ‘‘डेविड बीबीएल टीम की कप्तानी करना चाहता है। वह सिडनी थंडर्स के लिए बहुत अच्छा कप्तान रहा है। इसलिये वह प्रतिबंध हटवाना चाहता होगा।’’ इस पूरे मामले पर क्रिकेट आस्ट्रेलिया के रवैये के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेट आस्ट्रेलिया खिलाड़ियों के हित में कुछ नहीं करता है। यह अपने आपको बचाने की कवायद में ही लगा रहता है। यह मामला उसका एक और उदाहरण है।’’ हाल ही में, वॉर्नर के मैनेजर ने भी कहा था कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के दो बड़े अधिकारियों ने स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर को 2018 में बॉल टेंपरिंग के लिए उकसाया था।
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