वूमेन्स एशेज में ऑस्ट्रेलिया से हिसाब बराबर करने की तैयारी में जुटा इंग्लैंड अब अपनी टेस्ट तैयारियों को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठा सकता है। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी ECB वेस्टइंडीज के खिलाफ कैरेबियाई जमीन पर होने वाले महिला टेस्ट को सुनिश्चित करने के लिए आर्थिक मदद देने पर विचार कर रहा है। अगर ऐसा होता है तो यह महिला क्रिकेट में एक बेहद असामान्य कदम होगा।
वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच यह टेस्ट 2027 की शुरुआत में होने वाली मल्टी-फॉर्मेट सीरीज का हिस्सा है। यह मुकाबला इंग्लैंड के ऑस्ट्रेलिया से महिला एशेज वापस हासिल करने के अभियान से पहले खेला जाना है। फिलहाल इस टेस्ट को रद्द करने को लेकर ECB और क्रिकेट वेस्टइंडीज यानी CWI के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है और इंग्लैंड बोर्ड को उम्मीद है कि मुकाबला तय कार्यक्रम के मुताबिक होगा।
आर्थिक संकट से जूझ रहा है वेस्टइंडीज बोर्ड
CWI ने पिछले सप्ताह खर्च कम करने के लिए कई कदमों का ऐलान किया था। इनमें खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट में कटौती भी शामिल है। इससे पहले मार्च में वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के बीच प्रस्तावित वूमेन्स टेस्ट को रद्द कर दिया गया था, हालांकि उस दौरे के ODI और T20 मुकाबले तय शेड्यूल के अनुसार खेले गए थे।
इंग्लैंड और वेस्टइंडीज की पूरी सीरीज में तीन T20 इंटरनेशनल और तीन ODI भी शामिल हैं। यह दौरा अप्रैल और मई 2027 में प्रस्तावित है, हालांकि अभी इसकी तारीख और वेन्यू तय नहीं किए गए हैं। ECB का मानना है कि टेस्ट समेत पूरा दौरा फिलहाल खतरे में नहीं है। ECB के चेयरमैन रिचर्ड थॉम्पसन ने BBC स्पोर्ट से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि टेस्ट मुकाबला जरूर होगा। जब उनसे पूछा गया कि यदि टेस्ट कराने के लिए आर्थिक मदद की जरूरत पड़ी तो क्या ECB आगे आएगा, तो उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति आने पर बोर्ड इस पर विचार करेगा।
कैरेबियाई दौरे पर बढ़ जाता है खर्च
क्रिकेट बोर्डों के बीच सामान्य व्यवस्था के तहत मेजबान बोर्ड मेहमान टीम के यात्रा और रहने समेत लॉजिस्टिक खर्च उठाता है। वेस्टइंडीज में यह खर्च और बढ़ सकता है क्योंकि खिलाड़ियों और स्टाफ को अलग-अलग द्वीपों के बीच हवाई यात्रा करनी पड़ती है। CWI ने पिछले सप्ताह बताया था कि पिछले 15 सालों में घरेलू हवाई यात्रा पर ही 80 मिलियन डॉलर से अधिक खर्च हो चुका है। थॉम्पसन ने पिछले साल इंग्लैंड में जिम्बाब्वे की मेन्स टीम के टेस्ट दौरे का उदाहरण भी दिया, जहां ECB ने मेहमान टीम को टूरिंग फीस का भुगतान किया था। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि वह टेस्ट मुकाबला जरूर हो। यह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि एशेज में महिलाओं का पहला मैच हेडिंग्ले टेस्ट है। इसलिए हमें अच्छी रेड-बॉल तैयारी की जरूरत है।
भारत में भी रेड-बॉल कैंप लगाएगा इंग्लैंड
वूमेन्स एशेज की शुरुआत जून 2027 में हेडिंग्ले में होने वाले इकलौते टेस्ट से होगी। इंग्लैंड इस सीरीज की तैयारी के लिए जनवरी में भारत में 10 दिन का रेड-बॉल ट्रेनिंग कैंप भी आयोजित करेगा। इंग्लैंड ने 2025 की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज दौरे के सभी मुकाबले गंवाने के बाद से सिर्फ एक टेस्ट खेला है। इस साल लॉर्ड्स में भारत के खिलाफ उसे हार का सामना करना पड़ा था। दिलचस्प बात यह है कि इंग्लैंड और वेस्टइंडीज की महिला टीमों के बीच आखिरी टेस्ट 1979 में खेला गया था। वहीं, वेस्टइंडीज की महिला टीम ने अपना पिछला टेस्ट 2004 में पाकिस्तान के खिलाफ खेला था।
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