शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया ने श्रीलंका को फॉलोऑन के लिए मजबूर कर दिया है। ये राहत की बात है। हालांकि मैच के चौथे दिन मंगलवार सुबह एक वक्त ऐसा भी आया, जब कप्तान की जान सांसत में नजर आ रही थी। एक एक रन भारी पड़ रहा था, लेकिन तभी टेस्ट डेब्यू करने वाले सारांश जैन ने टीम के लिए संजीवनी लाने का काम किया। उन्होंने दो विकेट लेकर आखिरकार श्रीलंका की पहली पारी समाप्त कर दी।
पुछल्ले बल्लेबाज टीम इंडिया के लिए बनते रहे हैं टेंशन का सबब
भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे दूसरे और आखिरी टेस्ट मुकाबले का रिजल्ट चाहे जो हो, लेकिन श्रीलंका के पुछल्ले बल्लेाबाजों ने मैच में जान झोंक दी। भारतीय टीम के लिए अक्सर नीचे के क्रम के बल्लेबाज मुसीबत बनते रहे हैं। इससे पहले भी ऐसा ही कुछ देखने के लिए मिला है। श्रीलंका के क्रिकेट के इतिहास में ऐसा दूसरी बार हुआ है, जब नीचे के तीन बल्लेबाजों ने 40 ओवर से ज्यादा की बल्लेबाजी भारत के खिलाफ की हो। हम यहां नंबर आठ से लेकर दस तक बैटिंग करने वाले खिलाड़ियों की बात कर रहे हैं। साल 2010 में जब श्रीलंका की टीम बैटिंग कर रही थी, तब 31.2 ओवर में केवल 87 रन पर 7 विकेट गिर गए थे। लेकिन आखिरी के तीन बल्लेबाजों ने अच्छी बल्लेबाजी की ओर 85.2 ओवर में टीम का स्कोर 267 रन तक पहुंचा दिया था।
साल 2019 के बाद टीम इंडिया का फिर किया गया परेशान
टीम इंडिया के लिए पुछल्ले बल्लेबाज आखिरी बार साल 2019 में मुश्किल लेकर आए थे। तब पुणे में भारत और साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज का मुकाबला खेला जा रहा था। भारत ने साउथ अफ्रीका के पहले सात विकेट केवल 139 रन पर ही गिरा दिए थे। लेकिन आखिरी तीन विकेट गिरने में पसीना छूट गया। साउथ अफ्रीका ने आउट होने से पहली 275 रनों का एक अच्छा स्कोर टांगने में कामयाबी हासिल कर ली थी। ये पुछल्ले बल्लेबाजों का ही काम था कि टीम ने इतने रन बना दिए, नहीं तो एक वक्त 150 का स्कोर भी पार होना मुश्किल दिख रहा था।
एक एक रन पड़ रहा था भारी, तब सारांश जैन ने दो विकेट लेकर पलट दी बाजी
इस बीच जब मैच में चौथे दिन का खेल शुरू हुआ तो श्रीलंका को फॉलोऑन बचाने के लिए 39 रनों की जरूरत थी। टीम इंडिया कोशिश कर रही थी कि जल्द से जल्द दो और विकेट लेकर श्रीलंका की पारी को समाप्त किया जाए, लेकिन सोनल कुछ और ही सोचकर बैठे थे। आते ही जबरदस्त खेल दिखाते हुए उन्होंने अपना शतक पूरा किया। श्रीलंका का आठवां विकेट उस वक्त ही गिर गया था, जब टीम का स्कोर 230 रन था, लेकिन नौवां विकेट 288 रन पर गिरा। इस दौरान चौथे दिन एक एक रन टीम इंडिया पर भारी पड़ रहा था। ऐसा लग रहा था कि श्रीलंका की टीम फॉलोऑन बचा ले जाएगी और मैच फंस जाएगा। तभी टेस्ट डेब्यू करने वाले सारंश जैन ने लाहिरू कुमारा को आउट कर भारत को नौंवी सफलता दिला दी। लेकिन टेंशन अभी कम नहीं हुई थी, क्योंकि सोनल क्रीज पर पैर जमाए हुए थे। 290 के स्कोर पर जैन ने सोनल को आउट कर श्रीलंका की पूरी पारी को समेट दिया। तब जाकर कप्तान शुभमन गिल ने राहत की सांस ली। यानी डेब्यू करने वाले जैन ही गिल के लिए संजीवनी लेकर आए, नहीं तो श्रीलंकाई टीम फॉलोऑन बचाकर मैच भी बचाने की कोशिश कर सकती थी।
भारत ने फिर तोड़ दी श्रीलंका की ओपनिंग पार्टनशिप
इसके बाद जब श्रीलंका की दूसरी पारी का आगाज हुआ तो फिर से पहला विकेट जल्दी गिरा दिया गया। श्रीलंका और भारत के बीच खेले गए टेस्ट पिछले 14 मैचों की 28 पारियों की बात की जाए तो टीम की ओपनिंग पार्टरशिप केवल 289 रनों की हुई है। एक भी बार ये साझेदारी 50 रन से आगे नहीं निकल पाई है। इनका औसत केवल करीब दस रन का रहा है। यानी भारत के लिए सलामी जोड़ी को तोड़ना काफी आसान रहा है।
यह भी पढ़ें
श्रीलंका ने कितनी बार झेला है फॉलोऑन, क्या इसके बाद भी हार जाएगी टीम इंडिया
सोनल दिनुशा ने भारत के खिलाफ लगातार दूसरे टेस्ट में जड़ी सेंचुरी, जयसूर्या और जयवर्धने के क्लब में मारी एंट्री
Latest Cricket News