Shubman Gill: शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया अब ऑस्ट्रेलिया सीरीज में उस मुहाने पर खड़ी है, जहां उसका वनडे सीरीज में सूपड़ा साफ हो सकता है। गिल पहली बार वनडे में भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे हैं। इससे पहले वे टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट में ये काम कर चुके हैं, लेकिन सीरीज हार का सामना पहली बार कर रहे हैं। अभी सीरीज हार का गम खत्म भी नहीं हुआ है और खतरा क्लीन स्विप का मंडराने लगा है। गिल अपनी जिद पर अड़े हुए नजर आते हैं, अगर इसमें सुधार नहीं किया तो संकट और बढ़ जाएगा।
दोनों मैचों में एक ही प्लेइंग इलेवन के साथ उतरे कप्तान गिल
भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले ही मैच में हार का सामना करना पड़ा था। वैसे तो कप्तान शुभमन गिल और टीम मैनेजमेंट ने पहले मैच में अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम उतरी होगी, लेकिन पहले मैच में 7 विकेट से करारी हार मिली। इसके बाद होना तो ये चाहिए था कि जो कमजोर कड़ियां हैं, उन्हें ठीक किया जाता। यानी प्लेइंग इलेवन में कुछ ना कुछ बदलाव किए जाते, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गिल ने अगले मैच में फिर से वही प्लेइंग इलेवन उतार दी और नतीजा सामने है।
कुलदीप यादव को अब तक नहीं मिला प्लेइंग इलेवन में मौका
देश और दुनिया के कई दिग्गज और विशेषज्ञ कह रहे हैं कि कुलदीप यादव को भारत की प्लेइंग इलेवन में जरूर होना चाहिए। लेकिन गिल ने उन्हें किसी भी मैच में उतरने की जरूरत नहीं समझी। भारत दो स्पिनर्स के साथ उतर रहा है, इसमें वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल शामिल हैं। इनकी गेंदबाजी अच्छी है, लेकिन जो काम कुलदीप यादव कर सकते हैं, वो सुंदर और अक्षर नहीं कर पा रहे हैं। चूंकि कुलदीप यादव बल्लेबाजी में कोई उल्लेखनीय योगदान नहीं दे पाते हैं, इसलिए उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिल पा रहा है। एशिया कप के दौरान कुलदीप ने क्या गजब गेंदबाजी की थी, पूरी दुनिया ने इसका नजारा देखा, लेकिन गिल की सोच शायद कुछ और है।
अधिक से अधिक बल्लेबाज चाहते हैं कप्तान शुभमन
कप्तान शुभमन गिल की कोशिश ये होती है कि प्लेइंग इलेवन ऐसी उतारी जाए, जिसमें सभी खिलाड़ी बल्लेबाजी कर पाएं, लेकिन अगर कोई विशेषज्ञ गेंदबाज है, उसे बाहर बिठाना कहां तक उचित है। अधिक से अधिक बल्लेबाज खिलाने का मतलब ये भी है कि कप्तान को अपनी खुद की और बाकी बल्लेबाजों की प्रतिभा पर भरोसा नहीं है। अगर टीम को 10वें और 11वें नंबर तक बल्लेबाजी चाहिए तो इससे समझा जा सकता है कि कप्तान को अपनी टीम पर कितना विश्वास है।
हर्षित राणा को लेकर उठ रहे हैं सवाल
कप्तान गिल ने पहले दोनों मैचों में हर्षित राणा को प्लेइंग इलेवन में मौका दिया, लेकिन वे पूरी तरह से नाकाम रहे। भले ही कह दिया जाए कि राणा ने रन बनाए, लेकिन क्या राणा को सच में रन बनाने के लिए टीम में रखा गया था। अगर ऐसा था तो फिर उनकी जगह एक प्रॉपर बल्लेबाज को ले लिया जाता, हो सकता है कि कुछ और रन बन जाते। अगर टीम के टॉप 6 से सात बल्लेबाज रन नहीं बना पा रहे हैं तो राणा से ये उम्मीद बेमानी सी है। हर्षित राणा को गेंदबाजी के लिए टीम में रखा गया था, लेकिन उन्होंने खूब रन लुटाए और टीम की हार में अपना अहम योगदान दिया।
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