भारतीय क्रिकेट टीम में पिछले कुछ सालों में कई बदलाव देखने को मिले हैं। विराट से लेकर रोहित तक सभी की जिम्मेदारियों में कई बदलाव किए गए हैं। विराट ने इसी साल यानी 2022 में पूरी तरह से टीम की कप्तानी छोड़ दी थी। जिसके बाद बीसीसीआई ने रोहित को तीनों फॉर्मेट का कप्तान बना दिया। उस दौरान विराट कोहली अपने खराब फॉर्म से जुझ रहे थे, लेकिन यह कहना गलत नहीं होगा कि विराट खराब फॉर्म के बावजूद टीम के लिए ठीक ठाक रन बना रहे थे, मगर रोहित शर्मा के कप्तान बनते ही विराट के फॉर्म में तेजी से गिरावट देखने को मिला।
विराट कोहली भारतीय टीम की बल्लेबाजी की अहम कड़ी माने जाते हैं। टीम की हार और जीत विराट के रन बनाने पर काफी ज्यादा निर्भर करती है। अगले साल भारत में वनडे वर्ल्ड कप खेला जाना है। ऐसे में विराट का अच्छा खेलना टीम के लिए बेहद जरूरी है, मगर रोहित की कप्तानी में विराट रन नहीं बना पा रहे हैं। ऐसा हम नहीं बल्कि उनके आंकड़े कह रहे हैं। वनडे क्रिकेट में विराट ने अब तक कुल 6 कप्तानों के अंदर खेला है। रोहित के अलावा सभी की कप्तानी में उनका औसत 50 से ज्यादा का है। वहीं रोहित की कप्तानी में वह 10.42 के औसत से रन बनाते हैं। विराट जब खुद कप्तान थे उस दौरान वह 72.65 की औसत से रन बना रहे थे। इन आंकड़ों को देख ऐसा लगता है कि विराट को रोहित की कप्तानी रास नहीं आ रही है। खबर आगे पढ़ने से पहले एक नजर इन आंकड़ों पर डालें।
वनडे में सभी कप्तानों के अंदर विराट का प्रदर्शन
| कप्तान |
पारियां |
रन |
औसत |
स्ट्राइक रेट |
शतक/अर्धशतक |
| एम एस धोनी |
133 |
5703 |
50.91 |
89.91 |
19/27 |
| विराट कोहली |
91 |
5449 |
72.65 |
98.28 |
21/27 |
| सुरेश रैना |
9 |
367 |
40.77 |
78.92 |
0/4 |
| रोहित शर्मा |
7 |
73 |
10.42 |
70.19 |
0/0 |
| गौतम गंभिर |
6 |
314 |
62.8 |
91.81 |
1/3 |
| वीरेन्द्र सहवाग |
6 |
336 |
67.2 |
91.55 |
2/1 |
| केएल राहुल |
4 |
229 |
57.25 |
94.23 |
1/2 |
विराट के आलावा इन खिलाड़ियों का भी यही हाल
इस लिस्ट में विराट कोहली अकेले नहीं हैं। विराट के अलावा टीम इंडिया में कई खिलाड़ी ऐसे हैं जो रोहित की कप्तानी में अच्छा नहीं खेल पा रहे हैं। बांग्लादेश में खेले जा रहे सीरीज में यह देखने को मिला। रोहित शर्मा दूसरे वनडे में इंजरी के कारण पूरे दौरे से बाहर हो गए। इसके बाद केएल राहुल को टीम का कप्तान बनाया गया। केएल की कप्तानी में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में चेतेश्वर पुजारा, जो पिछले कुछ समय से रन नहीं बना पा रहे थे, उन्होंने दोनों परियों में शानदार खेल खेला। यहां तक की दूसरी पारी में उन्होंने शतक जड़ दिया। शुभमन गिल और इशान किशन ने भी केएल की कप्तानी में अपना पहला शतक जड़ा। कुलदीप यादव जिन्हें रोहित की कप्तानी में मौका नहीं दिया जा रहा था, उन्होंने टीम में वापसी करते ही गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी रंग जमा दिया। कुल मिला कर देखा जाए तो ऐसा लगता है कि रोहित की कप्तानी में खिलाड़ी खुद पर प्रेशर महसूस करते हैं। मैदान पर रोहित कई बार खिलाड़ियों पर चिलाते या उन पर गुस्सा करते नजर आ जाते हैं। रोहित को इन चीजों पर काम करने की जरूरत है।
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