मेड्रिड: स्पेन के बास्केटबाल के स्टार खिलाड़ी पाउ गासोल ने रियो ओलम्पिक खेलों में जीका वायरस के खतरे के प्रति अपनी शंकाओं को जाहिर किया है। गासोल ने साथ ही मच्छरों से जन्मी इस बीमारी के प्रति यूरोप में ज्यादा चिंता न जताए जाने पर काफी हैरानी जताई है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, शिकागो बुल्स के लिए खेलने वाले 35 वर्षीय एनबीए के स्टार गासोल स्पेन की उस बास्केटबाल टीम का हिस्सा हैं जो मौजूदा यूरोपियन चैम्पियंस है और बीजिंग तथा लंदन ओलम्पिक की उप-विजेता रह चुकी है। इस हिसाब से वह रियो में जीका के खतरे के प्रति चिंता जताने वाले स्पेन के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं।
समाचार पत्र 'एल पेस' में प्रकाशित बयान में गासोल ने कहा है कि वह इस बात से काफी हैरान हैं कि यूरोप में केवल कुछ ही लोग जीका वायरस और इसके भयंकर परिणामों को लेकर चिंतित हैं। वह मीडिया में इस खतरे के बारे में कम जानकारी देने और सार्वजनिक तौर पर इस बारे में न के बराबर होने वाली चर्चा को लेकर भी आश्चर्यचकित हैं। गासोल ने इस बात पर भी निराशा जताई कि अन्य देशों से स्पेन में आए जीका बीमारी के मामले यहां इस खतरे के प्रति जागरूकता फैलाने में नाकाम रहे।
स्पेनिश बास्केटबॉल खिलाड़ी ने इस बात को भी दोहराया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने जीका वायरस को 'ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी' करार दिया है। उन्होंने इसका भी जिक्र किया कि इस संबंध में विश्व के 150 विशेषज्ञों ने अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) को पत्र लिखकर रियो में ओलम्पिक खेलों को स्थगित या यहां से स्थानांतरित करने की मांग की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था।