नई दिल्ली: रियो ओलंपिक्स मे पदक जीतने की संभावना वाले खिलाडि़यों को अयोग्य डिक्वालिफाई घोषित करने के लिए साजिश रचे जाने का आरोप लगाते हुए आज राज्यसभा में कांग्रेस के एक सदस्य ने इस बारे में जांच करने की मांग की कि क्या पहलवान नरसिंह यादव तथा दो अन्य खिलाडि़यों को उन्हें बताए बिना प्रतिबंधित दवा मिला हुआ भोजन दिया गया था।
कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि भारतीय खेल प्राधिकरण SAI के रसोईघर में दाल में प्रतिबंधित दवा मिलाई गई थी और इसकी व्यापक जांच की जानी चाहिए ताकि इस मुद्दे की तह तक जाया जा सके। तिवारी ने कहा कि अगर खिलाड़ी ने अनजाने में प्रतिबंधित दवा का सेवन किया है तो उसे प्रतियोगिता के लिए एक मौका दिया जाना चाहिए।
अगर उसने जानबूझकर ऐसा किया है तो उसे सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा है और समय बहुत ही कम होने की वजह से इसका शीघ्र समाधान जरूरी है। उन्होंने कहा कि डोप टेस्ट में पदक जीतने की संभावना वाले तीन तीन खिलाड़ी डिस्क्वालिफाई किए गए हैं और यह चिंताजनक बात है।
उप सभापति पी जे कुरियन ने कहा कि यह प्रासंगिक मुद्दा है और अगर कोई षड्यंत्र हुआ है तो इसकी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व में नरसिंह यादव भारत के लिए पदक जीत चुके हैं। क्या ऐसा खिलाडि़यों को डिक्वालिफाई घोषित करने के लिए साजिश रचा जाना संभव है? संसदीय मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि वह इस बात से सहमत हैं कि यह एक अत्यंत गंभीर मुद्दा है और वह संबद्ध मंत्री को सदन की भावना से अवगत करा देंगे।