रियो डी जेनेरियो: जिमनास्टिक में रियो ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई कर इतिहास रचने रचकर सुर्खियां बटोरने वाली भारतीय महिला जिमनास्ट दीपा करमाकर यहां ओलम्पिक टेस्ट इवेंट में वॉल्ट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है। इस इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाली त्रिपुरा निवासी दीपा पहली भारतीय महिला जिमनास्ट बन गई हैं।
भारत की 22 वर्षीय इस जिमनास्ट ने महिलाओं की वॉल्ट प्रतियोगिता के फाइनल में पहले ही प्रयास में 14.833 अंक हासिल कर लिए, जो शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए पर्याप्त थे। अपने दूसरे प्रयास में दीपा ने 14.566 अंक हासिल किए। ओलम्पिक टेस्ट इवेंट के वॉल्ट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि का हालांकि, ओलम्पिक खेलों में दीपा की आर्टिस्टिक जिमनास्टिक स्पर्धा से कोई लेना-देना नहीं है।
पिछले साल नवम्बर में विश्व चैम्पियनशिप के दौरान ओलम्पिक का टिकट हासिल करने में नाकाम रही दीपा ने रियो डी जेनेरियो में आयोजित हुए टेस्ट इवेंट के महिला वर्ग 'आर्टिस्टिक' प्रतियोगिता के चार में से एक उप-विभाजन में नौंवा स्थान प्राप्त कर रियो 2016 ओलम्पिक का टिकट हासिल कर लिया था।
ग्लासगो में आयोजित हुए 2014 राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने के बाद दीपा ने इतिहास रच दिया था। उल्लेखनीय है कि भारत के लिए अब तक कुल 11 पुरुष जिमनास्ट ओलम्पिक में हिस्सा ले चुके हैं। 1952 में दो, 1956 में तीन और 1964 में छह भारतीय शरीक हुए थे। दीपा ओलम्पिक में हिस्सा लेने वाली पहली भारतीय महिला जिमनास्ट होंगी।