ढाका: भारत और पाकिस्तान की टीमें कल यहां अंडर-18 एशिया कप हाकी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में एक दूसरे के आमने सामने होंगी जिसमें दोनों टीमों के बीच पारपंरिक प्रतिद्वंद्विता मुख्य केंद्र रहेगी। दोनों टीमें इस टूर्नामेंट में पहले भी काफी सफल रही हैं, जिसमें भारत ने 2001 में खिताब जीता था जबकि 2009 में वह पांचवें स्थान पर रहा था। पाकिस्तान भी दो बार टूर्नामेंट में सफल रह चुका है, उसने 2009 में ट्राफी जीती थी जबकि 2011 में कांस्य पदक अपने नाम किया था।
हालांकि इस बार दोनों को विपरीत परिणाम हासिल हुए हैं। पाकिस्तान ने गैरअनुभवी और आसान पूल में आसानी से सेमीफाइनल में प्रवेश किया, उसने चीनी ताइपे को शुरूआती मैच में 6-1 से और अगले मैच में चीन को 6-0 से शिकस्त दी। उन्होंने अपना अंतिम मैच हांगकांग के खिलाफ 14-0 से जीता ओर ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया। भारत को हालांकि टूर्नामेंट के शुरूआती मैच में ही मेजबान बांग्लादेश से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा और टीम 4-5 से हार गयी, हालांकि यह अभी तक खेले गये मैचों में सबसे रोमांचक रहा। लेकिन भारतीय टीम ने इस हार से उबरते हुए ओमान को 11-0 से हराकर खाता खोला।
भारतीय फारवर्ड इबुंगो सिंह कोनजेनगबाम और दिलप्रीत सिंह चार चार गोल कर टूर्नामेंट में शीर्ष फार्म में हैं। पहले मैच में मिली हार की निराशा के बावजूद कप्तान निलाम संजीप जेस और गोलकीपर पंकज कुमार राजक का प्रदर्शन अब तक शानदार रहा। कोच बीजे करियप्पा ने कहा, पारंपरिक प्रतिद्वंद्विता इस मुकाबले को एक अलग रंग दे देगी लेकिन हम इसकी उम्मीद करते हैं। लड़कों का ध्यान मैच पर लगा है। पाकिस्तान का प्रदर्शन अच्छा रहा है इसलिये निश्चित रूप से हमें अपने डिफेंस को मजबूत रखने की जरूरत होगी। वहीं मुझे यह भी लगता है कि उन्होंने अभी तक हमारी जैसी आक्रामक टीम का सामना नहीं किया जिसमें इतनी प्रतिभा मौजूद है इसलिये यह उनके लिये भी कड़ी चुनौती होगी।